त्वचा पर खुजली, चकत्ते और पपड़ी हैं डर्मेटाइटिस के लक्षण, जानें त्वचा के इंफेक्शन से बचने के घरेलू उपाय

मानसून के आते ही वातावरण में नमी के कारण बैक्‍टीरिया बढ़ जाते हैं। ऐसे में स्किन इंफेक्‍शन (त्वचा का संक्रमण) होना आम बात है। बारिश के मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको त्वचा के कई गंभीर रोग दे सकती है। जानें

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त्‍वचा की देखभालWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jul 16, 2019
त्वचा पर खुजली, चकत्ते और पपड़ी हैं डर्मेटाइटिस के लक्षण, जानें त्वचा के इंफेक्शन से बचने के घरेलू उपाय

डर्मेटाइटिस जिसे एक्जिमा भी कहा जाता है त्वचा से जुड़ी एक बीमारी है। इस बीमारी के होने पर प्रभावित हिस्से पर खुजली, जलन, रैश, सूजन, लाल निशान, ड्राई स्किन की समस्या हो जाती है। कई मामलों में इसमें खून निकलने, त्वचा से सफेद पपड़ी निकलने, त्वचा के कठोर होने जैसी परेशानियां भी हो जाती हैं। त्वचा में होने वाली यह बीमारी एक छोटे हिस्से से लेकर पूरे शरीर पर हो सकती है।

dermetitis

डर्मेटाइटिस के मुख्य प्रकार और उसके लक्षण

अटॉपिक डर्मेटाइटिस

यह बीमारी ज्यादातर बचपन में होती है। इसमें स्किन पर लाल निशान हो जाता है जिसमें काफी खुजली होती है। यह कोहनी, घुटनों के पीछे और गर्दन के सामने वाले हिस्से पर होता है। कई मामलों में उसमें से पस निकलने की समस्या आती है। यह बीमारी सीजनल भी हो सकती है, जिसमें मौसम के बदलाव के साथ त्वचा पर लाल निशान बनना शुरू हो जाते हैं।

कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस

यह लाल रंग का और जलन करने वाला रैश होता है। यह तब होता है जब आप किसी ऐसी वस्तु के संपर्क में आते हैं जिससे आपकी स्किन को इरिटेशन हो या ऐलर्जिक रिऐक्शन हो। इसमें कई बार व्यक्ति की स्किन कटने लग जाती है। इसमें प्रभावित हिस्से की त्वचा मोटी हो जाती है और फोड़े से हो जाते हैं।

सेबोरेहिक डर्मेटाइटिस

इस स्थिति में त्वचा पर सफेद रंग की मोटी परत जम जाती है। यह हिस्सा लाल हो जाता है और खुजलाता है। यह शरीर के ऑइली हिस्सों जैसे चेहरा, अपर चेस्ट और बैक पर होता है। डर्मेटाइटिस का यह प्रकार जल्दी ठीक नहीं होता है। बच्चों को भी यह बीमारी होने का खतरा रहता है।

डर्मेटाइटिस से कैसे बचें? आइए जानते हैं इससे बचने के कुछ सरल उपाय

लाइफस्टाइल में करें बदलाव

नहाने के लिए ज्यादा गरम पानी का इस्तेमाल न करें। काफी देर तक न नहाएं। कोशिश करें कि आप 5 से 10 मिनट में नहा लें। ऐसे साबुन या शॉवर जेल का इस्तेमाल न करें जो आपके स्किन को ड्राई कर दे। इसकी जगह मॉइस्चराइजर युक्त साबुन का इस्तेमाल करें। रोजाना नहाने के तुरंत बाद त्वचा पर क्रीम लगाएं ये आपके स्किन को मॉइस्चराइज रखता है। बदन पोछने के लिए हमेशा कोमल टॉवल का इस्तेमाल करें। स्किन को ज्यादा ना रगड़ें ।

एलोवेरा जेल

एलोवेरा जेल के एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण डर्मेटाइटिस की वजह से हुई सूजन को कम करता है और ठंडक पहुंचाता है। इसके साथ ही त्वचा की खुजली को भी दूर करता है, आप एलोवेरा जेल को सीधा प्रभावित त्वचा पर लगा सकते हैं। यह त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे स्किन मॉश्चराइज होगी और रूखापन दूर होगा।

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शहद और नींबू

इनके एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण त्वचा की समस्याओं को भी ठीक करते हैं। इसलिए आप शहद और नींबू को सीधा त्वचा पर लगा सकते हैं या इनके बने स्क्रब का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

गुड़हल की पत्तियां

गुलहड़ की पत्तियों के छोटे टुकड़े करके उसमें थोड़ा पानी मिला लें। अब इसको पीसकर पेस्ट बना लें और प्रभावित हिस्से पर लगाएं। लगभग 40 मिनट लगाये रखने के बाद इसे पानी से धो लें।

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गीली पट्टी

डर्मेटाइटिस की वजह से त्वचा पर खुजली और जलन होने लगती है, जो कि काफी असहज स्थिति हो सकती है। इस समस्या से निकलने के लिए आप प्रभावित त्वचा पर गीली पट्टी बांध सकते हैं, जिससे आपको खुजली और जलन में काफी राहत मिलेगी।

लेखक: धीरज सिंह राणा

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