Testicles Size: अंडकोष छोटे बड़े क्यों होते हैं? जानें अंडकोष का नार्मल साइज

Andkosh Chote Bade Hona: अंडकोष पुरुषों के शरीर का एक अहम अंग होता है। इसका एक नॉर्मल आकार होता है। कई बार अंडकोष छोटे बड़े क्यों होते हैं, जानें

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Aug 24, 2022Updated at: Aug 24, 2022
Testicles Size: अंडकोष छोटे बड़े क्यों होते हैं? जानें अंडकोष का नार्मल साइज

Andkosh Chote Bade Kyon Hote Hain: अंडकोष छोटे बड़े क्यों होते हैं? अंडकोष पुरुष प्रजनन प्रणाली का एक हिस्सा अहम हिस्सा होते हैं। ये अंडकोष की थैली में स्थित दो अंडाकार आकार के अंग होते हैं। अंडकोष टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करते हैं। साथ ही शुक्राणु भी बनाते हैं। अंडकोष का एक सामान्य आकार होता है, जब अंडकोष इससे बड़े या छोटे हो जाते हैं तो हार्मोनल असंतुलन, यौन रोग और बांझपन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लेकिन अधिकतर पुरुषों के मन में सवाल आता है कि आखिर अंडकोष छोटे बड़े क्यों होते हैं? या अंडकोष छोटे बड़े होने का कारण क्या होता है? अंडकोष का नार्मल साइज क्या होता है

testicles normal size

अंडकोष छोटे बड़े क्यों होते हैं?- Andkosh Chote Bade Kyon Hote Hain

अंडकोष बड़े होने का कारण: कई बार पुरुषों में अंडकोष का आकार बढ़ने की समस्या देखने को मिलती है। अंडकोष बढ़ने को मेडिकल टर्म में हाइड्रोसील कहा जाता है। यह समस्या पुरुषों के एक या फिर दोनों अंडकोष में हो सकती है। आपको बता दें कि अंडकोष का आकार तब बढ़ता है, जब इसमें अधिक पानी जमा हो जाता है। अंडकोष में पानी जमा होने पर इसकी थैली फूल जाती है और अंडकोष का आकार बड़ा दिखाई देने लगता है। अंडकोष में तेज दर्द और सूजन हाइड्रोसील के लक्षण माने जाते हैं।

अंडकोष छोटे क्यों होते हैं? पुरुषों में अंडकोष का आकार सिर्फ बड़ा ही नहीं, बल्कि कई बार छोटा भी हो जाता है। अंडकोष छोटा होने के पीछे कुछ स्वास्थ्य स्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं। इसमें सबसे आम हाइपोगोनाडिज्म है। हाइपोगोनाडिज्म अंडकोष के छोटे आकार का एक मुख्य कारण माना जाता है। इस स्थिति में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन नहीं हो पाता है। इसकी वजह से पुरुषों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा अंडकोष छोटा होने का एक कारण (Smaller Testicle Size) वैरिकोसेले भी हो सकता है। वैरिकोसेले की स्थिति में अंडकोष के भीतर उभरी नसें अंडकोष के सिकुड़ने और नरम होने का कारण बन सकती है। ऐसे में अंडकोष का आकार छोटा हो सकता है।

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अंडकोष का नार्मल साइज क्या होता है?- Andkosh ka Normal Size Kitna Hona Chahiye

अंडकोष पुरुषों के शरीर का एक बहुत जरूरी अंग होता है। यह शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करता है। इसलिए अंडकोष का स्वस्थ होना बहुत जरूरी होता है। अंडकोष के स्वास्थ्य का पता इसके साइज से भी लगाया जा सकता है। अंडकोष का नार्मल साइज 4.5 से 5.1 सेंटीमीटर के बीच (Normal Testicle Size in Hindi) होता है। जब अंडकोष का साइज 3.5 से कम होता है, तो इसे अंडकोष का छोटा होना माना जाता है। इस स्थिति में अंडकोष टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन नहीं कर पाता है और शुक्राणु नहीं बना पाता है, जो इन्फर्टिलिटी का कारण बन सकते हैं। 

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