श‍िशु को सुलाते समय क‍िन बातों का ख्‍याल रखें?

श‍िशु की नींद के ल‍िए कुछ खास ट‍िप्‍स को फॉलो करके अपने श‍िशु की बेहतर सेहत सुन‍िश्‍च‍ित कर सकते हैं।  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jul 18, 2022Updated at: Jul 18, 2022
श‍िशु को सुलाते समय क‍िन बातों का ख्‍याल रखें?

श‍िशु के बेहतर व‍िकास के ल‍िए अच्‍छी नींद की खास अहम‍ियत है। जो श‍िशु अच्‍छी नींद लेकर सोते हैं, उनमें अन्‍य श‍िशुओं के मुकाबले बेहतर शारीर‍िक और मानस‍िक ग्रोथ होती है। श‍िशु को सुलाते समय कई बातों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। नए माता-प‍िता को कम अनुभव होने के कारण वे बच्‍चे की नींद से जुड़ी बातें नहीं समझ पाते, ज‍िसका बुरा असर श‍िशु की सेहत पर पड़ सकता है। जानें आपको श‍िशु के सोने के दौरान क‍िन बातों का ख्‍याल रखना चाह‍िए और क‍िन गलत‍ियों को करने से बचना चाह‍िए। 

baby sleep tips

1. सोने के संकेतों को समझें  

श‍िशु को अच्छी नींद सुलाने के लिए सबसे जरूरी तो यही है कि आप शिशु को सोने से जुड़े संकेतों को ठीक से समझें। अगर श‍िशु आंखों को मसल रहा है, रो रहा है, परेशान हो रहा है या उबासी ले रहा है, तो ये  संकेत हो सकते हैं कि शिशु सोना चाहता है। जो बच्‍चे ज्‍यादा थके हुए होते हैं, वो च‍िड़च‍िड़ाने लगते हैं। इन लक्षणों के नजर आने पर आप श‍िशु को सुला दें।  

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2. श‍िशु के सुलाने से पहले स्‍तनपान करवाएं 

श‍िशु को सुलाने से पहले ही दूध प‍िला दें। आपको कुछ दिनों तक शिशु के सोने-जागने के टाइम को ट्रैक करके इस बात का पता चल सकता है कि शिशु को किस समय के आसपास नींद आती है।  उसके सोने के समय से पहले आप बच्‍चे को स्‍तनपान करवा देंगे, तो उसकी नींद खराब नहीं होगी। स्‍तनपान करने के बाद श‍िशु अच्‍छी नींद सो पाते हैं। स्‍तनपान के दौरान मां के करीब रहकर श‍िशुओं को अच्‍छी नींद भी आती है।    

3. श‍िशु को शांत वातावरण में सुलाएं 

श‍िशु के नींद के ल‍िए शांत वातावरण जरूरी होता है। ज्‍यादा आवाज या शोर में श‍िशु को अच्‍छी नींद नहीं आएगी और वो उठकर रोने लगेंगे। श‍िशु को पूरी सुरक्षा के साथ सुलाएं। उनके अगल-बगल तक‍िया लगा दें, ताक‍ि श‍िशु नीचे न ग‍िरे।  

4. श‍िशु को सोते समय अकेला न छोड़ें 

कई माता-प‍िता श‍िशु को अकेले सुला देते हैं। शुरुआती दिनों में आपको ऐसा करने से बचना चाह‍िए। कई बार श‍िशु के अलग या दूर सोने के कारण आपको उन्‍हें हो रही समस्‍या का अंदाजा नहीं लगता। जैसे- श‍िशु सोते समय डायपर गीला कर सकते हैं या उन्हें मच्छर अथवा कोई कीट काट सकता है। अगर आप उन्‍हें अलग सुला देंगे, तो आप तुरंत डायपर नहीं बदल पाएंगे। श‍िशु के ज्‍यादा देर गीले डायपर में रहने के कारण संक्रमण या रैशेज की समस्‍या हो सकती है।   

5. श‍िशु को जबरदस्‍ती सुलाने की कोश‍िश न करें 

श‍िशु को जबरदस्‍ती सुलाने की कोश‍िश से बचना चाह‍िए। श‍िशु अपनी उम्र के आधार पर सोते हैं। नवजात श‍िशु एक द‍िन में करीब 16 घंटे सोते हैं। 1 से 6 महीने के श‍िशु 14 से 16 घंटे सोते हैं। वहीं 9 से 12 महीने के श‍िशु, 11 से 13 घंटे सो सकते हैं। आप श‍िशु को एक तय समय पर लेकर सुलाने की कोश‍िश कर सकते हैं, पर उन्‍हें जबरदस्ती सुलाना भी गलत है।  

6. श‍िशु को गंदगी में न सुलाएं 

श‍िशु को सुलाने के ल‍िए आपको हाईजीन को फॉलो करना होगा। श‍िशु को गंदी जगह पर न सुलाएं। श‍िशु को सुलाने वाले बेड को अच्‍छी तरह से साफ करें। इसके अलावा आप मुलायम गद्दे पर ही बच्‍चे को सुलाएं। श‍िशु के आसपास ख‍िड़की हो, तो उसे बंद कर दें। श‍िशु की नींद के समय साफ-सफाई का पूरा ख्‍याल रखने से उसे संक्रमण होने की आशंका घट जाती है। 

इन ट‍िप्‍स को फॉलो करें

  • शि‍शु को सुलाने का रूटीन बनाएं।
  • गहरी नींद सोने के बजाय हल्की झपकी लेने से भी श‍िशु को ऊर्जा म‍िल सकती है इसल‍िए श‍िशु को दोपहर में जरूर सुलाएं।
  • श‍िशु को आरामदायक और ढीले कपड़े पहनाकर सुलाएं।
  • पालतू जानवरों के आसपास श‍िशु को न सुलाएं।
  • श‍िशु के सोते समय डायपर गीला होने पर तुरंत बदल लें।   
  • श‍िशु को ज्‍यादा ढककर न सुलाएं।

इन बातों का ख्‍याल रखकर आप श‍िशु की अच्‍छी नींद सुन‍िश्‍च‍ित कर सकते हैं। अगर श‍िशु की नींद से जुड़ी कोई समस्‍या है, तो आप बाल रोग व‍िशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।   

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