मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन को कम करते हैं ये 4 योगासन, जानें तरीका

रजोनिवृत्ति या मोनोपॉज (Menopause) के दौरान महिलाओं के शरीर में प्रजनन हार्मोन में प्राकृतिक रूप से गिरावट आती है, अधिकांश महिलाएं 40-50 वर्ष की उम्र के बीच कभी-भी रजोनिवृत्ति का पड़ाव आ सकता है। रजोनिवृत्ति चक्र एक महिला के जीवन का एक स्वाभाविक औ

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Aug 28, 2019
मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन को कम करते हैं ये 4 योगासन, जानें तरीका

रजोनिवृत्ति या मोनोपॉज (Menopause) यह एक बीमारी या विकार नहीं है और इसे उपचार की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, यह एक महिला के शरीर में एक बड़ा बदलाव है और इसलिए इससे गुजरना मुश्किल भरा भी हो सकता है। रजोनिवृत्ति स्वाभाविक है, लेकिन अध्ययनों से पता चला है कि कुछ जीवनशैली कारक प्रारंभिक रजोनिवृत्ति की शुरुआत को बढ़ा सकते हैं। अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि शारीरिक गतिविधियों से रजोनिवृत्ति के नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने में मदद कर मिल सकती है। आइए यहां हम आपको 5 योगासन बता रहे हैं, जो रजोनिवृत्ति से गुजर रही महिलाओं के लिए फायदेमंद हैं और दर्द को दूर करने में मदद कर सकते हैं। 

सुखासन (Sukhasana)

सुखासन तन और मन दोनों को स्‍वस्‍थ और शांत करने में मदद करता है। यह शरीर को बाकी की दिनचर्या या योग आसन के लिए तैयार करने में मदद करता है। योग करने के दौरान सबसे पहले सुखासन से शुरूआत की जा सकती है, यह सही श्‍वास लेने की प्रक्रिया और नियंत्रण प्राप्त करने में मदद करता है।

  • इस आसन को करने के लिए आप जमीन पर चटाई बिछा लें और पालती मारकर बैठ जाएं। 
  • अपनी पीठ सीधी रखकर बैठें और अपनी आँखें बंद करें। 
  • अब अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें और 3-4 गहरी साँस अंदर और बाहर लें।

ताड़ासन (Mountain Pose or Tadasana)

ताड़ासन शरीर को अच्छी तरह से मांसपेशियों में आवश्यक खिंचाव दे सकता है। तड़ासन में जिस तरह बिल्‍ली अपने शरीर को खिंचाव देती है ठीक उसी प्रकार आपको अपने शरीर को खिंचाव देना होता है, जो काफी राहत भरा होता है। यह आसन पेट और श्रोणि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद करता है, जो रजोनिवृत्ति के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है और हार्मोन को विनियमित करने में भी मदद करता है। ताड़ासन पाचन में सुधार, आपके हैमस्ट्रिंग को मजबूत करने, शरीर को शांत करने और रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत देने में मदद करता है।

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  • इसके लिए आप अपने पैरों को एक साथ रखें और सीधे खड़े रहें। 
  • अब अपने हाथों को सीधा ऊपर की ओर उठाएं और गहरी साँस लेते हुए, अपनी आँखों को बंद करें।  
  • अब धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए, पहले वाली स्थिति पर वापस आ जाएं।

उत्तानासन (Forward Bend Pose)

  • उत्तानासन यानि फॉरवर्ड बेंड पोज को करने के लिए आप सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। 
  • अब आप अपने ऊपरी शरीर को सांस लेते हुए अपने पैर की उंगलियों को छूने के लिए नीचे लाएं। 
  • कुछ देर इसी स्थिति में रूके, ध्‍यान रहे आपके घुटने सीधे हों और फिर साँस छोड़ते हुए शुरुआती मुद्रा में वापस जाएं।

 

 

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सलंब सर्वांगासन (Supported shoulder stand)

रजोनिवृत्ति के पड़ाव से गुजर रही महिलाओं में डिप्रेशन की समस्‍या को दूर करने और शरीर में हार्मोनल परिवर्तन के कारण मूड स्विंग को कम करने में यह आसन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • सलंब सर्वांगासन को करने के लिए आप जमीन पर लेट जाएं और अपने सिर के नीचे एक मुड़ा हुआ कंबल या पतला तकिया रख लें। 
  • अब आप सांस लेते हुए, अपने शोल्‍डर के सहारे अपने शरीर के निचले हिस्‍से यानि कमर और पैरों को जमीन से उठाएं। 
  • शरीर को उठाना जारी रखें और अपने पैरों को इस तरह से बढ़ाएं कि आपके घुटने आपके चेहरे के ठीक सामने हों और अपनी कोहनी को ऐसी स्थिति में रखें जो आरामदायक हो। 
  • अब आप सांस लेते रहें और सुनिश्चित करें कि आपका सिर फर्श से सीधा सटा हुआ हो। 
  • कुछ देर रूकने के बाद धीरे-धीरे पहले वाली स्थिति में वापस आ जाएं और फिर दोबारा दोहराएं।

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