कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान करने में काफी अहम है थर्मोमीटर, जानें कैसे करता है काम

दुनियाभर में तेजी से पैर पसार रहा कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान करने में काफी महत्वपूर्ण है थर्मोमीटर, जानें कैसे करता है काम।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Mar 29, 2020
कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान करने में काफी अहम है थर्मोमीटर, जानें कैसे करता है काम

चीन के वुहान से शुरू हुआ जानलेवा वायरस आज दुनिया के करीब 193 देशों में अपने पैर पसार चुका है। सभी देशों में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में कई देश कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए कोशिशें कर रहे हैं। लेकिन अभी तक कोरोना वायरस को लेकर कोई भी वैक्सीन तैयार नहीं हो पाई है जिससे इसका कहर रोका जा सके। वहीं, भारत में भी कोरोना के खतरे को रोकने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। भारत के करीब 30 राज्यों में लॉकडाउन किया गया है।

कोरोना वायरस जहां एक तरफ लगातार लोगों को अपना शिकार बना रहा है। वहीं, दूसरी तरफ कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को जांचने के लिए थर्मोमीटर गन का सहारा लिया जा रहा है। दुनियाभर में थर्मोमीटर गन की मदद से कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान की जा रही है। बहुत से लोग नहीं जानते होंगे कि थर्मोमीटर क्या है या फिर ये कैसे काम करती है। हम आपको बताएंगे इस मीटर से कैसे कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की पहचान की जाती है। 

thermometer

क्या है थर्मोमीटर? 

थर्मोमीटर एक आम डिवाइस की तरह आपको आसानी से नजर आने लगा होगा। थर्मोमीटर गन का इस्तेमाल शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है। इस गन का इस्तेमाल सबसे पहले साल 2000 में किया था। वैसे तो आप सभी जानते हैं कि शरीर का तापमान जांचने के लिए थर्मामीटर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सार्वजनिक जगहों के लिए ये उपयोगी नहीं होता। इसलिए ऐसी स्थिति और ऐसी जगहों के लिए थर्मोमीटर का इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दें कि थर्मोमीटर गन इंफ्रारेड लाइट के जरिए काम करता है और शरीर के तापमान के बारे में आपको जानकारी देता है। थर्मोमीटर गन किसी भी व्यक्ति के शरीर का तापमान करीब एक फीट की दूसर से भी जांच सकता है। 

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क्यों किया जाता है थर्मोमीटर का इस्तेमाल?

थर्मोमीटर लोगों के शरीर का तापमान जांचने के लिए किया जा रहा है। कोरोना वायरस की पहचान सबसे पहले थर्मोमीटर से ही किया जा रहा है, जिसका तापमान ज्यादा देखा जाता है उसे कोरोना वायरस की अगली जांच के लिए तैयार किया जाता है। यानी आम भाषा में समझा जाए तो थर्मोमीटर से होने वाली जांच या तापमान मांपना कोरोना वायरस की पहली जांच के रूप में की जा रही है। आपको बता दें कि थर्मोमीटर में किसी का भी तापमान अधिक आने का मतलब ये नहीं कि उस व्यक्ति को कोरोना वायरस ही है। इसके बाद कई जांच होती है जिसमें कोरोना वायररस की पुष्टि होती है। 

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ट्रेनिंग भी है जरूरी 

आजकल हर जगह थर्मोमीटर का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन इन्हें इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए ट्रेनिंग भी जरूरी है। ट्रेनिंग इसलिए जरूरी हो जाती है क्योंकि सबसे पहले इस मीटर को कितनी दूर से इस्तेमाल करना चाहिए और कितना तापमान संक्रमण का इशारा करता है इसकी सही जानकारी होना जरूरी है। इसके साथ ही ये कि इस मशीन का इस्तेमाल कितनी देर तक करना सही है। 

 

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