ज्यादा तनाव से पैदा होता है कॉर्टिसोल हार्मोन, इन 5 तरीकों से घटाएं इसे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 13, 2018
Quick Bites

  • कॉर्टिसोल हार्मोन ज्यादा तनाव के कारण पैदा होता है।
  • कॉर्टिसोल आपको मोटापा और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दे सकता है।
  • कॉर्टिसोल को कंट्रोल करने के लिए आप अपना सकते हैं ये 5 तरीके।

कॉर्टिसोल को स्ट्रेस हार्मोन भी कहते हैं क्योंकि ये हार्मोन तनाव के कारण पैदा होता है। कॉर्टिसोल हमारे शरीर में कई तरह की क्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है मगर इसकी ज्यादा मात्रा शरीर को कई तरह से नुकसान भी पहुंचाती है। जब कभी आप डरते हैं या तनाव लेते हैं, तो आपका एड्रिनल ग्लैंड कॉर्टिसोल का निर्माण शुरू कर देता है। सामान्य से ज्यादा स्ट्रेस हार्मोन यानी कॉर्टिसोल आपको मोटापा और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दे सकता है। इसके कारण आपकी याददाश्त प्रभावित हो सकती है और डायबिटीज भी हो सकता है। आइए आपको बताते हैं कि आप बढ़े हुए कॉर्टिसोल को किस तरह कम कर सकते हैं।

न लें ज्यादा तनाव

ज्यादा तनाव लेना आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। तनाव का कारण जो भी है, उसे ठीक करने की कोशिश करें। ज्यादा तनाव से आपके शरीर में ज्यादा कॉर्टिसोल का निर्माण होता है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है क्योंकि ये कई गंभीर बीमारियां दे सकता है। अपने आप से पूछें कि इस समस्‍या का समाधान करने के लिए आपको क्‍या करने की जरूरत होती है।

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मसाज भी है फायदेमंद

मसाज तनाव को दूर करने का सबसे असरदार तरीका माना जाता है। सही मसाज न केवल आपकी मांसपेशियों को राहत पहुंचाता है, बल्कि आपके नर्वस सिस्‍टम को भी दुरुस्त रखता है। अगर आप तनाव में हैं तो अपने मनपसंद खुश्बू वाले तेल से माथे और सिर पर मसाज करवाएं। इसके अलावा कई बार नहाने से भी तनाव कम होता है। आपको बता दें कि कई बार तनाव के कारण लोगों को भूख बहुत लगती है या अलग-अलग चीजें खाने का मन करता है। ऐसे में आपको अपनी भूख पर नजर रखनी होगी। शरीर की जरूरत से ज्यादा खाना आपके लिए नुकसानदायक होगा।

एक्सरसाइज और योग करें

योगासन से आप अपने शरीर के कॉर्टिसोल हार्मोन्स को कम कर सकते हैं। अगर आप रोज सुबह केवल 30 मिनट योगासन करते हैं, तो आपको कभी भी तनाव, अवसाद या अन्य मानसिक परेशानियां नहीं होंगी। कॉर्टिसोल को कंट्रोल करने के लिए आप एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी ऐसी स्थिति में खतरनाक हो सकती है। इसलिए एक दिन में केवल 30-45 मिनट एक्सरसाइज करें।

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पर्याप्त नींद लें

हमारे शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कितनी देर सोते हैं, कितनी गहरी नींद सोते हैं और कब सोते हैं। अगर आपके शरीर में कॉर्टिसोल की मात्रा बढ़ गई है, तो इसका कारण ये है कि आप ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। इसलिए 24 घंटे में कम से कम 6-7 घंटे की नींद जरूर लें। इससे आपका मू़ड फ्रेश रहेगा। नींद लेते समय यह भी ध्यान रखें कि दिन की नींद शरीर के लिए अच्छी नहीं होती है इसलिए रात में सही समय पर सोएं। इसके अलावा अच्छी नींद के लिए नींद का गहरी होना जरूरी है।

मनपसंद काम करें या पेट्स के साथ खेलें

जब आप अपना मनपसंद काम करते हैं, तो आपके दिमाग को सुकून मिलता है और हैप्पी हार्मोन का उत्सर्जन शुरू हो जाता है। इसलिए फिल्में देखना, गाने सुनना, किताबें पढ़ना, घूमने जाना या खेल खेलना जैसे अपने मनपसंद काम करें, जिससे आपके दिमाग के सुकून मिले और कॉर्टिसोल का स्तर घटे। जानवरों के साथ खेलने से हमारे दिमाग को बहुत सुकून मिलता है। इससे मस्तिष्‍क में ऑक्‍सीटिन, एंडोरफिन्‍स और अन्‍य हीलिंग हॉर्मोन सक्रिय हो जाते हैं। ये हॉर्मोन शरीर के लिए सेल्‍फ हीलिंग का काम करते हैं। इसलिए पालतू जानवरों के साथ खेलना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। तो, जब आपका कोर्टिसोल बढ़े और आप तनावग्रस्‍त महसूस करें, तो अपने पालतू जानवर के साथ वक्‍त बितायें।

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