बिना दवा के हाई ब्लडप्रेशर को कंट्रोल रखते हैं ये आसान उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 04, 2017
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • हाई ब्लडप्रेशर किस कारण से होता हैं, जानें क्या।
  • स्ट्रोक-यानी सेरिब्रल थ्रॉम्बोसिस और ब्रेन हेमरेज आदि।
  • हाई ब्लड प्रेशर का इलाज कई कारणों पर निर्भर करता है।

हाई ब्लडप्रेशर के कारण विभिन्न प्रकार की जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी जटिलताएं अकेले नहीं आती हैं, बल्कि अपने साथ कई अन्य बीमारियां भी साथ लाती हैं। वस्तुत: हाई ब्लडप्रेशर के साथ तमाम लोगों में गंभीर बीमारियां घर कर लेती हैं। जैसे हृदय रोग- कोरोनरी आर्टरी डिजीज, डाइबिटीज, गुर्दा रोग, स्ट्रोक-यानी सेरिब्रल थ्रॉम्बोसिस और ब्रेन हेमरेज आदि। हाई ब्लड प्रेशर का इलाज कई कारणों पर निर्भर करता है। जैसे-

इसे भी पढ़ें : ब्लड प्रेशर को सामान्य करने के लिए तुरंत खाएं ये 1 चीज

-हाई ब्लडप्रेशर का कारण क्या है?

-शरीर का डील-डौल कैसा है?

-शरीर में सूजन है कि नहीं।

-स्ट्रोक की शिकायत है या नहीं।

-हार्ट अटैक हो चुका है या नहीं।

-किडनी या गुर्दा कार्य कर रहा है या नहीं।

-डाइबिटीज है या नहीं।

-गर्भावस्था।

-हार्ट फेल्यर होना।

-धड़कन की शिकायत।

इसे भी पढ़ें : ब्लड प्रेशर को मिनटों में सामान्य करे ‘1 कप’ गुड़हल की चाय

क्या है इसका इलाज

डॉक्टर के परामर्श के बगैर कोई भी दवा किसी के कहने पर या फिर अपने आप न लें। स्वचिकित्सा (सेल्फ मेडिकेशन) से बचें। मौजूदा संदर्भ में दवाओं के जो नाम दिए गए हैं, वे विभिन्न तत्वों से संबंधित हैं। ये तत्व दवाओं के ब्रांड नेम नहीं हैं।

-यदि जवान व्यक्ति को हाई ब्लडप्रेशर हो, तो उसे 'ए सी ई इनहीबिटर्स' दवा दी जाती है।

-यदि वजन अधिक हो, सूजन हो, सांस फूले और हार्ट फेल्यर की समस्या हो, तो डाइयूरेटिक्स यानी पेशाब की मात्रा को बढ़ाने वाली दवा देनी चाहिए।

-हार्ट अटैक के बाद बीटा ब्लॉकर्स दवा अवश्य देनी चाहिए परंतु दमा की शिकायत हो, तो बीटा ब्लॉकर्स नहीं दी जानी चाहिए।

-गुर्दा रोग की शुरुआत हो या डाइबिटीज हो, तो ए सी ई इनहीबिटर्स और 'ए आर बी' दवाएं लें। इनसे गुर्दे सुरक्षित रहते हैं।

-एंजाइना की तकलीफ हो, तो बीटा ब्लॉकर्स देना चाहिए।

-गर्भावस्था में 'ए सी ई इनहीबिटर्स' और 'ए आर बी' नहीं देना चाहिए। ऐसे में एमलोडिपीन अच्छी दवा है।

-हार्ट फेल्यर में डाइयूरेटिक्स ए सी ई (इनहीबिटर्स) और 'ए आर बी ' देना चाहिए।

-सीओपीडी और दमा जैसी सांस से संबंधित बीमारियों में एमलोडिपीन और 'ए सी ई इनहीबिटर्स' अच्छी दवाएं हैं। बीटा ब्लॉकर्स दवा नहीं देना चाहिए।

-डाइबिटीज में एसीई (आई), 'ए आर बी' और एमलोडिपीन दे सकते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On High Blood Pressure

Write Comment Read ReviewDisclaimer Feedback
Is it Helpful Article?YES2167 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर