शरीर ही नहीं, माइंड (मन) के टॉक्सिन्स यानी गंदगी को दूर करना भी है जरूरी, जानें कैसे करें माइंड डिटॉक्स

मन से नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालने और मन की गंदगी (टॉक्सिन्स) को साफ करने के लिए जरूरी है माइंड डिटॉक्स, जानें इसे कैसे करें।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 09, 2020
शरीर ही नहीं, माइंड (मन) के टॉक्सिन्स यानी गंदगी को दूर करना भी है जरूरी, जानें कैसे करें माइंड डिटॉक्स

अगर शरीर में कोई बाहरी तत्व जैसे- वायरस या बैक्टीरिया प्रवेश करता है, तो क्या होता है? आप बीमार पड़ जाते हैं और आपका शरीर सामान्य तरीके से काम नहीं करता है। इसी प्रकार जब आपके मन में गलत विचार या गलत आदतें प्रवेश करती हैं, तो आपका मन भी टॉक्सिन्स या गंदगी से भर जाता है। मन के टॉक्सिक हो जाने के कारण आपको आलस, थकान, शरीर में दर्द जैसी समस्याएं होती हैं और एक प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा आपको घेर लेती है। इसे कुछ लोग "मूड खराब है, फीलिंग लो, अच्छा नहीं लग रहा, मन नहीं लग रहा" जैसे वाक्यों से अक्सर बताते हुए आपको मिल जाएंगे। यही कारण है कि शरीर के साथ-साथ आपको रोजाना अपने मन को भी डिटॉक्स करने की जरूरत पड़ती है। अगर आप भी पिछले कुछ दिनों से काफी नकारात्मक महसूस कर रहे हैं और किसी काम में आपका मन नहीं लगता है या हर समय थके और अलसाये रहते हैं, तो हम आपको बता रहे हैं मन (माइंड) को डिटॉक्स करने के कुछ बेहद आसान टिप्स।

1. खुद के साथ गुजारें थोड़ा वक्त

हमारे दिमाग में सबसे ज्यादा नकारात्मकता दूसरों के कारण आती है। अगर आप दिनभर लोगों से घिरे रहते हैं या किसी न किसी काम में व्यस्त रहते हैं, तो आपकी मस्तिष्क तंत्रिकाओं को आराम करने का बिल्कुल भी समय नहीं मिलता है। स्वस्थ मन और तेज मस्तिष्क के लिए जरूरी है कि आप रोजाना कम से कम 30 मिनट अपने साथ एकांत में बिताएं। इस दौरान आप अपना मनपसंद संगीत सुन सकते हैं, पसंदीदा सीरियल का एक एपिसोड देख सकते हैं या शांति के साथ बस बैठे रह सकते हैं।

2. डायरी लिखें

मन के टॉक्सिन्स को निकालने का सबसे अच्छा तरीका है डायरी लिखना। रोजनाना थोड़ा समय निकालकर आप डायरी लिख सकते हैं। यकीन मानिए अगर आप 24 घंटे में से 10-15 मिनट भी डायरी लिखने के लिए निकाल लेंगे, तो आपकी प्रोडक्टिविटी और पॉजिटिविटी दोनों बढ़ जाएंगे। डायरी में आप अपने दिन की 5 सबसे अच्छी फीलिंग्स लिखें और 5 सबसे खराब बातें लिखें। सप्ताह में एक दिन तय करें, जब आप इन बातों को दोबारा रिवाइज करेंगे। इससे आपको ये समझने में मदद मिलेगी कि आपकी जिंदगी किस दिशा में बढ़ रही है।

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3. गैजेट्स से लें थोड़ा ब्रेक

आजकल लोग अकेले होते हुए अकेले नहीं होते हैं। मोबाइल, लैपटॉप, आईपैड जैसे गैजेट्स पर कुछ न कुछ देखते या स्क्रॉल करते रहने की आदत बहुत सारे लोगों में है। ऐसे में अगर आप अपने आसपास पॉजिटिव एनर्जी चाहते हैं, तो आपको इन आदतों से बाज आना चाहिए। मोबाइल का इस्तेमाल तभी करें, जब बहुत जरूरी हो, जैसे ऑफिस या काम के दौरान। इसके बाद थोड़ा बहुत समय अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को मेनटेन करने और दोस्तों के साथ बातचीत के लिए निकालें। बाकी के समय में फोन को बार-बार न चेक करें।

4. घर में मौजूद लोगों से बात करें

आजकल की सबसे बड़ी विडंबना ये है कि लोग एक ही घर में रहते हुए भी एक दूसरे से बहुत दूर-दूर रहते हैं। आप अपने घर में जिनके भी साथ रहते हैं, चाहे वो आपकी पत्नी, पेरेंट्स, भाई, बहन, प्रेमी कोई भी हो, उसके साथ थोड़ा समय बिताएं और बातें करें। इंटरनेट पर अजनबियों से रिश्ता बढ़ाने के चक्कर में हम अक्सर अपने घर में ही मौजूद सगे रिश्तों से दूरी बना लेते हैं। साइंटिफिक रिसर्च कहती है कि आप घर के सदस्यों से जितना ज्यादा करीब रहते हैं, उतना पॉजिटिव महसूस करते हैं।

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6. काम को टालने की आदत छोड़ें

मन को डिटॉक्स करने के इतने सारे तरीके तो हमने आपको बता दिए। मगर सभी के लिए रोजाना इतना समय निकालना कठिन हो सकता है कि वो अकेले समय बिताएं, परिवार के साथ बैठें या डायरी लिखें। लेकिन अगर आप चाहें तो अपने काम को सही से मैनेज करके इन बातों के लिए आसानी से समय निकाल सकते हैं। अगर आप हर काम तय समय पर करेंगे और काम को टालेंगे नहीं, तो आपका हर काम मैनेज रहेगा। इसके बाद आपके लिए दिन में एक-डेढ़ घंटे निकालना कोई बड़ी बात नहीं है।

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