हर छोटी-मोटी बीमारी से लड़ने और आपको लंबे वक्त तक स्वस्थ रखने में मदद करेंगे ये 5 एंटी-वायरल फूड, जानें फायदे

ऐसी जड़ी-बूटियां, जो आपको छोटी-मोटी बीमारियों और वायरस से लड़ने में तो मदद करती ही हैं और आपको स्वस्थ बनाने का भी काम करती हैं।

 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Apr 27, 2020Updated at: Apr 27, 2020
हर छोटी-मोटी बीमारी से लड़ने और आपको लंबे वक्त तक स्वस्थ रखने में मदद करेंगे ये 5 एंटी-वायरल फूड, जानें फायदे

दुनियाभर में 5000 से अधिक विभिन्न प्रकार के वायरस हैं,  जो लोगों में सामान्य सर्दी, फ्लू, हेपेटाइटिस, मोनोन्यूक्लिओसिस और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। एक वायरस एक छोटा संक्रामक एजेंट होता है, जो केवल एक जीवित कोशिका के अंदर पनपता है और जीवन के सभी रूपों को संक्रमित कर सकता है, जिसमें मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव सभी शामिल हैं। वायरल संक्रमण ज्यादातर मौसमी होते हैं और अक्सर सही उपचार व उचित दवा के साथ इनका इलाज किया जाता है। हालांकि, कुछ जड़ी-बूटियां ऐसी हैं, जिनमें एंटीवायरल गुण होते हैं और इनका सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि ये बदलते मौसम का शिकार होने पर काम में आती हैं। आपके आस-पास मौजूद ये सभी जड़ी-बूटियां वायरस के विकास को रोकती हैं, प्रतिरक्षा प्रणाली यानी की इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करती हैं और शरीर पर बाहरी रोगजनकों यानी की बैक्टीरिया और कीटाणुओं से लड़ने में मदद करती हैं। इस लेख में हम आपको ऐसी कुछ जड़ी-बूटियों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको छोटी-मोटी बीमारियों और वायरस से लड़ने में तो मदद करती ही हैं और आपको स्वस्थ बनाने का भी काम करती हैं। इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है कि इन सुरक्षित और प्रभावी जड़ी-बूटियां का उपयोग करते वक्त जरूरी सावधानियां बरतें। तो आइए जानते हैं कि कौन सी जड़ी-बूटियां आपके लिए बेहद फायदेमंद हैं। 

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ये 5 जड़ी-बूटियां आपको संक्रमण से बचाने में करेंगी मदद 

लहसुन

लहसुन एक सुपरफूड है और इसका उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के लिए दवाएं तैयार करने के लिए किया जाता है। अध्ययन बताते हैं कि लहसुन इन्फ्लूएंजा ए और बी, एचआईवी, एचएसवी -1, वायरल निमोनिया, और राइनोवायरस के खिलाफ प्रभावी हो सकता है। आप सुबह उठकर रोजाना दो लहसुन की कलियां करेंगे तो आपको कई बीमारियों से लड़ने में मदद मिलेगी और आप लंबे वक्त तक स्वस्थ रहेंगे। 

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कपूर का पत्ता यानी की सेज 

टकसाल परिवार की सुगंधित पारंपरिक जड़ी बूटी लंबे समय से वायरल संक्रमण के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। इस जड़ी बूटी के पत्तों और तने में सेफ़िनोलाइड नाम का यौगिक होता है, जिसमें एंटीवायरल गुण होते हैं। इस जड़ी बूटी का सेवन करने का सबसे अच्छा तरीका है सेज के पत्तों की चाय पीना। इसमें सुखदायक और उपचार गुण होते हैं। ये आपको कई बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम से दूर रखने में मदद करते हैं।

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तुलसी

तुलसी में एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो कई वायरल संक्रमणों से लड़ने में मदद कर सकते हैं। एक अध्ययन से पता चला है कि तुलसी में एपिगेनिन और यूरसोलिक एसिड जैसे यौगिक होते हैं, जो दाद, हेपेटाइटिस बी और एंटरोवायरस में प्रभावी माना जाता है। आप बासी मुंह या इन्हें पानी में उबालकर भी पी सकते हैं। ऐसा करने से आपको बंद गले से छुटकारा मिलता है। 

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सौंफ के बीज

सौंफ़ के बीज का मुख्य यौगिक ट्रांस-एनेथोल है, जो हर्पीस वायरस के खिलाफ खासा प्रभावी पाया जाता है। सौंफ के ये छोटे बीज भी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली यानी की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं और शरीर की सूजन को कम करते हैं।

अदरक

अदरक में प्रभावशाली एंटीवायरल, जीवाणुरोधी और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। कई अध्ययनों से पता चलता है कि यह जड़ी बूटी एवियन इन्फ्लूएंजा, आरएसवी और फेलिन कैलीवायरस (एफसीवी) में प्रभावी है। अदरक में जिंजरोल और जिंजेरोन जैसे यौगिक होते हैं जो वायरस के विकास को रोकने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं अदरक की चाय पीने से बंद गले को खोलने और सर्दी व खांसी में भी आराम मिलता है। 

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