इन योगासनों की मदद से आंखें बनेंगी सुंदर और तेज़

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 05, 2012
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Quick Bites

  • स्वस्थ आंखों के लिए भी आप कुछ आसन योगासनों का सहारा ले सकते हैं।
  • अगर आखों के आस-पास की मांसपेशियां मजबूत हों तो आंखों की रोशनी बढती है।
  • आखों को घुमाते वक्त हथेलियों के मध्य भाग से आंखों को कुछ देर तक ढंककर रखें।
  • कंप्यूटर पर लगातार 8-10 घंटे काम करते वक्त आंखे गडाए रहते हैं उनकी आखों पर नुकसान पहुंचता है।

योग के लाभ से सभी परिचित हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं स्वस्थ आंखों के लिए भी आप कुछ आसन योगासनों का सहारा ले सकते हैं। आंखों के योग अपनाकर आजीवन अपनी दृष्टि को मजबूत बना सकते हैं। निश्चित अंतराल के बाद आंखों की रोशनी अपने-आप कम हो जाती है। आंखों के आसपास की मांपेसियां अपने लचीलेपन को समाप्त कर देती हैं और कठोर हो जाती हैं। लेकिन अगर आखों के आस-पास की मांसपेशियां मजबूत हों तो आंखों की रोशनी बढती है। आंखों और दिमाग के बीच एक गहरा संबंध होता है। दिमाग की 40 प्रतिशत क्षमता आंखों की रोशनी पर निर्भर होती है। जब हम अपनी आंखों को बंद करते हैं तो दिमाग को अपने-आप आराम मिलता है। दुनिया की कुल आबादी की 35 प्रतिशत जनसंख्या निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) और दूरदृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) से ग्रस्त है जिसकी वजह से लोग मोटे-मोटे चश्मों का प्रयोग करते हैं। लेकिन चश्मे का प्रयोग करके आंखों की रोशनी को बढाया नहीं जा सकता है। योगा करके आंखों की रोशनी को कायम रखा जा सकता है।

[इसे भी पढ़ें : आंखों की देखभाल]


काम के दौरान कुछ बातों का ख्याल रखें


  • गर्दन को सीधा रखकर आंखों की पुतलियों को पहले 4-6 बार ऊपर नीचे और फिर दाएं-बाएं घुमाएं। उसके पश्चात 4-6 बार दाएं-बाएं गोलाई में क्लॉकवाइज और एंटी-क्लॉकवाइज घुमाइए।
  • आखों को घुमाते वक्त हथेलियों के मध्य भाग से आंखों को कुछ देर तक ढंककर रखें, इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत बनी रहेंगी।
  • कंप्यूटर पर काम करते वक्त हर 10 मिनट बाद कम से कम 20 फुट दूर जरूर देखें, इससे दूर दृष्टि बनी रहेगी।

[इसे भी पढ़ें : आंखों की सेहत के नुस्‍खे]


आंखों के लिए कुछ योगा



सर्वांगासन :

इस क्रिया को करने के लिए सबसे पहले शवासन में लेट जाइए, दोनों हाथों को जांघों की बगल में तथा हथेलियों को जमीन पर रखें। पैरों को घुटनों से मोडकर ऊपर उठाइए तथा पीठ को कंधों तक उठाइए। दोनों हाथ कमर के नीचे रखकर शरीर के उठे हुए भाग को सहारा दीजिए इस तरह ठुड्डी को छाती से लगाए रखें। अब सांस को रोके नहीं। अब पैरों को घुटनों से मोडते हुए वापस माथे के पास ले आइए। अब हाथों को जमीन पर रखते हुए शरीर और पैरों को धीरे-धीरे शवासन में लाइए। आसन करते समय आंखों को खुला रखें। इस आसन को करने से आंखों की रोशनी तेजी से बढती है। क्रोध और चिडचिडापन भी समाप्त होता है। बच्चों के दिमाग के लिए यह आसन बहुत उपयोगी है।

 

शवासन :

इस आसन को करने के लिए सहज और शांत मन से पीठ के बल लेट जाइए। पैरों को ढीला छोडकर भुजाओं को शरीर से सटाकर बगल में रख लिजिए। शरीर को पूरी तरह से फर्श पर स्थिर हो जाने दीजिए। इस आसन को करने से शरीर की थकान और दबाव कम हो जाएगी। सांस और नाडी की गति सामान्य हो जाएगी। आंखों को आराम मिलता है और रोशनी बढती है।


प्राणायाम :

प्राणायाम पद्मासन और सिद्धासन की मुद्रा में बैठकर किया जाता है। प्राणायम शारीरि‍क और मानसिक दोनों प्रकार की साधनाओं में किया जा सकता है। प्राणायाम करने से दिमाग स्थिर रहता है और आंखों की रोशनी बनी रहती है। प्राणायाम से शरीर और मन दोनों स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं।

 

कई लोग जो कंप्यूटर पर लगातार 8-10 घंटे काम करते वक्त आंखे गडाए रहते हैं उनकी आखों पर नुकसान पहुंचता है। आंखों को आराम देने के लिए केवल नींद लेना ही पर्याप्त नहीं होता है। आंखों में कमजोरी आने की वजह से स्मृति दोष और चिडचिडापन की समस्या आम हो जाती है जिसके लिए आंखों का योगा बहुत जरूरी है।

 

 

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