पुरुषों में क्‍यों बढ़ रहा है ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा, डॉ. मीनू वालिया से जानें कारण और उपचार

महिलाओं के साथ-साथ अब पुरुषों में भी ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा बढ़ रहा है, इसके बारे में विस्‍तार से बता रही हैं कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मीनू वालिया। 

सम्‍पादकीय विभाग
कैंसरWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jan 23, 2020
पुरुषों में क्‍यों बढ़ रहा है ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा, डॉ. मीनू वालिया से जानें कारण और उपचार

स्तन कैंसर या ब्रेस्‍ट कैंसर (Breast Cancer) मुख्य रूप से महिलाओं में होता है, लेकिन यह पुरुषों को भी हो सकता है। 1000 पुरुषों में एक पुरुष को ब्रेस्‍ट कैंसर होने का खतरा रहता है। बहुत से लोगों को इस बात का एहसास नहीं होता कि पुरुषों में भी स्तन ऊतक (Breast Tissue) होते हैं और वे स्तन कैंसर विकसित कर सकते हैं। यह शरीर के लगभग किसी भी हिस्से में कोशिकाएं कैंसर बन सकती हैं और अन्य क्षेत्रों में फैल सकती हैं।

स्तन कैंसर तब शुरू होता है जब स्तन में कोशिकाएं नियंत्रण से बाहर होने लगती हैं। ये कोशिकाएं आमतौर पर एक ट्यूमर बनाती हैं जिसे अक्सर एक्स-रे के माध्‍यम से देखा जा सकता है या एक गांठ के रूप में महसूस किया जा सकता है। 

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की डॉ. मीनू वालिया, (निदेशक, मेडिकल ओंकोलॉजी और हिमाटोलॉजी विभाग) का कहना है कि, "ज्‍यादातर स्‍तन कैंसर महिलाओं में होते हैं मगर एक प्रतिशत कैंसर पुरुषों में भी हो सकता है। पुरुषों में जितने भी कैंसर होते हैं उनमें एक प्रतिशत ब्रेस्‍ट कैंसर होता है।" 

breast cancer in men

कहां से शुरू होता है ब्रेस्‍ट कैंसर? 

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, ब्रेस्‍ट कैंसर की शुरूआत ब्रेस्‍ट के किसी भी हिस्‍से से हो सकती है। ज्‍यादातर स्‍तन कैंसर नलिकाओं (Ducts) से शुरू होते हैं जो दूध को निप्‍पल (डक्टल कैंसर) तक ले जाते हैं। कुछ ग्रंथियों (Glands) में शुरू होता है जो स्तन का दूध (लोब्यूलर कैंसर) बनाते हैं। पुरुषों में ये नलिकाएं और ग्रंथियां होती हैं, भले ही वे सामान्य रूप से एक्टिव न हों। स्तन कैंसर के प्रकार भी हैं जो अन्य प्रकार की स्तन कोशिकाओं में शुरू होते हैं, लेकिन ये आम नहीं हैं।

कैंसर की एक छोटी संख्या स्तनों में अन्य ऊतकों में शुरू होती है। इन कैंसर को सारकोमा और लिम्फोमा (Sarcomas And Lymphomas) कहा जाता है। हालांकि इन्‍हें स्तन कैंसर के रूप में नहीं माना जाता है।

हालांकि कई प्रकार के स्तन कैंसर स्तन में एक गांठ का कारण बन सकते हैं, मगर सभी नहीं। स्तन कैंसर के अन्य कई लक्षण हैं जिनके बारे में अपने डॉक्‍टर को बताना चाहिए और रिपोर्ट करना चाहिए।

यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि अधिकांश स्तन गांठ सौम्य होते हैं न कि कैंसर (घातक)। सौम्य ब्रेस्‍ट ट्यूमर असामान्य वृद्धि हैं, लेकिन वे स्तन के बाहर नहीं फैलते हैं और वे जीवन के लिए खतरा नहीं हैं। किसी भी स्तन गांठ या परिवर्तन की जांच एक्‍सपर्ट द्वारा की जानी चाहिए ताकि यह पता चले कि गांठ सौम्य या घातक (कैंसर) है या नहीं और क्या यह आपके भविष्य के कैंसर के खतरे को प्रभावित कर सकता है। 

पुरुषों में ब्रेस्‍ट कैंसर के कारण- Causes Of Breast Cancer In Men  

डॉ. मीनू वालिया कहती हैं, "पुरुषों में कुछ ऐसे कारण होते हैं, जिससे ब्रेस्‍ट कैंसर ज्‍यादा होता है। कुछ जेनेटिक म्‍यूटेशन होते हैं जिनके कारण पुरुषों को ब्रेस्‍ट कैंसर होते हैं। इसके अलावा अल्‍कोहल का सेवन करना, मोटापा, फिजिकल एक्टिविटी की कमी या जो हॉर्मोन रिप्‍लेसमेंट थेरेपी पर हैं या जिनमें लिवर की खराबी जैसे- क्रॉनिक लिवर डिजीज या सिरोटिक लिवर डिजीज है, ऐसे पुरुषों को ब्रेस्‍ट कैंसर रिस्‍क ज्‍यादा होता है। इसके अलावा कुछ जेनेटिक सिंड्रो होते हैं, जिनमें ब्रेस्‍ट कैंसर का रिस्‍क ज्‍यादा होता है। जिन पुरुषों को बचपन में चेस्‍ट वॉल्‍व की रेडिएशन दी गई है उनमें भी ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा रहता है। पुरुषों तब ब्रेस्‍ट कैंसर का पता चलता है जब गांठ बड़े साइज की हो जाती है।"

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पुरुषों में ब्रेस्‍ट कैंसर के लक्षण और उपचार- Symtoms & Treatment Of Breast Cancer In Men

डॉ. मीनू वालिया के मुताबिक, पुरुषों और महिलाओं में ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज स्‍टेज के अनुसार होता है। हालांकि, पुरुषों और महिलाओं में स्थितियां एक जैसी होती है। पुरुषों में जब स्‍तन कैंसर की गांठ का पता चलता है तब तक उनमें गांठ बढ़ जाती है। इसके अलावा पुरुषों में जागरूकता होनी चाहिए। जब पुरुषों को ये बात पता होगी कि उन्‍हें ब्रेस्‍ट कैंसर हो सकता है तो वह सतर्क रहेंगे। जहां तक ब्रेस्‍ट कैंसर के लक्षणों की बात है तो यह निम्‍नलिखित हैं:

  • ब्रेस्‍ट का साइज बढ़ना (विशेषकर एक तरफ का) 
  • ब्रेस्‍ट में गांठ का बनना 
  • त्‍वचा में किसी तरह का परिवर्तन 
  • स्किन में अल्‍सर या ब्‍लीडिंग होना
  • निप्‍पल में बदलाव या डिस्‍चार्ज होना

स्‍तन कैंसर से बचाव- Breast Cancer Prevention

डॉ. मीनू वालिया कहती हैं, "हम पुरुषों को भी स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट की सलाह देते हैं। 35 वर्ष की आयु के बाद प्रत्‍येक पुरुष को अपने ब्रेस्‍ट का स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट जरूर कराना चाहिए। इसके अलावा हर महीने ब्रेस्‍ट सेल्‍फ एग्‍जामिनेशन और क्लिीनिकल जांच भी जरूर कराना चाहिए। हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल जैसे- सही खानपान, जिसमें फल और सब्जियों की अधिकता हो, रोजाना 1 घंटे एक्‍सरसाइज, योग और मेडिटेशन करना, बुरी आदतों जैसे- तम्‍बाकू, शराब और अन्‍य अस्‍वस्‍थ्‍यकर चीजों से दूर रहना। ये सभी स्‍तन कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।"

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ब्रेस्‍ट कैंसर होने पर क्‍या करें? 

डॉ. मीनू वालिया कहती हैं कि, "अगर किसी व्‍यक्ति में ब्रेस्‍ट कैंसर का पता चला है तो उसे हिम्‍मत रखते हुए एक अच्‍छे एक्‍सपर्ट से मिलने की जरूरत है। जहां कैंसर का सही इलाज होता है, विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार होता है। इसके अलावा सकारात्‍मक नजरिया अपनाते हुए अपना इलाज कराना चाहिए। ब्रेस्‍ट कैंसर का इलाज हो किया जा सकता है।"

इनपुट्स: डॉ. मीनू वालिया, निदेशक, मेडिकल ओंकोलॉजी और हिमाटोलॉजी विभाग, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

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