Chhath 2021: पारंपरिक तरीके से बना ठेकुआ होता है सेहत के लिए फायदेमंद, डायटीशियन से जानें इसके खास गुण

Chhath Puja 2021: छठ पूजा में बनने वाला ठेकुआ का न सिर्फ पारंपरिक महत्व है, बल्कि ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Nov 20, 2020Updated at: Nov 08, 2021
Chhath 2021: पारंपरिक तरीके से बना ठेकुआ होता है सेहत के लिए फायदेमंद, डायटीशियन से जानें इसके खास गुण

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा का विशेष महत्व है। जिस तरह बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश छठ पूजा के लिए प्रसिद्ध है, ठीक उसी तरह छठ पूजा में ठेकुआ प्रसिद्ध है। बिना ठेकुआ छठ पूजा अधूरा है। ठेकुआ को छठ पूजा में विशेष रूप से बनाया जाता है। सूर्य को अर्घ्य देते समय ठेकुआ का प्रसाद होना बहुत ही जरूरी होता है। यह काफी स्वादिष्ट प्रसाद है, स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत की दृष्टि से भी यह हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है। अगर इसे सही तरीके से तैयार किया जाए तो। आइए डायटिशियन एक्सपर्ट से जानते हैं ठेकुआ के बारे में-

क्या कहती हैं डायटीशियन स्वाती बाथवाल

डायटीशियल स्वाती बाथवाल बताती हैं कि छठ पूजा में तैयार किया जाने वाला ठेकुआ सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, अगर इसे ट्रेडिशनल तरीके से बनाया जाए। पहले के समय में लोग ठेकुआ आटे और गुड़ से तैयार करते थे, जो सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन आधुनिकता ने ठेकुए को बनाने का तरीका भी बदल दिया है। कुछ लोग ठेकुआ मैदे और चीनी से तैयार करने लगे हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए अगर आप पूजा में ठेकुआ बना रहे हैं, तो मैदे से तैयार करने के बजाय आटे से बनाएं।

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किस तरह बना ठेकुआ है फायदेमंद

स्वातीकहती हैं कि ठेकुआ को पहले घर में तैयार आटे से बनाया जाता था, जिसमें चीनी बिल्कुल भी नहीं डाली जाती थी। चीनी के बजाय ठेकुए में गुड़ डाला जाता था। इसके अलावा ठेकुआ में सौंफ और नारियल डालते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद हैं। कहीं-कहीं पर ठेकुआ में अदरक मिलाने का चलन है। ठेकुआ छठ पूजा में चढ़ाया जाता है, इसलिए इसे घी में ही तला जाता है। घी सेहत के लिए फायदेमंद है। इस तरह से तैयार ठेकुआ सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आटे और गुड़ से तैयार ठेकुआ खाने से मीठा खाने की क्रेविंग कम होती है। डायबिटीज रोगी भी दिन में 2-3 ठेकुआ खा सकते हैं, इससे उनको किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा।

मैदे से तैयार ठेकुआ है नुकसानदायक

स्वाती ने कहा कि मैदे और चीनी से तैयार ठेकुआ सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। भले ही यह दिखने में आपको अच्छा लगे, लेकिन यह नुकसानदायी हो सकता है। इसके अलावा अगर आप ठेकुए को घी के बजाय रिफाइंड ऑयल में तल रहे हैं, तो यह आपके सेहत को बिगाड़ सकता है। स्वातीकहती हैं कि मैटे से तैयार ठेकुए को खाने से मीठा खाने की क्रेविंग ज्यादा बढ़ती है, जो डायबिटीज जैसी बीमारी को दावत दे सकती है। 

आटे और गुड़ से तैयार ठेकुआ खाने के फायदे

सर्दियों से दे राहत

ट्रेडिशनल तरीके से तैयार ठेकुए में गुड़ डाला जाता है, जो सेहत के लिए अच्छा होता है। डॉक्टर्स सर्दियों में गुड़ खाने की सलाह देते हैं। क्योंकि गुड़ की तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों से राहत दिलाने में हमारी मदद कर सकती है। इसलिए सर्दी में गुड़ से तैयार ठेकुआ आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

एनीमिया से बचाव

गुड़ में आयरन भरपूर रूप से होता है। आयरन एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव करता है। सर्दियों में अगर आप गुड़ खाते हैं, तो आपके शरीर में आयरन की कमी नहीं होगी।

शरीर को देती है एनर्जी

छठ में करीब 36 घंटे तक निर्जला व्रत किया जाता है, जिसकी वजह से व्रत करने वाले का शरीर काफी कमजोर हो सकता है। ऐसे में व्रत करने वाली महिलाएं अगर ठेकुआ का सेवन करती हैं, तो यह उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। ठेकुआ में मौजूद शुगर, उन्हें इंस्टेंट एनर्जी देता है। इससे उनको व्रत के बाद होने वाली कमजोरी महसूस नहीं होती है।

वजन कंट्रोल में फायदेमंद

ट्रेडिशनल तरीके से तैयार ठेकुए में वजन को कंट्रोल करने की क्षमता होती है। दरअसल, गांव में लोग अपने घर में ही गेंहू को पीसकर ठेकुआ तैयार करते हैं, जिसमें फाइबर की अधिकता होती है। अगर आप इस तरह से तैयार ठेकुए का सेवन करते हैं, तो यह वजन कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है। 

अन्य फायदे

  • फेफड़ों के लिए फायदेमंद
  • सांस लेने में परेशानी को करे दूर
  • शरीर में फास्फोरस की कमी होगी दूर
इसके अलावा भी ट्रेडिशनल ठेकुआ खाने के अन्य कई फायदे होते हैं। इसलिए अगर आप छठ पूजा में ठेकुआ तैयार कर रहे हैं, तो ट्रेडिशनल तरीका फॉलो करें। यह आपके लिए ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता है। 
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