इस गंभीर बीमारी के कारण बंदर जैसा हुआ इस युवक का चेहरा, पूरे शरीर में उगते हैं बाल

Werewolf Syndrome: मध्य प्रदेश में एक युवक Werewolf Syndrome नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, जिसकी वजह से मरीज का चेहरा बंदरों जैसा हो गया है।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Nov 23, 2022 15:50 IST
इस गंभीर बीमारी के कारण बंदर जैसा हुआ इस युवक का चेहरा, पूरे शरीर में उगते हैं बाल

Werewolf Syndrome in Hindi: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक बच्चा अजीबो गरीब बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी के कारण बच्चे का चेहरा बंदरों जैसा दिखने लगा है। दरअसल यह एक तरह की दुर्लभ बीमारी है जिसकी वजह से मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले ललित के पूरे चेहरे पर लंबे-लंबे बाल उग गए हैं। इसके कारण ललित का चेहरा अजीब तरह से दिखता है। इस बीमारी को वरवोल्फ सिंड्रोम (Werewolf Syndrome) कहते हैं। 17 साल के ललित को यह बीमारी काफी लंबे समय से है। इसकी वजह से ललित के साथ पढ़ने वाले बच्चे भी उनसे डरते हैं और बच्चों में यह डर बना रहता है कि कहीं ललित उन्हें काट न ले। इस बीमारी को मेडिकल की भाषा में कंजेनिटल हाइपरट्रिचोसिस (Congenital Hypertrichosis) कहते हैं और इसका इलाज काफी महंगा होता है।

इस बीमारी के पूरी दुनिया में सिर्फ 50 मरीज

ललित जिस बीमारी के शिकार हैं पूरी दुनिया में इस बीमारी के सिर्फ 50 मरीज हैं। हायरट्राइकोसिस की वजह से ललित का पूरा शरीर बालों से ढक गया है और लोग उन्हें मंकी बॉय कहने लगे हैं। डेली मेल से बातचीत में ललित ने कहा कि मैं एक सामान्य परिवार से हूं और मेरे पिता एक किसान है। मैं पढ़ाई करने के बाद अपने पिता के साथ खेती के काम में हाथ बंटाता हूं। बकौल ललित जन्म के समय भी मेरे शरीर पर बाल थे और डॉक्टर ने उस समय शेव किया था। उसके बाद जब मैं 7 साल का हुआ तब इस बात का अहसास होने लगा कि मेरे शरीर पर बाल बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। 

Werewolf Syndrome in Hindi

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वरवोल्फ सिंड्रोम क्या है?- What is Werewolf Syndrome?

वरवोल्फ सिंड्रोम दरअसल एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी है जिसे हाइपरट्रिचोसिस के नाम से भी जानते हैं। इस बीमारी में आपके शरीर पर या किसी अंग में बाल असामान्य तरीके से बढ़ जाते हैं। पूरी दुनिया में वैज्ञानिक और डॉक्टर इस बीमारी के कारणों पर लगातार खोज कर रहे हैं। यह बीमारी अत्यंत दुर्लभ है और महिला या पुरुष किसी में भी हो सकती है। इसके लक्षण जन्म के समय से ही देखे जाते हैं और समय के साथ लक्षण गंभीर होने लगते हैं। अभी तक इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है। 

वरवोल्फ सिंड्रोम के लक्षण- Werewolf Syndrome Symptoms in Hindi

हाइपरट्रिचोसिस या वरवोल्फ सिंड्रोम की बीमारी एक दुर्लभ बीमारी है और इसके लक्षण जन्म के समय या बाद में विकसित हो सकते हैं। आमतौर पर इस बीमारी में मरीज के शरीर पर बाल असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं और इसकी वजह से चेहरा और शरीर अजीब दिखने लगता है। बाल बढ़ने के अलावा इस बीमारी में मसूड़ों और दांत से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं। इसकी वजह से मरीज के दांत गिर सकते हैं और मसूड़ों में परेशानी होती है। वरवोल्फ सिंड्रोम का प्रमुख लक्षण शरीर और चेहरे पर असामान्य रूप से बाल बढ़ना ही है। 

वरवोल्फ सिंड्रोम के कारण- What Causes Werewolf Syndrome in Hindi

हालांकि अभी तक इस दुर्लभ बीमारी को लेकर वैज्ञानिकों को बहुत ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन यह माना जाता है कि यह बीमारी ज्यादातर लोगों में आनुवांशिक कारणों से होती है। इस बीमारी के प्रमुख कारण इस तरह से हैं-

  • बालों के विकास को प्रेरित करने वाले जीन के पुनर्सक्रियन के कारण
  • शरीर के विकास के दौरान ऐसे जीन का विकास होना
  • गर्भ में पल रहे बच्चे में कुछ ऐसे जीन के विकास के कारण 

ज्यादातर मामलों में हाइपरट्रिचोसिस या वरवोल्फ सिंड्रोम जन्मजात ही होता है। कुछ लोगों में इस गंभीर बीमारी के लक्षण उम्र बढ़ने के साथ दिखाई देना शुरू होते हैं। कुछ मरीजों में इसका इलाज दवा के माध्यम से किया जा सकता है तो वहीं कुछ लोगों का इलाज किसी भी तरह के दवा से नहीं हो पाता है। फिलहाल इस बीमारी के बारे में इतनी ही जानकारी मौजूद है।

(Image Courtesy: Instagram) 

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