दांत-हड्डी ही नहीं, शरीर के कई अंगों के लिए जरूरी है फॉस्फोरस, जानें फास्फोरस की कमी के लक्षण और इसके स्रोत

कैल्शियम की तरह की शरीर को फास्फोरस की आवश्यकता होती है। अगर आप अपने शरीर में फास्फोरस की कमी को पूरा करना चाहते हैं, तो इन आहार का सेवन करें।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Dec 21, 2020 15:36 IST
दांत-हड्डी ही नहीं, शरीर के कई अंगों के लिए जरूरी है फॉस्फोरस, जानें फास्फोरस की कमी के लक्षण और इसके स्रोत

शरीर में अनेक कार्यों के लिए हमें फास्फोरस की जरूरत होती है। कैल्शिमय के बाद फास्फोरस दूसरा ऐसा खनिज है, जो हमारे शरीर में अधिक पाया जाता है। इसकी मदद से शरीर में अपशिष्ट पदार्थों को छानना और कोशिकाओं का पुन: निर्माण किया जा जाता है। अन्य खनिज-तत्वों की तरह ही शरीर को फास्फोरस की आवश्यता होती है। हड्डियों से लेकर मांसपेशियों की कोशिकाओं के निर्माण में इसकी अहम भूमिका होती है। दैनिक आहार की तरह की शरीर को फास्फोरस की आवश्यकता होती है। कई तरह के खाद्य पदार्थों में फास्फोरस प्राकृतिक रूप से होता है। किडनी संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए डॉक्टर्स फास्फोरसयुक्त आहार का सेवन करने की सलाह देते हैं। शरीर में फास्फोरस की कमी होने पर मधुमेह, किडनी और मेटाबॉलिज्म का स्तर कम हो जाता है।

फास्फोरस के कार्य (Phosphorus function) 

  • मानव शरीर में फास्फोरस का निम्न कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
  • हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत करने में मददगार है फास्फोरस।
  • शरीर में कार्बोहाइड्रेट और चयापचय की क्रिया जरूरी है फास्फोरस।
  • शरीर में उर्जा निर्माण और मांसपेशियों में उर्जा को स्थानांतरित करने में सहायक है फास्फोरस
  • दांतों और हड्डियों के पुन: निर्माण में फास्फोरस का है महत्वपूर्ण योगदान
  • शरीर में उर्जा का भंडार करने में सहायक है फास्फोरस
  • ऊतक और कोशिकाओं के विकास में और प्रोटीन का निर्माण करने में फास्फोरस का है महत्वपूर्ण योगदान।
  • मांसपेशियों के संकुचन का कार्य करता है फास्फोरस।
  • दिल की धड़कन को नियमित रखता है फास्फोरस। 

फास्फोरस की कमी के लक्षण  (phosphorus deficiency symptoms)

  • भूख ना लगना
  • जोड़ों और हड्डियों में दर्द होना।
  • अधिक थकान महसूस होना।
  • बच्चों की हड्डियों का विकास सही से ना होना। 
  • चिड़चिड़ापन या चिंता का अनुभव होना।
  • शरीर में दुर्बलता
  • वजन में उतार-चढ़ाव
  • सांस लेने में परेशानी होना।
  • मनोभ्रम
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन (electrolyte imbalances) 

उम्र के हिसाह से शरीर को कितनी मात्रा में चाहिए फास्फोरस (How Much Phosphorus do you need) 

  • 0 से 6 माह के शिशुओं को फास्फोरस की है जरूरत - 100 मिलीग्राम
  • 7 से 12 महीने के शिशुओं को फास्फोरस की है जरूरत - 275 मिलीग्राम
  • 1 से 3 साल बच्चे को फास्फोरस की है जरूरत - 460 मिलीग्राम
  • 4 से 8 वर्ष तक के बच्चों को फास्फोरस की है जरूरत - 500 मिलीग्राम
  • 9 से 18 वर्ष तक के लोगों को फास्फोरस की है जरूरत - 1,250 मिलीग्राम
  • 19 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को फास्फोरस की है जरूरत : 700 मिलीग्राम

फास्फोरस का प्रमुख स्त्रोत (Main source of phosphorus)

चिकन, बीज और समुद्री आहार में फास्फोरस भरपूर रूप से होता है। प्रोटीन और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करने के साथ-साथ फास्फोरसयुक्त आहार का सेवन करना हमारे लिए बहुत ही जरूरी है। अधिकतर कैल्शियम और प्रोटीनयुक्त आहार में फास्फोरस की उपस्थिति होने की संभावना रहती है। इसके अलावा इन चीजों में फास्फोरस की मात्रा उच्च रूप से होती है। 

  • मछली
  • मीट और चिकन
  • दही, दूध, पनीर और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स
  • अंडे में भी होता है फास्फोरस
  • नट्स (nuts) और साबुत बीजों में फास्फोरस की होती है अधिकता
  • फास्फोरस की कमी हो पूरा करने के लिए आप फलियों (beans) का भी सेवन कर सकते हैं। 

 

 

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