मिर्गी के दौरे क्‍यों आते हैं, आसान भाषा में जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव

Epilepsy Treatment: मिर्गी एक तंत्रिका संबंधी विकार है। इसके होने की कई वजह हैं। आइए इस लेख में मिर्गी के बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

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अन्य़ बीमारियांWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Feb 11, 2019
मिर्गी के दौरे क्‍यों आते हैं, आसान भाषा में जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव

What Is Epilepsy In Hindi: मिर्गी को सीजर डिजीज यानी जब्ती विकार भी कहा जाता है। इसे दौरा पड़ना भी कहते हैं। यह एक न्यूरोलॉजिकल (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र) विकार है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधि असामान्य हो जाती है, जिससे दौरे या असामान्य व्यवहार, संवेदनाएं और कभी-कभी जागरूकता की कमी हो जाती है। यह रोग किसी में विकास कर सकता है। मिर्गी पुरुष और महिलाओं, सभी को प्रभावित कर सकता है। मिर्गी किसी भी पृष्‍ठभूमि और उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है।

मिर्गी के लक्षण बहुत ही व्‍यापक हो सकते हैं। मिर्गी का झटका जब आता है तो इससे पीड़ित कुछ लोग बस कुछ सेकंड के दौरान कुछ सेकंड के लिए केवल घूरते हैं, जबकि कुछ लोग बार-बार अपने हाथ या पैर को घुमाते हैं। हालांकि दौरा पड़ना यह बिल्‍कुल नहीं है कि आपको मिर्गी है। आमतौर पर कम से कम दो बार दौरा पड़ना आवश्‍यक होता है तभी इसका निदान किया जा सकता है।

दवाओं के साथ उपचार या कभी-कभी सर्जरी मिर्गी से ग्रसित अधिकांश लोगों में दौरे को नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ लोगों को दौरे को नियंत्रित करने के लिए आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है। मिर्गी से पीड़ित कुछ बच्चे उम्र के साथ स्थिति को बढ़ा सकते हैं।

मिर्गी के प्रकार- Types Of Epilepsy In Hindi

दौरों के आधार पर मिर्गी 3 प्रकार की होती है, जो मस्तिष्‍क के अलग-अलग हिस्‍सों पर निर्भर करती है। 

1: आंशिक दौरा- इस प्रकार के दौरे में मरीज में या तो समझ होती है या फिर उसमें चेतना की कमी आ जाती है।   

2: सामान्‍यीकृत दौरा- ये दौरा तब आता है जब मस्तिष्‍क के दोनों हिस्‍सों में मिर्गी संबंधी गतिविधि होती है, दौरा बढ़ने की स्थिति में व्‍यक्ति अपनी चेतना खो देता है।    

3: माध्‍यमिक सामान्‍यीकृत दौरा-  ये दौरा तब पड़ता है जब‍ मिर्गी संबंधी गतिविधि आंशिक दौरे के रूप में शुरू होती है, लेकिन बाद में यह मस्तिष्‍क के दोनों हिस्‍सों में फैल जाती है। दौरा बढ़ने पर चेतना की कमी आ जाती है। 

मिर्गी के लक्षण- Epilepsy Symptoms In Hindi 

मिर्गी, मस्तिष्क में असामान्य गतिविधि के कारण होती है, दौरे आपके मस्तिष्क के किसी भी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। दौरे के संकेत और लक्षण क्‍या हैं जानें? 

  • स्‍वाद, गंध, दृष्टि, सुनने या स्‍पर्श इंद्रियों में बदलाव 
  • चक्‍कर आना 
  • अस्‍थाई भ्रम की स्थिति।  
  • कुछ सेकंड के लिए घूरते रहना।  
  • पैरों और हाथों को झटकना, जो कि नियंत्रण से बाहर हो। 
  • समझ की कमी 
  • मानसिक लक्षण, जैसे- डर और चिंता। 
  • मांसपेशियों में अकड़न पैदा होना। 

मिर्गी के लक्षण दौरे पर निर्भर होते हैं। ज्यादातर मामलों में, मिर्गी वाले व्यक्ति को हर बार एक ही प्रकार के दौरे आते हैं, इसलिए लक्षण हर दौरे में समान होते हैं। 

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मिर्गी के कारण- Causes Of Epilepsy In Hindi

  • जेटिक प्रभाव एक प्रमुख कारण है। अगर परिवार में कोई इस विकार से ग्रसित रहा है तो पीढ़ी दर पीढ़ी यह रोग गति कर सकता है। 
  • किसी दुर्घटना में सिर में लगी चोट भी मिर्गी की वजह बन सकता है। 
  • ब्रेन ट्यूमर या स्‍ट्रोक के रूप में पहुंची क्षति भी मिर्गी का कारण बन सकती है।
  • संक्रामक रोगों, जैसे मेनिन्‍जाइटिस, वायरल, एड्स आदि रोग मिर्गी की प्रमुख वजह हैं। 
  • जन्‍म से पहले (जब बच्‍चा गर्भ में होता है) सिर में लगी चोट भी मिर्गी की प्रमुख वजह बन सकती है। 
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मिर्गी से बचाव- Epilepsy Prevention Tips In Hindi

  • सीट बेल्ट्स बांधना और साइकिल चलाते समय हेलमेट पहनना, बच्चों को कार की सीट पर अच्छे से बैठाना और सिर में चोट व अन्य आघातों से बचाव करने वाले उपायों को अपनाकर मिर्गी के कई मामलों में नुकसान को रोका जा सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप और संक्रमण के उपचार सहित जन्म से पूर्व की जाने वाली देखभाल द्वारा विकसित हो रहे बच्चे में मस्तिष्क क्षति को रोका जा सकता है, जो बाद में मिर्गी और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का कारण बन सकता है।
  • हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, संक्रमण और अन्य विकार जो कि प्रौढ़ता और बुढ़ापे में मस्तिष्क को प्रभावित कर सकते हैं, इनका उपचार करके मिर्गी के कई मामलों को रोका जा सकता है। अंत में कई न्यूरोलॉजिकल विकारों के जीन की पहचान करने से जेनेटिक स्क्रीनिंग और जन्म के पूर्व निदान के अवसर मिल सकते हैं, जो अंततः मिर्गी के कई मामलों को रोक सकते हैं।
  • अपने तनाव, चिंता या अन्य भावनात्मक मुद्दों के साथ निपटना। 
  • अल्कोहल या नशीली दवाओं का अत्यधिक सेवन या शराब व नशीली दवाओं को छोड़ने की प्रक्रिया। 
  • नींद के कार्यक्रम में परिवर्तन या पर्याप्त एवं अच्छी नींद लेना।
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