फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के कारण और इसका निवारण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 29, 2016
Quick Bites

  • स्तनों में गांठ फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट का लक्षण है।
  • फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट और ब्रेस्ट कैंसर में अंतर है।
  • फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट स्तन कैंसर नहीं होता है।

फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट एक सामान्य ब्रेस्ट से संबंधित स्थिति है जो कैंसर से अलग होती है। आधे से अधिक महिलाओं को कुछ स्थितियों में फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट से जूझना पड़ता है। ये हर उम्र की महिलाओं को हो सकता है लेकिन ये नई बनी माताओं को अधिक होता है खासकर नई युवा महिलाओं को जो मां बनने वाली हैं। फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट, एक या दोनों स्तनों में हो सकता है। इसके और क्‍या कारण हैं और इसके बारे में विस्‍तृत जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

 

स्तन कैंसर से अलग है फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट

  • फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट में स्तनों में गांठ बन जाती है। लेकिन ये स्तन कैंसर से अलग होते हैं।
  • स्तनों में गांठ स्तन कैंसर के लक्षणों में से एक होते हैं लेकिन सभी तरह के स्तनों में गांठ कैंसर के लक्षण नहीं होते।
  • स्तनों में कुछ गांठ फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के लक्षण होते हैं। ये गिल्टी की तरह होते हैं जो स्तनों में होते हैं।
  • हर महीने होने वाले हार्मोनल बदलाव भी फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट का कारण हो सकते हैं।

फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट


इस तरह होता है फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट

  • फाइब्रोसिस - फाइब्रोस टिशूज, स्कार टिशूज की तरह होते हैं। ये छुने में हार्ड होते हैं और हल्का दर्द होता है। लेकिन ये कैंसर का खतरा नहीं बढ़ाते हैं।
  • सिस्ट - ये स्तनों में बनने वाला फ्लूइड होता है। माइक्रोस्कोपिक सिस्ट बहुत छोटे होते हैं जो बच्चे के पैदा होने के बाद स्तनों को भरने के लिए काफी नहीं होते हैं। ऐसे में ये मैक्रोसिस्ट में बदल जाते हैं जो आकार में बड़े होते हैं और इन्हें आप महसूस कर पाते हैं। जब यही सिस्ट आकार में मैक्रोसिस्ट से भी बड़े होने लगते हैं तो स्तनों में गांठ का उभार होने लगता है जो फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट में बदल जाते हैं।

 

फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के लक्षण

 

  • स्तनों में स्वेलिंग होना या उनका मोटा होना।
  • स्तनों का कठोर और आकार में बड़ा होना।
  • स्तनों में दर्द होना।

 

फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट का इलाज

 

  • अधिकतर केस में फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के लिए इलाज की जरूरत नहीं पड़ती। यह रोजाना के ब्रेस्ट एक्सरसाइज से ठीक हो जाता है।
  • ब्रेस्ट की मसाज भी फाइब्रोसिस्टिक ब्रेस्ट के लिए बेहतर इलाज मानी जाती है।
  • अगर अधिक दर्द देने पर डॉक्टर नीडर के जरिये स्तनों में से अतिरिक्त सिस्ट फ्लुइड निकाल देते हैं। लेकिन फ्लुइड का लगातार बनना जारी रहता है जिसको लिक्विड में बनाए रहने के लिए जरूरी है कि महिलाएं ब्रेस्ट एक्सरसाइज या ब्रेस्ट की मसाज करते रहे।
  • अगर आपको भी अपने ब्रेस्‍ट में किसी तरह की गांठ दिखे तो चिकित्‍सक से इसके बारे में सलाह जरूर लें। 

 

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