डॉ. बंसल ने कहा कि इस बीमारी की गंभीरता और उपलब्ध उपचार विकल्पों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी का अभाव समस्या को बढ़ा देता है और कई लोग यह जाने बिना चुपचाप पीड़ित रहते हैं कि वे वेरीकोस वेंस से पीड़ित हैं।

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Varicose Veins: पैरों की ऊभरी और मुड़ी हुई नसें हार्मोनल असंतुलन के हैं संकेत, जानें बचाव और उपचार

डॉ. बंसल ने कहा कि इस बीमारी की गंभीरता और उपलब्ध उपचार विकल्पों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी का अभाव समस्या को बढ़ा देता है और कई लोग यह जाने बिना चुपचाप पीड़ित रहते है

Atul Modi
Written by: Atul ModiUpdated at: Aug 09, 2019 18:38 IST
Varicose Veins: पैरों की ऊभरी और मुड़ी हुई नसें हार्मोनल असंतुलन के हैं संकेत, जानें बचाव और उपचार

आंकड़ें बताते हैं कि विश्व की जनसंख्या की 30 से 40 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या वेरीकोस वेंस की बीमारी से परेशान रहती है और यह संख्या प्रतिवर्ष बढ़ रही है। हार्मोनल असंतुलन, गर्भावस्था, परिवार के इतिहास और मोटापे के अलावा, जीवन का तेजी से गतिहीन रूप, काम का दबाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इस समस्या को बढ़ावा दे रही है। समय की आवश्यकता इस तथ्य पर जागरूकता बढ़ाने के लिए है कि हालांकि वेरीकोस वेंस एक कॉस्मेटिक समस्या की तरह दिखाई दे सकती हैं, किन्तु स्थिति को अनदेखा करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

वेरीकोस वेंस में सूजन होती है, मुड़ी हुई नसें जो आमतौर पर त्वचा के नीचे दिखाई देती हैं। इससे शरीर की कोई भी नस प्रभावित हो सकती है, आमतौर पर पैरों में वेरीकोस वेंस देखी जाती हैं, क्योंकि वे शरीर के वजन से लगातार दबाव में होती हैं। लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने से इन नसों पर अधिक तनाव हो सकता है जिससे दीर्घकालिक नुकसान हो सकते हैं। यह एक बीमारी है जो मुख्य रूप से निचले अंगों को प्रभावित करती है। शिराओं पर दबाव पड़ने से रक्त परिसंचरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इससे वे क्षमता से बाहर हो जाते हैं।

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क्‍या है एक्‍सपर्ट की राय? 

इस बारे में बात करते हुए नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, जयपुर के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट, डॉ. राजेंद्र बंसल, ने कहा कि "वेरीकोस वेंस वाले अधिकांश रोगियों को अत्यधिक दर्द होता है क्योंकि वे प्रारंभिक अवस्था में समस्या को अनदेखा करते हैं। हालांकि यह जीवन के लिए खतरा नहीं बनती। मगर इलाज नहीं किए जाने पर क्रोनिक वेरीकोस वेंस कई गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकती हैं। डीऑक्सीजनेटेड रक्त के संचय से नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे रक्त आस-पास के क्षेत्रों में लीक हो जाता है, जिससे एडिमा पैदा होती है। नसों और ऊतकों में सूजन न केवल रक्त परिसंचरण को सीमित करती है, बल्कि ऑक्सीजन और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की आपूर्ति भी प्रभावित करती है जो रक्त वहन करती हैं। यह त्वचा के सामान्य उपचार तंत्र को धीमा कर देता है, जिससे छोटे कट और छिल जाने पर भी घाव भरने में समय लगता है। 

डॉ. बंसल ने कहा कि इस बीमारी की गंभीरता और उपलब्ध उपचार विकल्पों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इस बीमारी के बारे में पूरी जानकारी का अभाव समस्या को बढ़ा देता है और कई लोग यह जाने बिना चुपचाप पीड़ित रहते हैं कि वे वेरीकोस वेंस से पीड़ित हैं। लोगों को अक्सर यह भी डर होता है कि सर्जरी ही उपचार का एकमात्र विकल्प है। हालांकि, हाल के वर्षों में हुए इनोवेटिव विकास ने गैर-सर्जिकल तरीकों के माध्यम से इस स्थिति के उपचार में मदद की है।

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वेरीकोस वेंस के उपचार के लिए न्यूनतम इनवेसिव तरीकों में से एक रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (आरएफए) थेरेपी है। एब्लेशन यानी ऊष्मा का टीशु को नुकसान पहुंचाने के लिए उपयोग, जिसकी वजह से निशान बनता है। आरएफए तकनीक में रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा का उपयोग नस के अंदर की लेयर को गर्म करने और ठीक करने के लिए किया जाता है। यह पैर में सिकुड़न और पतन के लिए एक वेरीकोस वेंस बनाता है। यह प्रक्रिया न्यूनतम दर्द या चोट के साथ जल्द ठीक करती है। इस प्रक्रिया के कुछ ही घंटों के भीतर रोगी को छुट्टी भी दी जा सकती है। उपचार के अन्य विकल्पों में वेनस लिगेशन और स्ट्रिपिंग, फ्लेबक्टोमी और एंन्डोवेनस लेजर थेरेपी जैसी तकनीकें शामिल हैं।

मेडिकल एडेशिव का उपयोग कर वैरिकोस नसों का उपचार करना इस दिशा में नवीनतम पद्धति है। यह एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है जिसमें एक कैथेटर को पैर में एक छोटी पहुंच साइट के माध्यम से नस के रोगग्रस्त क्षेत्र में डाला जाता है। एक बार यह हो जाने पर मेडिकल एडेशिव विभिन्न बिंदुओं पर सेगमेंटल फैशन में पहुंचाया जाता है और नस को हाथों से दबाकर बंद किया जाता है। प्रक्रिया बहुत कम समय लेती है और तेजी से ठीक होने में मदद करती है। वेरीकोस वेंस के लिए घरेलू उपचार

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वेरीकोस वेंस के लिए कुछ सुझाव

  • नियमित रूप से सैर करने से आपके पैरों में रक्त संचार तेज होता है।
  • पैरों को दबाव से बचाने के लिए अतिरिक्त वजन को कम करना महत्वपूर्ण है। वाटर रिटेंशन से होने वाली सूजन को रोकने के लिए कम नमक वाले आहार का प्रयोग करें।
  • कम ऊँची एड़ी के जूते मांसपेशियों को अधिक व्यायाम करने में मदद करते हैं और इसलिए, नसों के लिए यह बेहतर होते हैं।
  • कमर, पैर या कमर के चारों ओर तंग हों, ऐसे कपड़े पहनने से बचें।
  • अपने पैरों को दिल के स्तर से ऊपर उठाने के लिए काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लें। आप अपने पैरों को तीन या चार तकियों पर टिका कर लेट भी सकते हैं।
  • ज्यादा देर तक बैठने या खड़े होने से बचें। रक्त प्रवाह को बनाए रखने में मदद करने के लिए अपनी स्थिति को बार-बार बदलें।

नोट- लेख में दी गई जानकारी और रखे गए विचार नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल जयपुर के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र बंसल के स्वतंत्र विचार हैं जो सामान्य अवलोकन और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए व्यक्त किए गए हैं।

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