भारतीय रसोई में हल्दी का इस्तेमाल ज्यादातर खाने में किया जाता है। आयुर्वेद में भी हल्दी को एक महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। हल्दी का इस्तेमाल सदियों से हेल्थ को बेहतर रखने और स्किन को हेल्दी रखने के लिए किया जाता रहा है। स्किन केयर में हल्दी का इस्तेमाल खासतौर पर किया जाता है। हल्दी में नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं। हालांकि, अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि स्किन के लिए कच्ची हल्दी या हल्दी पाउडर किसका इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। आइए इस लेख में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं इसके बारे में।
कच्ची हल्दी के फायदे
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि, कच्ची हल्दी को पीसकर या घिसकर स्किन पर लगाया जाता है। इसमें किसी भी तरह की प्रोसेसिंग नहीं होती है, इसलिए इसके पोषक तत्व ज्यादा प्रभावी माने जाते हैं।
- कच्ची हल्दी पूरी तरह नेचुरल होती है और इसमें मिलावट की संभावना बहुत कम होती है। इसलिए, यह स्किन के लिए सुरक्षित मानी जाती है।
- ताजी हल्दी में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा ज्यादा होती है, जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करती है। इससे स्किन लंबे समय तक जवां और हेल्दी रहती है।
- कच्ची हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो स्किन पर मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं, जिससे पिंपल्स और एक्ने की समस्या कम हो सकती है।
- नियमित रूप से कच्ची हल्दी का इस्तेमाल फेस पैक के रूप में करने से स्किन की रंगत में सुधार होता है और स्किन ग्लो करता है।
हल्दी पाउडर के फायदे
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता ने बताया कि हल्दी पाउडर सूखी हल्दी को पीसकर बनाया जाता है और यह बाजार में आसानी से मिल जाता है, जिसका इस्तेमाल स्किन पर करना बहुत आसान होता है।
- हल्दी पाउडर को सीधे फेस पैक या उबटन में मिलाकर स्किन पर इस्तेमाल किया जा सकता है, जो समय बचाने का एक बेहतरीन विकल्प है।
- कच्ची हल्दी जल्दी खराब हो सकती है, जबकि हल्दी पाउडर लंबे समय तक स्टोर कर सकते हैं।
- दही, बेसन या दूध के साथ हल्दी पाउडर मिलाकर फेस पैक बनाया जाता है, जो स्किन को साफ और मुलायम बनाने में मदद करता है।
त्वचा के लिए कौन बेहतर है?
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार शुद्धता और पोषक तत्वों की बात करें तो कच्ची हल्दी स्किन के लिए थोड़ी ज्यादा प्रभावी मानी जाती है। इसे प्रोसेसिंग नहीं की जाती है, इसलिए इसके नेचुरल गुण पूरी तरह सुरक्षित माने जाते हैं। वहीं, दूसरी ओर अगर सुविधा और आसान इस्तेमाल की बात करें तो हल्दी पाउडर बेहतर विकल्प हो सकता है। बस ध्यान रहें कि आप शुद्ध और अच्छे ब्रांड के हल्दी पाउडर ही चुनें। NCBI की रिसर्च के अनुसार हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण स्किन की अलग-अलग समस्याओं जैसे एक्ने, सोरायसिस और फोटो-एजिंग के इलाज में काफी प्रभावी माना जाता है।
हल्दी इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के मुताबिक, हल्दी का इस्तेमाल करते समय जरूरी है कि आप इन बातों का ध्यान रखें-
- हल्दी का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।
- ज्यादा मात्रा में हल्दी लगाने से स्किन पर पीला रंग आ सकता है।
- सेंसिटिव स्किन वाले लोगों को हल्दी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए।
- हल्दी का इस्तेमाल हमेशा किसी दूसरे नेचुरल चीजों जैसे दही, दूध या शहद के साथ मिलाकर करना चाहिए।
निष्कर्ष
कच्ची हल्दी और हल्दी पाउडर दोनों का ही इस्तेमाल स्किन के लिए फायदेमंद होता है। कच्ची हल्दी ज्यादा नेचुरल और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जबकि हल्दी पाउडर का इस्तेमाल आसान औरलंबे समय तक सुरक्षित माना जाता है। अगर आपके पास ताजी हल्दी नहीं है तो आप हल्दी पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अच्छी क्वालिटी का ही उपयोग करने की कोशिश करें।
Image Credit: Freepik
FAQ
क्या रोजाना चेहरे पर हल्दी लगाना अच्छा है?
रोजाना चेहरे पर हल्दी लगाना सुरक्षित होता है, लेकिन इसे सीधे स्किन पर लगाने के बजाय दूध, दही या शहद के साथ मिलाकर करना चाहिए। ऐसा करने से स्किन ड्राई नहीं होती है और दाग-धब्बे और सूजन की समस्या को कम करने में मदद मिलती है।हल्दी में क्या मिलाकर लगाना चाहिए?
हल्दी में शहद, दही, दूध, एलोवेरा, नारियल तेल या मलाई मिलाकर लगाना फायदेमंद होता है। यह दाग-धब्बों को कम करने, स्किन को हाइड्रेट करने और स्किन के ग्लो को बढ़ाने में मदद करता है।रात को सोते समय चेहरे पर हल्दी लगाने के क्या फायदे हैं?
रात को सोते समय चेहरे पर हल्दी लगाने से एक्ने कम करने में मदद मिलती है, जिससे दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद मिलती है और स्किन का नेचुरल निखार बढ़ता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Mar 08, 2026 12:12 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Mar 08, 2026 12:12 IST
Modified By : Katyayani TiwariMar 08, 2026 12:12 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta