कोरोना वायरस पर प्रियंका चोपड़ा ने WHO चीफ से पूछे 10 सबसे जरूरी सवाल, WHO के ये जवाब दूर करेंगे आपका कंफ्यूजन

कोरोना वायरस से जुड़े आपके मन में उठने वाले 10 बड़े सवालों का जवाब प्रियंका चोपड़ा ने WHO से पूछे हैं। इसे पढ़कर दूर हो जाएगा सारा कंफ्यूजन।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Mar 25, 2020
कोरोना वायरस पर प्रियंका चोपड़ा ने WHO चीफ से पूछे 10 सबसे जरूरी सवाल, WHO के ये जवाब दूर करेंगे आपका कंफ्यूजन

कोरोना वायरस इन दिनों दुनियाभर का सबसे ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। दुनियाभर के 190 देशों में फैल चुका ये वायरस अब तक 4 लाख से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर चुका है और 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। यही कारण है कि लोग कोरोना वायरस के कारण डरे हुए हैं। इन दिनों इस वायरस से जुड़ी तमाम अफवाहें भी इंटरनेट पर फैल रही हैं। ऐसे में आपके मन में भी कई सवाल उठ रहे होंगे, जिनके बारे में आप किसी एक्सपर्ट से जानना चाहते होंगे, मगर आपको सही व्यक्ति मिल नहीं रहा। आपकी इन्हीं परेशानियों का हल लेकर आई हैं, बॉलीवुड और हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री और ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा। प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और उनके पति निक जोनस (Nick Jonas) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (world health organization) के डायरेक्टर जनरल Dr. Tedros Adhanom और Dr. Maria Van Kerkhove (Technical Lead for Covid-19) से कोरोना वायरस से जुड़े तमाम सवाल किए हैं, जिसका उन्होंने जवाब दिया है। आप भी इन सवाल-जवाबों को पढ़कर अपने मन में उठ रही शंकाओं को दूर करें।

पहला सवाल- बीमार लोगों को इस समय कोरोना वायरस से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

(पहला सवाल प्रियंका चोपड़ा के पति निक जोनस ने पूछा। उन्होंने कहा कि मैं टाइप-1 डायबिटीज का शिकार हूं और प्रियंका अस्थमा का शिकार हैं। जैसा कि बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस उन लोगों के लिए खतरनाक है, जो पहले से किसी बीमारी का शिकार हैं, तो हम दोनों अपनी सेफ्टी को लेकर चिंतित हैं।)

WHO का जवाब- डब्ल्यूएचओ की तरफ से इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. मारिया बताती हैं, "दुनियाभर में बढ़ रहे मामलों से हमें पता चला है कि जो लोग पहले से किसी बीमारी जैसे- डायबिटीज, कार्डियोवस्कुलर डिजीज (दिल और धमनी की बीमारी), रेस्पिरेटरी डिजीज (सांस की बीमारियों) और कैंसर आदि का शिकार हैं, या फिर जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, ऐसे लोगों को इसका खतरा है। इसलिए ऐसे लोगों को ये सलाह कि बाहर कम से कम निकलें, ज्यादा से ज्यादा समय घर के अंदर रहें। लेकिन इसके अलावा ऐसे लोग जिन्हें कोई बीमारी नहीं है, उन्हें ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए, जो बीमार हैं।

हम पूरी दुनिया के युवाओं से एक बात कहना चाहते हैं, जैसा कि डॉ. टेडरस पहले ही कह चुके हैं कि "आप अजेय नहीं हैं"।

इस वायरस से मरने का खतरा जितना बुजुर्गों को हो सकता है, उतना ही युवाओं को भी है, कम से कम ये वायरस आपको आईसीयू जरूर भेज सकता है। तो ऐसा न समझें कि जिन लोगों को पहले से बीमारी है, खतरा सिर्फ उन्हें है। ये खतरा हर किसी के लिए है। इसलिए आपको थोड़ा अतिरिक्त सावधान रहने की जरूरत है, ताकि आप इसकी चपेट में न आएं। अगर आप बाहर जा रहे हैं, तो Do the Five, यानी इन 5 बातों का ध्यान रखें।

  • अपने हाथों को धोएं।
  • छींकते समय सामने की बजाय कोहनी को मुंह से लगाकर छींकें।
  • अपने चेहरे को न छुएं।
  • हर व्यक्ति से उचित दूरी (1 मीटर) बनाकर रखें।
  • और हर समय अपनी सेहत का ख्याल रखें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। अगर आपको बुखार है, या तबीयत ठीक नहीं है, तो घर पर रुकें। अगर आपको सांस लेने में कोई परेशानी है, तो अपने डॉक्टर को तुरंत बताएं और संपर्क करें।
 
 
 
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and right now we’re all searching for clarity. My friends at @WHO and @glblctzn graciously brought the doctors working on the front lines here to give us answers straight from the experts. Please take some time to watch my IG Live with Dr. Tedros (General-Director at W.H.O.) and Dr. Maria Van Kerkhove (Technical Lead for Covid-19) from @WHO, who answered some questions that so many of you sent in. Guys, let’s make it our duty to donate to @WHO and stand in solidarity to help flatten the curve (link is up in my bio 👆🏽) and please tag your friends and family below who are looking for answers and action steps 🙏 Thank you so much Dr. Tedros and Dr. Maria for taking the time, and thank you @glblctzn for everything you do. Everyone please be responsible, stay home and stay safe ❤️ #Covid19 #Coronavirus #WorldHealthOrganization

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दूसरा सवाल- क्या कोरोना वायरस का संक्रमण हवा से फैलता है? क्या ये एयर-बॉर्न वायरस है?

WHO का जवाब- ये वायरस एयर-बॉर्न नहीं है और हवा से नहीं फैलता है। ये वायरस छोटी-छोटी बूंदों (ड्रॉपलेट्स) से फैलता है। ये बूंदें आपके शरीर से तब निकलती हैं, जब आप किसी से बात करते हैं, खांसते हैं या छींकते हैं। ये वायरस जब किसी के आंखों, मुंह या नाक तक पहुंचते हैं, तभी वो इसका शिकार होता है।
प्रियंका चोपड़ा कहती हैं कि कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये वायरस एक खास तरीके से ही आप तक पहुंच सकता है। ये हवा से, खाने से या जानवरों से नहीं फैलता है। डॉ. मारिया कहती हैं कि ये वायरस किसी सतह पर हों, तो उसके जरिए आपके हाथ और फिर मुंह तक पहुंच सकते हैं। वायरस से बचने के लिए अपने हाथों को साबुन से धोएं या एल्कोहल से साफ करें। वायरस चला जाएगा।

तीसरा सवाल- क्या एक बार इलाज होने के बाद फिर से दोबारा कोरोना वायरस हो सकता है?

WHO का जवाब- डॉ. मारिया बताती हैं कि इस बारे में हमें पूरी जानकारी अभी नहीं है क्योंकि ये बिल्कुल नया वायरस है, जिसके बारे में हम धीरे-धीरे पता कर रहे हैं। दुनियाभर में इस वायरस के शिकार 4 लाख लोगों में से 1 लाख को ठीक कर लिया गया है। एक बात जो हमें समझ आती है कि जो लोग इस वायरस से ठीक हो चुके हैं, उनके शरीर का इम्यून सिस्टम वायरस के प्रति कुछ न कुछ रिस्पॉन्स करेगा। अभी हमें ये नहीं पता है कि ये कितना शक्तिशाली या कमजोर होगा।

चौथा सवाल- क्या कोरोना वायरस गर्मी में मर जाते हैं? अगर मैं अपने घर को गर्म रखूं तो क्या इस वायरस से बचा जा सकता है?

WHO का जवाब- ये वायरस हर तरह के तापमान में फैल रहा है। उत्तरी चीन जैसे ठंडे इलाकों में भी और दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर जैसे गर्म इलाकों में भी। एक सवाल लोग बहुत पूछ रहे हैं कि गर्मियां आएंगी, तो क्या ये वायरस खत्म हो जाएगा? हमारा मानना है कि गर्मियों के आते ही वायरस का रिस्पॉन्स बदलेगा, तो हमारे शरीर का रिस्पॉन्स भी बदलेगा। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं है कि गर्मी से ये वायरस खत्म हो जाएगा।

पांचवा सवाल- क्या इस वायरस को खत्म करने के लिए वैक्सीन तैयार की जा रही है?

WHO का जवाब- डॉ. टेडरस बताते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन 8 सप्ताह पहले से ही इस वायरस की वैक्सीन के संबंध में कई मीटिंग्स कर चुका है। पूरी दुनिया के तमाम बड़े वैज्ञानिक इस पर काम कर रहे हैं। लेकिन वैक्सीन को आने में अभी से कम से कम 12 से 18 महीने (एक-डेढ़ साल) लग सकते हैं।

छठवां सवाल- क्या ऐसा संभव है कि कोई व्यक्ति कोरोना वायरस का शिकार हो, मगर उसे बुखार न आए?

WHO का जवाब- हां ये संभव है। जैसा कि हम जानते हैं कि कोरोना वायरस का शिकार होने पर व्यक्ति को सूखी खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में दर्द और बुखार की समस्या होती है। कुछ लोगों में नाक बहने और छींक आने की भी समस्या होती है। लेकिन चीन में 90% से ज्यादा लोगों में बुखार एक मुख्य लक्षण रहा है।
मतलब अगर बुखार है, तो आप कॉमन कोल्ड का शिकार हो सकते हैं। मगर यदि आपको बुखार के साथ सूखी खांसी और सांस लेने में तकलीफ भी है, तो ये कोविड-19 हो सकता है।

सातवां सवाल- क्या कोई व्यक्ति एक साथ 2 वायरसों का शिकार हो सकता है? को-इंफेक्शन क्या है?

WHO का जवाब- हां, यह संभव है। कुछ लोगों को इंफ्लुएंजा और कोविड-19 एक साथ हो सकता है। कुछ लोगों को बैक्टीरियल निमोनिया और कोविड-19 एक साथ हो सकता है। मतलब कुल मिलाकर एक साथ दो इंफेक्शन हो सकते हैं।

आठवां सवाल- ये वायरस किस तरह की सतह पर जीवित रह सकता है?

WHO का जवाब- किसी शरीर से बाहर वायरस जीवित नहीं होता है। ये तब एक्टिव होता है, जब किसी के शरीर में पहुंचता है। मगर अलग-अलग ठोस सतह पर ये वायरस एक्टिव रह सकता है। अभी शुरुआती अध्ययनों में पता चला है कि ये वायरस ठोस सतह पर घंटों तक एक्टिव रह सकता है। इसीलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि कुछ भी छूने से बाद हाथों को जरूर धोएं। अपने घरों की ऐसी जगहों को डिस्इंफेक्टेंट्स से साफ करें, जहां आपका हाथ बार-बार जाता है।

नवां सवाल- हाथ साफ करने के लिए साबुन बेहतर है या सैनिटाइजर?

WHO का जवाब- आपके पास जो भी मौजूद है, उससे हाथ साफ करें। मुख्य बात है हाथों को साफ करना।

दसवां सवाल- गरीब और विकासशील देशों के अशिक्षित लोगों को इस वायरस के डर से बचाने के लिए सरकारों को क्या करना चाहिए?

WHO का जवाब- लोगों तक साबुन पानी और हाथों को साफ करने के लिए दूसरे इनोवेटिव तरीकों से पहुंचने की जरूरत है। इसके लिए हैंड-वॉशिंग स्टेशन बनाए जा सकते हैं।

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