बंद जगहों पर हवा में मौजूद कोरोना वायरस को मार सकता है ये डिवाइस, एयरबॉर्न बीमारियों से बचाव में मिलेगी मदद

वैज्ञानिकों के अनुसार बंद जगहों पर कोरोना फैलने का खतरा ज्यादा होता है। इस डिवाइस से बंद जगहों पर कोरोना वायरस को फैलने से पहले से ही रोका जा सकेगा।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Oct 13, 2020
बंद जगहों पर हवा में मौजूद कोरोना वायरस को मार सकता है ये डिवाइस, एयरबॉर्न बीमारियों से बचाव में मिलेगी मदद

पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के स्वास्थ्य संकट से गुजर रही है। दुनिया के लगभग सभी देशों ने वायरस को रोकने के तमाम उपाय अपनाए। भारत में भी कई महीनों तक लॉकडाउन की स्थिति बनी रही और अंततः जब वायरस को नहीं रोका जा सका, तो धीरे-धीरे लॉकडाउन खोला जाने लगा। कई अध्ययन ये पहले ही बता चुके हैं कि कोरोना वायरस के फैलने का सबसे ज्यादा खतरा बंद जगहों पर है। ऐसे में बस, ट्रेन, ऑफिस, घर, मॉल्स आदि जहां भी कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति है, वो अपने आसपास के लोगों में वायरस फैला सकता है। कहते हैं आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। यही कारण है कि दिल्ली की टेक कंपनी ने एक ऐसा एयर प्यूरिफायर डिवाइस बनाया है, जो हवा में मौजूद कोरोना वायरस सहित दूसरी बीमारियां फैलाने वाले जर्म्स, बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करेगा। इस डिवाइस को एक टेक स्टार्टअप कंपनी एयरिफिक सिस्टम्स ने बनाया है और डिवाइस का नाम 'यूवी हील सेफ एयर' रखा है।

coronavirus in air

हवा में देर तक मौजूद रहता है कोरोना वायरस

दुनिया भर के कई अध्ययन बता चुके हैं कि कोरोना वायरस सतह के साथ-साथ हवा में भी देर तक रह सकता है। इसके अलावा भी फ्लू, टीबी, कॉमन कोल्ड आदि बीमारियां भी हवा में मौजूद संक्रमणकारी वायरस और बैक्टीरिया के कारण फैलती हैं। ऐसे में ये डिवाइस बंद जगहों को डिसइंफेक्ट करने के लिए बहुत कारगर साबित हो सकता है। विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और ASHRAE का दावा है कि COVID -19 जैसे वायरस आसानी से इनडोर एयर सर्कुलेशन सिस्टम के माध्यम से फैल सकते हैं, जिसका मतलब है कि एक संक्रमित व्यक्ति अनगिनत लोगों को संक्रमण फैला सकता है। महामारी की इस सबसे बड़ी चुनौती को दूर करने के लिए Airific Systems ने हवा से फैलने वाली बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए UVHeal SafeAir ’- एक अल्ट्रा-आधुनिक AC UV-  कीटाणुरहित HVAC की बनाया है।

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कैसे काम करता है ये डिवाइस?

इस डिवाइस में अल्ट्रावायलेट किरणों की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। UVHeal SafeAir, खतरनाक वायरस और बैक्टीरिया के डीएनए या RNA को नष्ट करके फैलने वाली हवा को कीटाणुरहित करने के लिए UVG तकनीक का उपयोग करता है। इस तरह से इन हवा से फैलने वाले रोगों को उसी जगह पर रोक देता है, जहां से हवा बंद जगह के अंदर आ रही है। इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल अस्पतालों, सिनेमाघरों, होटलों, कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों, रेस्टोरेंट्स और एयरपोर्ट आदि बंद और सार्वजनिक स्थानों किया जा सकता है, जहां एयर कंडीशनिंग सिस्टम का उपयोग होता है।

अल्ट्रावायलेट तकनीक से खत्म हो सकता है वायरस

इंटरनेशनल अल्ट्रावॉयलेट एसोसिएशन (IUVA) और ASHRAE ने यह भी सुझाव दिया है कि UVC कीटाणुशोधन तकनीक COVID-19, SARS COV-1, SARS COV-2, MERS-COV, आदि जैसे महामारी पैदा करने वाले विषाणुओं का कुशलता से मुकाबला कर सकती है।

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coronavirus killer device

मेड इन इंडिया डिवाइस है ये प्यूरिफायर

एयरिफ़िक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अंकित शर्मा का कहना है कि ये डिवाइस पूरी तरह से मेड इन इंडिया है जो आत्मनम्भर भारत के आंदोलन को एक मजबूत आवाज देता है। उन्होंने कहा, "COVID-19 महामारी ने लोगों के साथ-साथ व्यापार, समाज और संगठनों पर भी गहरा प्रभाव डाला है। अब समय है कि हमें खुद को इससे लड़ने के तैयार करना पड़ेगा। इसलिए UVHeal SafeAir के प्रयोग से सार्वजनिक संस्थानों को काफी मदद मिल सकती है।"

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