अनियमित जीवनशैली भी है दिल की बीमारी का कारण, जानें कैसे आता है हार्ट अटैक

दिल हमारे शरीर का एक छोटा सा हिस्सा है मगर बहुत महत्वपूर्ण है। हार्ट अटैक वो है जिसमें किसी ब्लॉकेज के कारण दिल को खून नहीं मिल पाता है। सीने में होने

Vishal Singh
हृदय स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Vishal SinghPublished at: Sep 28, 2018
अनियमित जीवनशैली भी है दिल की बीमारी का कारण, जानें कैसे आता है हार्ट अटैक

भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अनियमित डाइट और जीवनशैली से कई तरह की बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है। उन्हीं गंभीर बीमारियों में से एक है दिल की बीमारी। अनियमित जीवनशैली और अनहेल्दी डाइट के कारण सबसे ज्यादा फर्क हमारे दिल को ही पड़ता है। पिछले कई सालों में दिल के मरीजों की तादात लगातार बढ़ती ही जा रही है। दिल की बीमारियों को इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि ये कई बार इंसान को संभलने तक का मौका नहीं देती हैं और जान चली जाती है। ऐसे में जरूरी है कि हमें अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए अपने दिल का ख्याल भी बहुत बारिकी से रखना पड़ता है। कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें पता ही नहीं होता कि उन्हें दिल की बीमारी शुरू हो गई है। ऐसे में आपको भी दिल से जुड़ी सभी जानकारी रखनी जरूरी है। 

वैसे तो दिल हमारे शरीर का बहुत छोटा सा हिस्सा है, लेकिन इसमें ही हमारी जान बसती है। इसके रुक जाने पर हमारी सांसें भी रुक जाती है और हमारी मौत हो जाती है। इसलिए दिल का स्वस्थ होना बहुत जरूरी होता है। ये हमारे शरीर में बह रहे खून को अपने अंदर भरता है और फिर बाहर निकाल देता है। इंसान की सांसे शुरू होने से इंसान की सांस रुकने तक इस दिल का यही इतना काम है। अगर दिल के इन कामों में कोई भी परेशानी आती है तो इसका मतलब दिल की बीमारी की शुरूआत हो गई है। कई बार अचानक ही दिल का दौरा यानी हार्ट अटैक भी आ जाता है। जिसमें कई लोग पहली हार्ट अटैक में ही अपनी जान गवां देते हैं और कई लोगों को इलाज का मौका मिल जाता है।

भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं दिल के रोगी

दुनियाभर के साथ ही भारत में भी काफी तेजी से दिल के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिसकी वजह से भारत के लिए ये एक चिंता का कारण भी बना हुआ है। अमरीका के एक रिसर्च जरनल में छपे लेख के मुताबिक, साल 2015 तक भारत में 6.2 करोड़ लोगों को दिल से जुड़ी बीमारी हुई। इसमें से तकरीबन 2.3 करोड़ लोगों की उम्र 40 साल से कम है। यानी 40 फीसदी हार्ट के मरीजों की उम्र 40 साल से कम थी। भारत के लिए ये आंकड़े अपने आप में काफी चौंकाने वाले हैं। साल 2016 में दिल की बीमारी, अकाल मृत्यु का पहला कारण बन गया था। आपको बता दें कि 10 -15 साल पहले तक दिल की बीमारी अकसर बुजुर्गों से जुड़ी हुई होती थी। लेकिन पिछले एक दशक में दिल से जुड़ी बीमारी के आंकड़े बहुत अलग हैं। 

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हार्ट अटैक के कारण क्या है? 

जब दिल में किसी ब्लॉकेज के कारण सही मात्रा में खून नहीं मिल पाता तो ये हार्ट अटैक का कारण बनता है। दिल तक खून न पहुंच पाने के कई कारण हो सकते हैं। इसमें बड़ा कारण ये है कि जब दिल की नलिकाओं में ब्लॉकेज के कारण सही मात्रा में खून नहीं जा पाता है। 

आर्टरी का ब्लॉक होना

हार्ट अटैक का खतरा आर्टरी ब्लॉक होने के कारण होता है। धमनी में प्लैक जमने के बाद पीड़ित इंसान अगर दौड़ भाग वाला काम करे तो खतरा बढ़ जाता है। शरीर को ज्यादा एनर्जी देने के लिए हार्ट बहुत तेजी से धड़कने लगता है, लेकिन इस दौरान संकरी धमनी में लाल रक्त कणिकाएं जमा होने लगता है और ब्लड सर्कुलेशन बंद हो जाता है। जिसकी वजह से हार्ट अटैक का खतरा अचानक बढ़ जाता है। 

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दिल तक कम ऑक्सीजन पहुंचना

दिल को सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचना काफी जरूरी होता है नहीं तो इससे दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। बंद धमनी, हार्ट को जरूरत के हिसाब से ब्लड और ऑक्सीजन नहीं दे पाती है। इससे हमारे दिल की धड़कन और तेज हो जाती है जिससे सांस लेने में परेशानी होने लगती है। 

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