लगातार बढ़ता वजन हो सकता है थायरॉइड का लक्षण, जानें कैसे करें बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 27, 2018
Quick Bites

  • थायरॉइड की समस्‍या होने पर मेटाबॉलिज्‍म काफी बढ़ जाता है।
  • थायराइड ग्रंथि से अधिक मात्रा में थायराइड का निर्माण होने लगता है।
  • अल्ट्रासाउंड के द्वारा थायराइड और एंटी थायराइड टेस्ट होता है।

अक्सर वजन बढ़ने का कारण आप ज्यादा खाने-पीने की लत या कम एक्सरसाइज मानते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ लोगों का वजन थायरॉइड रोग के कारण भी बढ़ता है। जी हां, ओवर एक्टिव थायरॉइड की समस्‍या होने पर मेटाबॉलिज्‍म काफी बढ़ जाता है, जिसके कारण व्‍यक्ति की भूख भी बढ़ जाती है और वे सामान्य से अधिक भोजन करने लगते हैं। लेकिन जरूरत से अधिक आहार का सेवन करने के वजन घटता ही है। वहीं दूसरी ओर अंडर एक्टिव थायरॉइड के कारण चयापचय घटने पर इन भूख में कमी हो जाती है और कम भोजन करने की स्थिति में भी वजन बढ़ने लगता है। आइए आपको बताते हैं थायरॉइड के अन्य लक्षण, जिनके दिखते ही आपको सावधान होने की जरूरत है।

हाइपरथायरॉइडिज्म का संकेत हो सकता है मोटापा

थायराइड ग्रंथि हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने का काम करती है। जब यह ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती है तो इसके चलते कई स्वास्थ्‍य समस्याएं हो सकती हैं। हायपरथायराइडिज्म एक ऐसी ही स्थिति है। इस स्थिति में थायराइड ग्रंथि से अधिक मात्रा में थायराइड का निर्माण होने लगता है।

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थॉयराइड के लक्षण

  • कब्ज होना
  • अक्सर हाथ-पैर ठंडे हो जाना
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना
  • बाल और भौंहों का झड़ने लगना
  • ज्यादा तनाव होना
  • स्किन ड्राई हो जाना
  • काम में जल्दी थक जाना
  • जुकाम होना फिर ठीक न होना
  • वंशानुगत कारणों से

कैसे होती है थायरॉइड की जांच

आमतौर पर चिकित्सक इसका पता लगाने के लिए खून में टी3, टी4 और टीएसएच हार्मोन की जांच करते हैं। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड के द्वारा थायराइड और एंटी थायराइड टेस्ट होता है। असल में थायरायड ग्रंथि में कोई रोग या वायरस नहीं होता है। शरीर में जब पिट्युटरी ग्लैंड ठीक तरह से काम नहीं करता तो थायरायड स्टिमुलेटिंग हार्मोन (टीएसएच) यानि थायरायड ग्रंथि को उत्तेजित करने वाला हार्मोन ठीक तरह से नहीं बन पाता और इसकी वजह से थायराइड से बनने वाले टी3 और टी 4 हार्मोन्स में असंतुलन आ जाता है।

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थायरॉइड से बचाव

थॉयराइड में अखरोट और बादाम का सेवन बहुत फायदेमंद है। अखरोट और बादाम में सेलेनियम पाया जाता है। एक ग्राम अखरोट में 5 माइक्रो ग्राम सेलेनियम होता है। सेलेनियम थॉयराइड की समस्या को खत्म करने में सक्षम है क्योंकि ये थॉयराइड ग्रंथि की एक्टिविटी पर कंट्रोल करता है। अखरोट और बादाम दोनों के सेवन से गले में सूजन कम हो जाती है।

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