बच्चों को बादाम खिलाने के फायदे, आसान तरीके और ज्यादा बादाम खिलाने के नुकसान

बच्चों के लिए बादाम बहुत फायदेमंद माना जाता है। जानें आप बच्चों को किन तरीकों से बादाम खिला सकते हैं और किस उम्र में कितने बादाम खिलाना चाहिए।

Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Jun 16, 2021Updated at: Jun 16, 2021
बच्चों को बादाम खिलाने के फायदे, आसान तरीके और ज्यादा बादाम खिलाने के नुकसान

बच्चों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। विशेष तौर पर उनके खान पान का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है। बच्चों के लिए बादाम काफी फायदेमंद होता है। क्या आप अपने बच्चे को बादाम खिलाते हैं? अगर नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम आपको बच्चों को बादाम खिलाने से होने वाले कुछ फायदों, सही तरीके और अधिक बादाम खिलाने से होने वाले कुछ नुकसान के बारे में भी बताएंगे। दरअसल, बादाम बच्चों के स्वास्थ्य के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। बादाम का ग्लाइसेमिक लोड जीरो होता है। यह बच्चों का पाचन तंत्र मजबूत करने के साथ-साथ उनके ब्रेन डेवलपमेंट और इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है। यही नहीं बादाम बच्चों के दांतों और हड्डियों को भी मजबूत बनाते हैं। हालांकि इसका ज्यादा सेवन कर लेने से बच्चे को एलर्जी, कब्ज़ आदि जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए बच्चों को हमेशा सीमित मात्रा में ही बादाम देने चाहिए। चलिए जानते हैं बच्चों को बादाम खिलाने के कुछ फायदों के बारे में।

1. दिमाग तेज करे, आईक्यू बढ़ाए (Brain Development)

बादाम खाने से बच्चों का आईक्यू लेवल बढ़ता है। इसपर हुए एक शोध में यह पाया गया है कि बादाम का सेवन दिमाग को तेजी से विकसित करने में मदद करता है। बादाम में प्रोटीन होता है, जो ब्रेन सेल्स को रिपेयर करने में मदद करता है। इसके साथ बादाम में विटामिन ई दिमाग के विकास को खास तौर पर बढ़ाता है। इसके ओमेगा 3 फैटी एसिड्स बौद्धिक स्तर बढ़ाते हैं और मैग्नेशियम दिमाग की नसों को मजबूत बनाता है। बादाम न्यूट्रिएंट्स से भरपूर बुद्धि विकसित करने वाला नट्स है। इसे खासतौर पर बच्चों को खिलाना चाहिए।

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2. याद रखने की शक्ति बढ़ाए (Improves Memory Power)


यादाश्त तेज करने के लिए अक्सर बादाम खाने की सलाह दी जाती है। बादाम मेमोरी पावर बढ़ाता है।  खासकर बच्चों की मेमोरी बढ़ाने के लिए बादाम बहुत जरूरी होता है। बादाम में विटामिन ई होता है जो बच्चों का फोकस तेज़ करके उनकी यादाश्त बढ़ता है। इसके विटामिन बी 6 और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स दिमाग को विकसित करते हैं। बादाम एक तरह से ब्रेन फूड होता है।

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3. इम्यूनिटी बढ़ाए (Boosts Immunity)

बादाम खाने से बच्चों का इम्यून सिस्टम काफी मजबूत होता है। बादाम न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं। खासतौर पर बादाम में विटामिन ई की भरपूर मात्रा पाई जाती है। विटामिन ई इम्यून सिस्टम की मजबूती के लिए एक ज़रूरी न्यूट्रिएंट है। यह बच्चों को ब्लड क्लॉटिंग से भी बचाता है। विटामिन ई के साथ-साथ बादाम ने प्रोटीन और आयरन भी पाया जाता है। यही नहीं इसमें अमीनो एसिड्स की भी प्रचुरता होती है जो, इम्यून सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। एक मजबूत शक्तिशाली इम्यून सिस्टम आपके बच्चे को किसी भी बैक्टीरिया वायरस, इंफेक्शन या बीमारी से लड़ने की ताकत देता है। इसलिए बच्चों की डाइट में बादाम शामिल करना बहुत जरूरी होता है।

almonds for babies

4. एनर्जी बूस्टर (Energy Booster)

बादाम एक हेल्दी स्नैक्स होता है। बादाम आपके बच्चों में एनर्जी लेवल बूस्ट करता है। बच्चो में एनर्जी न खत्म हो इसका खास ध्यान रखा जाना चाहिए। एनर्जी लेवल कम होने से बच्चों में जल्दी थकान होने लगती है। बादाम में विटामिन्स की भरपूर मात्रा होती है, जो खाने को एनर्जी में बदलने का काम करती है। मैग्नेशियम रिच बादाम आपके बच्चे की थकान मिटाता है। बादाम आपके बच्चों के एनर्जी लेवल को दिनभर के लिए संतुलित किए रहते हैं।

5. हड्डियों को रखे स्वास्थ्य (Keeps Bone Healthy)

बादाम में कैल्शियम पाया जाता है। कैल्शियम हड्डियों के स्वास्थ के लिए एक बहुत जरूरी न्यूट्रीशन है। अक्सर खेल कूद के बीच बच्चों के चोट लग जाती है। बच्चों में फ्रैक्चर का भी डर लगा रहता है। इसलिए बच्चों की हड्डियां मजबूत बनाए रखने के लिए उन्हें बादाम खिलाना चाहिए। बादाम में कैल्शियम के साथ-साथ मैग्नेशियम, मैंगनीज, कॉपर, जिंक, विटामिन के और प्रोटीन भी पाया जाता है। ये सभी न्यूट्रिएंट्स हड्डियों की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बच्चों को बादाम खिलाने का सही तरीका (Right way to feed Almonds to Children)

बच्चों को बादाम खिलाने का सही समय 6 से 9 महीने के बाद का ही होता है। 6 महीने तक शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए। छोटी उम्र में बच्चों को सबूत बादाम नहीं खिलाना चाहिए। इससे उनके गले में बादाम फंसने का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों को बादाम खिलाने का सबसे सही तरीका बादाम पेस्ट बनाकर खिलाना होता है। बादाम का पाउडर भी बच्चों को खाने में मिलाकर दिया जा सकता है। बच्चों के दांत जब मजबूत हो जाए और उनका शरीर विकसित होने लगे तब उन्हें साबूत बादाम दिया जा सकता है। अगर आपका बच्चा 2 से 3 वर्ष का है तो उसे 3 से 4 बादाम खिला सकते हैं। बच्चों को बादाम खिलाने के कुछ तरीके

how to feed almonds to children

घर पर बादाम का दूध बनाने का तरीका

  • बादाम दूध बनाने के लिए बादाम को रात भर पानी में भिगोएं। अब भिगोए हुए बादाम को पानी के साथ ही मिक्सर में पीस लें। अब इस ग्राइंडेड पेस्ट को muslin cloth यानी मलमल के कपड़े में डालकर बादाम के दूध को अच्छे से निचोड़ लें। आपका हेल्दी बादाम दूध तैयार है।
  • बादाम पाउडर
  • बादाम दूध को निचोड़ते समय कपड़े में जो बादाम का हिस्सा रह जाए उसे सुखाकर और पीसकर आप उससे बादाम पाउडर बना सकते है। बादाम पाउडर बच्चों के लिए हेल्दी और न्यूट्रीशन होता है।

इसके अलावा आप बच्चो को बादाम हलवा, बादाम शेक, बादाम स्मूदी भी खिला सकती हैं। छोटे बच्चों को बादाम खिलाने के लिए उन्हें खीर, दूध, हलवा आदि में बादाम पाउडर मिलाकर दिया जा सकता है।

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बच्चों को ज्यादा बादाम खिलाने के नुकसान (Side Effects of Feeding Almond in Excess)

  • कई बच्चे बादाम से एलर्जिक हो सकते हैं। इसलिए बादाम खाने से पहले इस बात की पुष्टि कर लेना जरूरी होता है कि कहीं बच्चे को बादाम से एलर्जी तो नही है।
  • बादाम अगर ज़्यादा मात्रा में दिया जाए तो इससे पेट खराब हो सकता है। ज्यादा बादाम के सेवन से बच्चों में कब्ज़ की समस्या भी हो सकती है। इसके साथ पेट में जलन भी हो सकती है।
  • बादाम दो तरह के होते है, एक कड़वे बादाम और दूसरा मीठे बादाम। कड़वे बादाम में, हाइड्रोसाइनिक  (hydrocyanic) एसिड होता है। अगर बच्चे कड़वे बादाम ज्यादा मात्रा में खाएं तो इससे टॉक्सीसिटी हो सकती है।

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