Immunity Boosting Tips: आपके इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते हैं ये जरूरी 5 जरूरी पोषक तत्व, जानें स्त्रोत

Immunity Boosting Tips: वायरस से दूर रहने के लिए इन पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें क्योंकि ये हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने का काम करते हैं।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Mar 24, 2020
Immunity Boosting Tips: आपके इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते हैं ये जरूरी 5 जरूरी पोषक तत्व, जानें स्त्रोत

मौजूदा वक्त में इंफेक्शन के बढ़ते खतरे को तो हम नहीं रोक सकते लेकिन एक चीज जो हम कर सकते हैं वह है हेल्दी भोजन। अगर हम संक्रमण का शिकार भी होते हैं तो हमारा इम्यून सिस्टम इससे लड़ने के लिए जिम्मेदार होता है। कई शोध से ये पता चलता है कि पोषण में सुधार हमारे इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करता है। किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों में विटामिन ए, बी, सी, डी, ई और मिनरल आयरन, सेलेनियम और जिंक शामिल हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आप भी वायरस से कहीं न कहीं दूर रहें तो अपनी डाइट में इन पोषक तत्वों को जरूर शामिल करें क्योंकि ये पोषक तत्व हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने का काम करते हैं आपको इनकी आपूर्ति के लिए कुछ चुनिंदा फूड का सेवन करना चाहिए। इस लेख में जानें जरूरी पोषक तत्व और उनके स्त्रोत। 

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विटमिन ए

विटामिन ए त्वचा, श्वसन मार्ग और आंत की कोशिकाओं की संरचना को बनाए रखता है। यह संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और आपके शरीर में रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में काम करता है। अगर संक्रमण से लड़ना एक फुटबॉल गेम की तरह हो, तो विटामिन ए आपकी फॉरवर्ड लाइन होगा। हमें विटामिन ए की आवश्यकता होती है, जो एंटीबॉडी बनाने में मदद करता है। ये एंटी-बॉडी संक्रमण का कारण बनने वाले रोगजनकों को बेअसर करती हैं। विटामिन ए ऑयली फिश, अंडे की जर्दी, पनीर, टोफू, नट्स, बीज, साबुत अनाज और फलियों में पाया जाता है। इसके अलावा, सब्जियों में बीटा-कैरोटीन होता है, जिसे आपका शरीर विटामिन ए में बदल सकता है। बीटा-कैरोटीन हरी पत्तेदार सब्जियों, कद्दू और गाजर  में पाया जाता है।

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बी विटामिंस

शरीर में किसी भी रोगाणु के प्रवेश करने पर बी विटामिन, विशेष रूप से बी 6, बी 9 और बी 12, आपके शरीर की उसके खिलाफ पहली प्रतिक्रिया में योगदान करते हैं। बी विचामिन्स आपके शरीर में नेचुरल किलर कोशिकाओं के उत्पादन और गतिविधि को प्रभावित कर ऐसा करते हैं। मछली विटामिन B6 का एक अच्छा स्रोत है।

बी 6 अनाज, फलियां, हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, नट, मछली, चिकन और मांस में पाया जाता है।

बी 9 (फोलेट) हरी पत्तेदार सब्जियों, फलियां, नट्स और बीजों में प्रचुर मात्रा में होता है और इसे ब्रेड बनाने वाले आटे में मिलाया जाता है।

बी 12 (सियानोकोबलामिन) अंडे, मांस और डेयरी सहित पशु उत्पादों में पाया जाता है, और इसे सोया दूध में भी मिलाया जाता है। 

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विटमिन सी और ई

जब आपका शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा होता है, तो उस अनुभव को ऑक्सीडेटिव तनाव कहा जाता है। ऑक्सीडेटिव तनाव मुक्त कणों के उत्पादन का कारण बनता है, जो कोशिकाओं की दीवारों में छेद कर सकता है। इन छेद के कारण ऊतकों में रिसाव हो सकता है और सूजन बढ़ सकती है। विटामिन सी और विटामिन ई कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं। विटामिन सी भी इस सेलुलर गंदगी को साफ करने में मदद करता है और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विशेष सेल का निर्माण करता है। विटामिन सी के अच्छे स्रोतों में संतरे, नींबू, नीबू, जामुन, कीवीफ्रूट, ब्रोकोली, टमाटर और शिमला मिर्च शामिल हैं। विटामिन ई नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियों, और वनस्पति तेलों में पाया जाता है।

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विटमिन डी

कुछ इम्यून कोशिकाओं को संक्रमण का कारण बनने वाले रोगजनकों को नष्ट करने में मदद करने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है। हालांकि सूरज की रोशनी शरीर को विटामिन डी का उत्पादन करने की अनुमति देती है लेकिन आप अंडे, मछली और कुछ दूध से बने उत्पाद विटामिन डी की आपूर्ति कर सकते हैं। ज्यादातर लोगों को को सिर्फ कुछ ही देर तक बाहर बैठने से विटामिन डी मिल जाता है।  विटामिन डी की कमी वाले लोगों को सप्लीमेंट की आवश्यकता हो सकती है। 25 अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि विटामिन डी सप्लीमेंट गंभीर सांस संबंधी संक्रमण से रक्षा कर सकता है, खासकर उन लोगों में जिनमें इसकी कमी होती है।

आयरन. जिंक, सेलेनियम 

हमें अन्य गतिविधियों के बीच इम्यून कोशिकाओं की वृद्धि के लिए आयरन. जिंक, सेलेनियम की आवश्यकता होती है।  एक तरफ जहां आयरन रोगजनकों को मारने में मुक्त कणों की संख्या को बढ़ाने का काम करता है। वहीं दूसरी तरफ ये रोगजनकों को पहचानने और लक्षित करने के लिए इम्यून  कोशिकाओं के लिए आवश्यक एंजाइम प्रतिक्रियाओं को भी नियंत्रित करता है। जिंक त्वचा और श्लेष्म झिल्ली को टूटने से बचाने में मदद करता है। जिंक और सेलेनियम भी एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाले कुछ नुकसानों को दूर करने में मदद करते हैं। आयरन, मांस, चिकन और मछली में पाया जाता है। शाकाहारी स्रोतों में फलियां, साबुत अनाज, शामिल हैं। वहीं जिंक,  सीप और अन्य सी फूड, मांस, चिकन, सूखे बीन्स और नट्स में पाया जाता है। इसके साथ ही नट्स, मांस, अनाज और मशरूम सेलेनियम के अच्छे खाद्य स्रोत हैं।

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