बच्चों के लिए खतरनाक माना जा रहा है कोरोना का नया B1617 स्ट्रेन, जानें इसके बारे में

कोरोनावायरस के दूसरी लहर के बीच इसके एक नए स्ट्रेन B.1.617 का भी पता चला है, यह स्ट्रेन बच्चों के लिए खतरनाक माना जा रहा है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 19, 2021
बच्चों के लिए खतरनाक माना जा रहा है कोरोना का नया B1617 स्ट्रेन, जानें इसके बारे में

एक तरफ जहां पूरा देश कोरोनावायरस (Covid 19) के दूसरी लहर की चपेट में हैं वहीं अब इसके नए स्ट्रेन के आने से तीसरी लहर के खतरे की चिंता बढ़ गयी है। वैज्ञानिकों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन  B.1.617 (New B1617 Covid Strain) बच्चों के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है। दुनियाभर के कई देशों में अप्रैल के मध्य से  कोरोना के B.1.617 वैरिएंट के संक्रमण में वृद्धि की जानकारी मिली है,  कोरोना के नए मामलों में वायरस के इस नए स्ट्रेन का संक्रमण सबसे अधिक है। भारत में भी कोरोना के इस नए स्ट्रेन के मामले सामने आये हैं, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस नए स्ट्रेन की पुष्टि की है। एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों का मानना है कि वायरस का यह नया स्ट्रेन बच्चों पर ज्यादा असर करता है। 

बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है यह स्ट्रेन (B.1.617 Covid Strain Suspected to Be Dangerous for Kids)

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कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन B.1.617 बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इस स्ट्रेन की वजह से तीसरी लहर फैलती है तो इसे रोका जाना बेहद मुश्किल होगा। सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और भारत समेत कई देशों में अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह में वायरस के इस नए स्ट्रेन वाले मामले सामने आये थे। दुनियाभर की तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि सिंगापुर में यह वायरस बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है जिसके चलते स्कूल भी बंद करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस नए स्ट्रेन से सिर्फ सिंगापुर ही नहीं दुनिया के तमाम दूसरे देशों में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।  

सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्री ने दी नए स्ट्रेन के मामले पर सफाई (Singapore Health Minister Clarification on New Covid Strain)

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सिंगापुर में कोरोना के नए स्ट्रेन B.1.617 के पाए जाने की खबर के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इसके लेकर एक बड़ा बयान दे डाला। अरविन्द केजरीवाल ने इस नए स्ट्रेन को सिंगापुर स्ट्रेन का नाम देते हुए सरकार से सिंगापुर से आने वाली सभी फ्लाइट को रोकने का अनुरोध किया। अरविन्द केजरीवाल न अपने ट्वीट में केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि, "कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बताया जा रहा है, भारत में यह तीसरी लहर के रूप में आ सकता है। 1. केंद्र सरकार से मेरी अपील है कि सिंगापुर के साथ हवाई सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएं। 2. बच्चों के लिए भी वैक्सीन विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हो।" केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात का खंडन किया। भारत में स्थित सिंगापुर के दूतावास के ट्विटर हैंडल के माध्यम से अरविन्द केजरीवाल को जवाब देते हुए कहा गया कि सिंगापुर में कोरोना के नए स्ट्रेन के मिलने वाली बात सच नहीं है। टेस्टिंग के बाद पता चला है कि कोरोना का नया स्ट्रेन B.1.617 भारत में मिलने वाला स्ट्रेन है जिसकी चपेट में सिंगापुर के कुछ बच्चे आये हैं।

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नए स्ट्रेन पर है भारत सरकार की नजर (India Keeping Eye to New Covid Strain)

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भारत सरकार की तरफ से कहा गया है कि हमारी नजर कोरोना के नए स्ट्रेन पर लगतार बनी हुई है। भारत सरकार के विमानन और नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मामले पर जवाब दिया है। उन्होंने ट्वीट के माध्यम से कहा है कि सरकार की नजर सिंगापुर की स्थिति पर है और कोरोना से लड़ाई में जरूरी सभी एहतियात बरते जा रहे हैं। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का भी जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सींग पूरी ने दिल्ली सीएम को जवाब देते हुए कहा कि, "केजरीवाल, सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मार्च 2020 से ही बंद हैं। सिंगापुर के साथ हमारा एयर बब्बल भी नहीं है।" आपको बता दें कि कोरोनावायरस का नया B.1.617 वैरिएंट, जिसकी वजह से इस महामारी की दूसरी लहर में भारत के अंदर मामलों की तेजी से वृद्धि हुई है WHO ने 'ग्लोबल वैरिएंट ऑफ़ कंसर्न' कहा है। जानकारी के मुताबिक यह नया स्ट्रेन पहले ही 40 से अधिक देशों में फैल चुका है।

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भारत में बच्चों पर वैक्सीन के ट्रायल को मिली मंजूरी (Covaxin to Begin Trials for Children's Vaccine)

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दुनियाभर के एक्सपर्ट्स कोरोना के नए स्ट्रेन का बच्चों के लिए खतरनाक होने की बात कह रहे हैं। गौरतलब हो कोरोना की पहली लहर में अधिक उम्र वाले और बुजुर्ग लोगों पर इसका अधिक असर देखने को मिला था, दूसरी लहर के दौरान युवा और वयस्क लोगों को कोरोनावायरस संक्रमण ने अपनी चपेट में लिया था। ऐसे में अब तीसरी लहर को बच्चों के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने भी बच्चों पर कोरोना के वैक्सीन के परीक्षण की अनुमति दे दी है। कोवैक्सीन का जल्द ही भारत में बच्चों पर ट्रायल शुरू होगा। आपको बता दें कि अमेरिका ने पहले ही 12 से 15 साल के बच्चों को फाइजर और बायोएनटेक वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी है। गौरतलब हो भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है और यहां पर 17 साल तक की उम्र वाले बच्चों की संख्या लगभग 51 करोड़ के आसपास है। चूंकि कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन B.1.617 बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है ऐसे में भारत में इसका असर काफी ज्यादा हो सकता है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने बच्चों पर टीके के ट्रायल की अनुमति दी है।

वैक्सीन है नए स्ट्रेन पर भी असरदार (Vaccines are Effective on New Covid Strain)

भारत में कोरोनावायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान तेजी से चल रहा है। 18 से 44 साल की उम्र वालों को भी वैक्सीन का डोज दिया जा रहा है। कोरोना के नए स्ट्रेन के पाए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा था कि क्या इस स्ट्रेन पर भी वैक्सीन का असर होगा? इस सवाल को लेकर विश्व सस्ती संगठन ने भी अपनी बात रखी है। WHO की तरफ से कहा गया है कि कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन B.1.617 पर भी कोरोना की सभी वैक्सीन कारगर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कोरोना वायरस के मामलों को देख रही मारिया वैन केरखोव ने कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि इस स्ट्रेन पर सभी वैक्सीन प्रभावशाली हैं। हालांकि इसको लेकर हुए कई शोध और एक्सपर्ट की राय यह कहती है कि वैक्सीन का इस नए स्ट्रेन उतना असर नहीं देखने को मिलेगा। हालांकि इस बारे में पुख्ता जानकारी अभी तक नहीं मिल पायी है।

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