इन भारतीय मसालों में होते हैं कई एंटीऑक्सीडेंट, खाने से मिलते हैं ये फायदे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 09, 2018
Quick Bites

  • ज्यादातर भारतीय मसालों में औषधीय आयुर्वेदिक गुण होते हैं।
  • हल्‍दी में करक्युमिन पाया जाता है जो कैंसररोधी है।
  • मिर्च में मौजूद कैप्‍सेसिन मेटाबॉलिज्म को तेज करता है।

भारतीय खाने दुनिया के अन्य हिस्सों के खाने से ज्यादा पौष्टिक होते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह हैं यहां के खानों में प्रयोग होने वाले भारतीय मसाले। हमारे यहां खाने में प्रयोग होने वाले ज्यादातर मसालों में औषधीय और आयुर्वेदिक गुण होते हैं इसलिए खाने में इन्हें डालने से न सिर्फ खाना स्वादिष्ट और खुश्बूदार बनता है बल्कि ये मसाले कई तरह के रोगों से बचाते भी हैं। आइये आपको बताते हैं भारतीय मसालों के खास औषधीय गुण और इनके फायदे।

हल्दी में करक्युमिन

हल्‍दी लगभग सभी व्‍यंजनों में इस्‍तेमाल की जाती है। हल्‍दी में पाया जाने वाला करक्युमिन नामक तत्‍व कैंसर को फैलने से और टाइप-2 डायबिटीज को रोकने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल से त्‍वचा सम्‍बन्‍धी रोग भी दूर होते हैं। इसके अलावा साथ ही घाव या कटे पर हल्दी लगाने से काफी आराम मिलता है।

मिर्च में कैप्‍सेसिन

मिर्च में मौजूद कैप्‍सेसिन नामक तत्‍व शरीर के मैटाबॉलिज्म को तेज करता है। इससे शरीर की कैलरीज ज्यादा खर्च होने लगती है जिससे शरीर का वजन अधिक बढ़ता नहीं है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सिडेट्स कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं।

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दालचीनी के फायदे

दालचीनी ना सिर्फ खाने का जायका बढ़ाती है, बल्कि टाईप-2 डायबिटीज और ह्वदय रोगों से भी बचाती है। दालचीनी में कैल्शियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। रक्त शर्करा को सन्तुलित करने की प्रभावी औषधि है।

जीरा में एंटीऑक्सीडेंट

जीरा आयरन का बहुत अच्‍छा स्रोत है। इसका सेवन नियमित रूप से करने से खून की कमी को दूर किया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट ट्यूमर को बढ़ने से रोकने में मदद करते है। इसके अलावा जीरे का सेवन बावसीर में भी लाभकारी माना जाता है।

जायफल

जायफल में एंटी-बैक्‍‍टीरियल तत्‍व होने के साथ ही इसमें मिनरल, पोटैशियम, कैल्‍शियम, आयरन और मैगनीशियम भी पाया जाता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढती है। साथ ही जायफल के इस्तेमाल से त्वचा पर पडऩे वाली झाईयों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

अजवायन

अजवायन रुचिकारक एवं पाचक होती है। यह भूख व पाचन शक्ति को बढ़ाकर पेट संबंधी अनेक रोग जैसे- गैस, अपच, कब्ज आदि को दूर करने में सहायक होती है। साथ ही अजवायन डायबिटीज रोगी को फंगल इंफेक्शन से भी बचाती है।

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काली मिर्च

काली मिर्च में पाइपरीन नामक तत्‍व पाया जाता है जो मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है और पाचन तंत्र को ठीक रखता है। इसके सेवन से कब्‍ज नहीं होता और पेट को भी काफी आराम मिलता है। यह वजन कम करने में भी आपकी मदद करती है।

लौंग

लौंग एक गर्म मसाला है जो पाचन तंत्र को ठीक रखता है। दांत दर्द से बचने के लिए लौंग के तेल का इस्‍तेमाल किया जाता है। इस मे मौजूद एंटीसेप्टिक गुणों के कारण इसे बेहतर माउथवॉश भी कहते है। इसके अलावा यह मुहांसों को दूर करने में भी मदद करता है।

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