प्रेगनेंसी में आ रही है परेशानी तो इन नैचुरल तरीकों से बढ़ाएं ओव्युलेशन

Remedies to Boost Ovulation : महिलाओं को फैमिली प्लानिंग के दौरान अपने ओव्यूलेशन पर ध्यान देने की जरूरत होती है। 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jul 18, 2022Updated at: Jul 18, 2022
प्रेगनेंसी में आ रही है परेशानी तो इन नैचुरल तरीकों से बढ़ाएं ओव्युलेशन

Remedies to Boost Ovulation  : पिछले कुछ सालों में इंफर्टिलिटी के मामले इतने ज्यादा बढ़ने लगे हैं कि आजकल ज्यादातर कपल्स शादी के कुछ समय बाद फैमिली प्लानिंग शुरू कर देते हैं। इंफर्टिलिटी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें पुरुषों में स्पर्म की कमी, महिला के गर्भाशय में कोई समस्या, बीमारियां आदि तो हैं ही, साथ ही इन दिनों ओव्युलेशन का सही समय पर न होना भी इंफर्टिलिटी का कारण बन रहा है। यही कारण है कि पहले जहां फैमिली प्लानिंग के लिए कपल्स सिर्फ फाइनेंशियल स्टेबिलिटी का ध्यान रखते थे, अब उन्हें अपनी सेहत का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी हो गया है।  हालांकि ज्यादातर लोगों का इस बात पर तब ध्यान जाता है, जब वह गर्भ धारण करने में असफल होने लगते हैं। इंफर्टिलिटी की परेशानी महिला और पुरुष दोनों को हो सकती है। कुछ महिलाओं में ओव्यूलेेशन न होने की वजह से  इनफर्टिलिटी की परेशानी हो सकती है। इसलिए महिलाओं को इस बात पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। अगर आपको भी सही ओव्युलेशन न होने के कारण कंसीव करने में परेशानी आ रही है, तो आप कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर अपने ओव्युलेशन को बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं इन तरीकों के बारे में। 

ओव्यूलेशन बढ़ाने के नैचुरल उपाय - Natural Remedies to Boost Ovulation

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थों का करें सेवन

ओव्यूलेशन बढ़ाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार का सेवन करें। फोलेट और जिंक जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए प्रजनन क्षमता में सुधार कर सकते हैं। रिसर्च से पता चला है कि उच्च फोलेट युक्त आहार का सेवन करने से महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बेहतर किया जा सकता है।

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अगर आप ओव्यूलेशन को बढ़ाना चाहते हैं, तो फल, सब्जियां, नट्स और अनाज जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा विटामिन सी और ई, फोलेट, बीटा कैरोटीन और ल्यूटिन जैसे असरदार एंटीऑक्सिडेंट्स युक्त आहार का सेवन करें। 

ब्रेकफास्ट जरूर खाएं

कई महिलाएं ब्रेकफास्ट स्किप कर देती हैं, जिसकी वजह से उनके प्रजनन क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। रिसर्च में पाया गया कि नियमित रूप से संतुलित ब्रेकफास्ट लेने से पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) के हार्मोनल प्रभाव में सुधार किया जा सकता है। यह एक ऐसी समस्या है, जो महिलाओं में इंफर्टिलिटी का प्रमुख कारण होता है। 

ट्रांस फैट से करें परहेज

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए ट्रांस फैट से परहेज करने की सलाह दी जाती है। ट्रांस फैट्स प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालते हैं। रिसर्च में देखा गया है कि अधिक मात्रा में फैट युक्त आहार का सेवन करने से पुरुषों और महिलाओं में बांझपन की समस्या हो सकती है।

कार्ब्स को करें कम

पीसीओएस से ग्रसित महिलाओं को अपने आहार में कार्ब्स को कम करने की जरूरत होती है। अधिक कार्ब्स युक्त आहार के सेवन से पीरियड्स अनियमितता की परेशानी हो सकती है। खासतौर पर इसकी वजह से आपके शरीर का वजन बढ़ता है, साथ ही इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, जिसकी वजह से इस तरह की समस्या होने की संभावना अधिक होती है। 

फाइबर युक्त आहार का करें सेवन

फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से शरीर को अतिरिक्त हार्मोन से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। यह शरीर में ब्लड शुगर को संतुलित रखता है। रिसर्च में देखा गया है कि फाइबर युक्त फलों और सब्जियों के सेवन से प्रजनन क्षमता बूस्ट हो सकती है। साबुत अनाज, फल, सब्जियां और नट्स को आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। 

मल्टी-विटामिन्स लें

महिलाओं को प्रेगनेंसी प्लानिंग से कुछ समय पहले नियमित रूप से मल्टी-विटामिन्स लेने की सलाह दी जाती है। यह ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी होने की संभावना को कम कर सकती है। अगर आप फैमिली प्लानिंग करने का सोच रहे हैं, तो फोलेट युक्त मल्टीविटामिन आपके लिए विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है। जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की सलाह के लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

फैमिली प्लानिंग के दौरान किसी भी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। ताकि डॉक्टर आपको उचित सलाह दे सके।

Reference Links-

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4172634/ 

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