पैंक्रियाज (अग्नाशय) की खराबी बनती है डायिबिटीज और पेट के रोगों का कारण, जानें कितना महत्वपूर्ण है ये अंग

पैंक्रियाज (अग्नाशय) पाचनतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर ये अंग ठीक से काम न करे, तो व्यक्ति को डायबिटीज, अपच जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Sep 06, 2021 17:52 IST
पैंक्रियाज (अग्नाशय) की खराबी बनती है डायिबिटीज और पेट के रोगों का कारण, जानें कितना महत्वपूर्ण है ये अंग

पैंक्रियाज या अग्नाशय हमारे पाचनतंत्र का प्रमुख अंग है। पैंक्रियाज भोजन को ऊर्जा (एनर्जी) में बदलता है, जिससे आपके शरीर के अंग काम करते हैं। ये कई तरह के हार्मोन्स और एंजाइम्स का उत्पादन करता है, जिससे आपके लिए भोजन को पचाना संभव हो पाता है। आमतौर पर इसकी लंबाई लगभग 6-8 इंच होती है। पैंक्रियाज शरीर का ब्लड शुगर भी कंट्रोल करते हैं, जिससे व्यक्ति डायबिटीज से बचा रहता है। अगर किसी व्यक्ति का पैक्रियाज खराब हो जाए, तो व्यक्ति को कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण डायबिटीज, पैंक्रियाज का कैंसर, अपच आदि समस्याएं हो सकती हैं।

पैंक्रियाज कहां होता है?

पैंक्रियाज पेट में पायी जाने वाली पाचन तंत्र की एक प्रमुख ग्रंथि है, इसका आकार मछली के जैसा होता है। इसके सिरे का हिस्‍सा बड़ा और पीछे का हिस्‍सा छोटा होता है। यह आहार के पोषक तत्वों को विभाजित करने में मदद करता है। अग्न्याशय का सिर छोटी आंत के प्रारंभ (ड्यूओडेनम) के वक्र में सटकर रहता है। यह ग्‍लूकागॉन और इंसुलिन को रक्‍त के अंदर मुक्‍त करता है।

इसे भी पढ़ें:- ये 10 आदतें आपको बना सकती हैं पैंक्रियाटिक कैंसर का शिकार, जानें क्या हैं लक्षण

पैंक्रियाज के काम

अग्‍नाशय आंतरिक रूप से एंडोक्राइन हार्मोन और बाहरी रूप से एक्सोक्राइन हार्मोन का रिसाव करता है। इसके एन्जाइम पाचन रसों का रिसाव करते हैं जो खाने को आसानी से पचाने के लिए जरूरी है। अग्‍नाशय के हार्मोनों का रिसाव आइलेट कोशिकाओं द्वारा किया जाता हैं जो गुच्छों के रूप में उपस्थित हैं। इसके तीन मुख्‍य कोशिकायें होती हैं।

एल्फा कोशिकाएं जो कि ग्लूकागॉन का रिसाव करती हैं और ग्लूकागॉन रक्त में ग्लूकोज के स्तर को बढ़ाने में सहायता करता है। बीटा कोशिकाएं इंसुलिन का रिसाव करती हैं जो इंसुलिन रक्त ग्लूकोज के स्तरों को कम करने और प्रोटीन निर्माण को बढ़ाने के लिए जिम्‍मेदार हार्मोन है। डेल्टा कोशिकाएं सोमेटोस्टेटिनन का रिसाव करती हैं जो इंसुलिन और ग्लूकागॉन के रिसाव के बीच एक संतुलन बनाए रखता है। इसके बाहरी रिसाव (एक्सोक्राइन) क्रिया में लिपिडों, कार्बोहाइड्रेटों और प्रोटीनों के पाचन में सम्मिलित एन्जाइमों के एक विस्तार का रिसाव भी सम्मिलित है।

इसे भी पढ़ें:- जानिए क्यों मुश्किल है पैंक्रियाज कैंसर की पहचान और क्या हैं शुरुआती लक्षण

पैंक्रियाज से संबंधित समस्‍याएं

अग्‍नाशय अगर सही से काम न करे तो कई प्रकार की समस्‍या हो सकती है। पाचन की समस्‍या, मधुमेह, अग्‍नाशय का कैंसर आदि समस्‍यायें पैंक्रियाज से जुड़ी हैं। पैंक्रियाज के लिए सबसे खतरनाक स्थिति कैंसर की होती है।

पैंक्रियाज को कैसे रखें स्वस्थ

आपका अग्‍नाशय सुचारु तरीके से कार्य करे इसके लिए जरूरी है खानपान का विशेष ध्‍यान रखें। धूम्रपान और शराब के सेवन से इसपर असर पड़ता है, इसलिए धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें, नियमित व्‍यायाम करें। अग्‍नाशय आपके पाचन क्रिया के लिए जिम्‍मेदार प्रमुख ग्रंथियों में से एक है, इसलिए जरूरी है इसका ध्‍यान रखें। अगर पैनक्रियाज संबंधित कोई समस्‍या हो तो चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें।

Read More Articles On Miscellaneous in Hindi

Disclaimer