दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए अपनाएं 6 S फॉर्मूला, एक्सपर्ट से जानें कैसे काम और आराम करता है आपका दिल?

अपने दिल की सही देखभाल करने से पहले जानें इसके काम करने का तरीका और समझें इसे  दुरुस्त रखने का सिंपल सा फॉर्मूला।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Dec 07, 2020 17:59 IST
दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए अपनाएं 6 S फॉर्मूला, एक्सपर्ट से जानें कैसे काम और आराम करता है आपका दिल?

दिल शरीर के सभी जरूरी अंगों में से एक है। दिल जहां शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को सही रखता है, वहीं ये बाकी अंगों को भी स्वस्थ को रखने में मदद करता है। पर क्या आपको पता है कि आप दिल कैसे काम करता और कब ये आराम करता है। इस बारे में हमने  मैक्स सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, साकेत के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विवेक कुमार (Dr. Viveka Kumar) से बात की। डॉ. विवेक कुमार बताते हैं कि आपका दिल शरीर का एक ऐसा अंग है, जो 24 घंटे काम करता है और कभी भी आराम नहीं करता है। हालांकि, अगर आप इसे आराम पहुंचाना चाहते हैं, तो उन रिस्क फेक्टर में कमी लाएं जो कि आपके हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। पर इन जोखिम कारकों को समझने से पहले, आइए सबसे पहले जान लेते हैं कैसे काम करता है हमारा दिल।

insidetipsforhealthyheart

कैसे काम करता है दिल?

आपका हृदय यानी कि आपका दिल सर्कुलेटरी सिस्टम के बीच में आता है, जो जीवन को बनाए रखने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के साथ शरीर की आपूर्ति करता है। दिल में एक डबल-पंप सुविधा है जो, ब्लड को पूरे शरीर में ले जाती है और इसे वापस भी लाती है। हृदय की तीन परतें होती हैं। जैसे कि

  • एपिकार्डियम: यह पतली झिल्ली हृदय की सबसे बाहरी परत है।
  • मायोकार्डियम: यह मोटी परत मांसपेशी है जो शरीर के ऊतकों के माध्यम से रक्त को पंप करने और आगे बढ़ाने का काम करती है।
  • एंडोकार्डियम: अंतरतम परत पतली और चिकनी होती है।

फिर दिल को चार कक्षों में विभाजित किया गया है: दो आर्टिया (atria) और दो वेनट्रिकल्स (ventricles)। इनमें भी नसों और धमनियों के एक जटिल नेटवर्क होता है, जिसके माध्यम से शरीर ब्लड को बाकी अंगों तक पहुंचाता है। तो अगर आसान भाषा में समझें, तो ऐसे काम करता है हमारा दिल :

  • - जैसा ही दिल धड़कता है, यह रक्त वाहिकाओं की एक प्रणाली के माध्यम से रक्त पंप करता है, जिसे सर्कुलेटरी सिस्टम कहा जाता है। 
  • -वाहिकाएं लोचदार, पेशी नलियां होती हैं जो शरीर के हर हिस्से में रक्त ले जाती हैं।
  • - फेफड़ों और पोषक तत्वों से शरीर के ऊतकों तक ताजा ऑक्सीजन ले जाने के अलावा, यह कार्बन डाइऑक्साइड सहित शरीर के अपशिष्ट उत्पादों को भी ऊतकों से दूर ले जाता है। 
  • -दायां आर्टियम  (right atrium) शरीर से ऑक्सीजन की कमी वाले ब्लड को प्राप्त करता है और ट्राइकसपिड वाल्व के माध्यम से इसे दाएं वेंट्रिकल में पंप करता है।
  • - तब दायां वेंट्रिकल (right ventricle) फेफड़े के वाल्व के माध्यम से फेफड़ों तक कम ऑक्सीजन वाला ब्लड पंप करता है।
  • -अब लेफ्ट आर्टियम (left atrium)  फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त ब्लड प्राप्त करता है और इसे माइट्रल वाल्व के माध्यम से बाएं वेंट्रिकल में पंप करता है।
  • -बायां वेंट्रिकल (left ventricle) शरीर के बाकी हिस्सों में बाकी धमनियों के माध्यम से ऑक्सीजन युक्त ब्लड पंप करता है। इस तरीके से ब्लड पूरी बॉडी में सर्कुलेट हो जाता है।

इसे भी पढ़ें : क्यों ज्यादा सुनने में आते हैं बाथरूम में हार्ट अटैक के मामले? जानें इसके 3 बड़े कारण

दिल की बीमारी कब और कहां से शुरू होती है?

औसत दिल 60 और 80 बार प्रति मिनट के बीच धड़कता है, लेकिन यह एक व्यक्ति के हृदय स्वास्थ्य और गतिविधि पर निर्भर करता है। जितने अधिक शारीरिक रूप से स्वस्थ लोग होंगे, उनकी हृदय गति उतनी ही कम होगी और उनका ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ेगा। तेज हार्ट रेट के अलावा कई चीजें और भी हैं, जो आपको ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करके आपको दिल को बीमार बना सकती है।

1. हाई कोलेस्ट्राल

भारत में लगभग 27 प्रतिशत लोग हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल की चिंताजनक स्थिति को उजागर करती है, जिसके कारण लोगों को  हार्ट अटैक या दिल का दौरा जैसे गंभीर स्थितियों को सामना करना पड़ता है। दरअसल  हाई कोलेस्ट्राल होने पर कोलेस्ट्राल ब्लड वेसल्स में जाकर जम जाता है और इसके रास्ते को पतला कर देता है या बॉल्केज पैदा करता है। इससे ब्लड आसानी से सर्कुलेट नहीं हो पाता है और दिल पर इसका प्रेशर आता है। 

2.हाई ब्लड प्रेशर

जब आपके ब्लड वेसल्स पतले हो जाते हैं या जाम होने लगते हैं, तो ये ब्लड के सर्कुलेशन पर अतिरिक्त प्रेशर बनाता है, जिसे आप हाई ब्लड प्रेशर कह सकते हैं। इस दौरान आर्टिज में ब्लड की गति काफी तेज हो जाती है, जो कि दिल में दर्द और हार्ट अटैक का खतरा पैदा करता है।

3. हाई ब्लड शुगर

जब हम एक सुस्त और अन हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करने लगते हैं, तो ये शुगर को बढ़ाने लगता है। दरअसल, अनहेल्दी खाना, मोटापा और सुस्त रूटीन आपको तेजी से डायबिटीज का शिकार बना सकता है। उसके बाद डायबिटीज के बढ़ जाने पर इंसुलिन शुगर पचाना बंद कर देता है और ये शुगर जाकर ब्लड में मिलने लगता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

insidehighbp

4. स्मोकिंग एंड पॉल्यूशन

स्मोकिंग एंड पॉल्यूशन दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को 40 प्रतिशत तक बढ़ा देता है। ऐसे में जरूरी ये है कि आप तंबाकू के सेवन से बचें। साथ ही  पॉल्यूशन को भी स्मोकिंग के समान ही माना गया है। ये दोनों ब्लड में ऑक्सीजन की कमी और अन्य रूकावट पैदा करते हैं, जो कि  दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बनता है।

इसे भी पढ़ें : कार्डियोमायोपैथी के मरीजों को ऐसे करनी चाहिए अपनी देखभाल, स्वस्थ रहने में मिलेगी मदद

अपनाएं 6 S फॉर्मूला

डॉ. विवेक कुमार बताते हैं कि अगर आपको अपने दिल को स्वस्थ रखना है, तो आपको  ये  6 S फॉर्मूला अपनाना चाहिए। इस फॉर्मूले के तरह 

1S: Smoking- स्मोकिंग

डॉ. विवेक बताते हैं कि पहले तो दिल की सुरक्षा के लिए आपको स्मोकिंग छोड़ देनी चाहिए। यानी कि शराब से लेकर हर एक नशीले पदार्थ को छोड़ दें। इससे आपका दिल लंबे समय तक स्वस्थ रहेगा। इससे आपको हाई बीपी और नींद से जुड़े विकारों को भी कम करने में मदद मिलेगी।

2S: Sedentary lifestyle-आलसी लाइफस्टाइल

आलसी लाइफस्टाइल को फॉलो करना आपको धीमे-धीमे मोटापा, डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का शिकीर बना सकती है। इसलिए एक एक्टिव लाइफस्टाइल में रहने की कोशिश करें और लंबे समय तक बैठे रहने से बचें। साथ ही रोज लगभग 45 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।

3S: Salt-नमक

नमक का अधिक सेवन करना शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इससे बीपी हाई होने का डर रहता है। इसलिए नमक के सेवन को सीमित करें। इसके साथ ही ज्यादा तेल, मसाले और अचार जैसी चीजों को खाने से बचें।

4S: Sugar-चीनी

बात चाहे नमक की हो या बहुत अधिक शुगर लेने की आपके लिए जरूरी ये है कि आप इन दोनों की मात्रा को कम करें। शुगर आपके डायबिटीज को अनियंत्रित करके दिल से जुड़ी बीमारियों को खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए कम शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

insideunhealthydiet

5S: Sleep-नींद की कमी

नींद की कमी आपके पूरे शरीर को असंतुलित कर सकती है। जैसे कि अगर आप 6 घंटे से कम सोते हैं, तब भी ये दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। साथ ही अगर आप 8 घंटे से अधिक सोते हैं, तब भी ये दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है।  इसलिए जरूरी है कि आप नियमित तौर पर 8 घंटे की पूरी नींद लें।

6S:Stress-तनाव

तनाव कई बीमारियों का जड़ है। दरअसल, जब तनाव बढ़ता है, तो ये आपके नींद, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर सबको असंतुलित करता है। इसलिए कभी भी ज्यादा स्ट्रेस न लें। 

तो, अगर आपको अपने दिल को दुरुस्त   रखना है, तो एक एक्टिव लाइफ जीएं, हेल्दी खाना खाएं, टाइप पर खाना खाएं और रोज एक्सरसाइज और ध्यान करें। इन सबके साथ दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपने मन और मस्तिष्क दोनों को खुश और दुरुस्त रखें।

Read more articles on Healthy-Diet in Hindi

Disclaimer