इस तरह ईयरफोन लगाकर सुनते हैं गानें, तो बहरेपन के लिए रहें तैयार!

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 29, 2018
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Quick Bites

  • हमेशा धीरे आवाज में गाना सुने।
  • यह समस्या किशोरों में ज्यादा होती है।
  • तेज आवाज कानों के साथ-साथ दिमाग पर भी असर डालती है।

आजकल मेट्रो, बस और बाइक से चलते लोग कान में ईयरफोन/हेडफोन लगाकर तेज आवाज में गानें सुनते दिख जाते हैं। मगर वह यह नहीं जानते कि संगीत का यह मजा उनके लिए ऐसी सजा भी बन रहा है जो आने वाले समय में उन्हें बहरेपन के कगार पर लाकर खड़ा कर सकता है। तेज आवाज में होने के कारण यह गाने कानों के पर्दे पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। कई शोधों में भी यह बात सामने आयी है कि तेज आवाज में गाने सुनना आपको बहरा तक बना सकता है।

ear problem

क्या कहते हैं शोध 

पिछले 15 सालों के दौरान अमेरिकी किशोरों में बहरेपन की समस्या तेजी से बढ़ी है। अब हालत यहां तक आ गई है कि पांच में से एक किशोर उतनी गंभीर श्रवण समस्या से जूझ रहा है जितनी अमूमन 50 से 60 साल की उम्र वाले लोगों को होती है। हार्वर्ड स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ और बर्मिघम एंड वूमेंस हास्पिटल [बीडब्लूएच] के शोधकर्ताओं के अनुसार, 1988-94 के सर्वेक्षण से लिए गए आंकड़ों की तुलना में, 2005-06 में 12-19 साल के अमेरिकी किशोरों में किसी भी तरह के बहरेपन में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, पिछले 15 सालों के दौरान अमेरिकी किशोरों में 'हल्के या गंभीर रूप से बहरेपन' में 70 फीसदी की बढ़ोत्तरी पाई गई है। शोधकर्ताओं ने पांच में से कम से कम एक किशोर में सुनने की क्षमता में कमी के प्रमाण पाए हैं जबकि 20 में से एक में सुनने की क्षमता में बेहद हल्की कमी पाई है।

बीडब्लूएच में चेनिंग प्रयोगशाला के फिजीशियन इंवेस्टिगेटर और अध्ययन के अगुवा रहे जोसेफ शारगोरोडस्काई ने कहा कि इन किशोरों ने सामान्य फुसफुसाहट, सीटी, कुछ निश्चित संगीत के सुर और उच्च आवृत्ति वाली आवाजों को सुनने में दिक्कतें महसूस की होंगी। उन्होंने कहा, 'किशोरों में सुनाई देने की क्षमता में कमी पिछले अध्ययन को देखते हुए और चिंताजनक हो जाती है।
ear pain
इस अध्ययन में पाया गया था कि किशोर सुनाई देने के महत्व और शोर के खतरों को कम आंक रहे हैं। वह अपनी श्रवण क्षमता बचाने को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।' अध्ययन में किशोरों के बीच बढ़ते बहरेपन का कोई मुख्य कारण नहीं दिया गया है। हालांकि, शोधकर्ता जांच रहे हैं कि क्या सेलफोन और ईयरफोन से सुना जाने वाला संगी इसका कारण है?

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जोसेफ ने कहा, 'बहरेपन के कारण को बेहतर तरीके से समझने के लिए आगे शोध किए जाने बेहद जरूरी हैं। यह इतना व्यापकता के साथ क्यों बढ़ रहा है और यह अन्यों से ज्यादा कुछ जनसंख्या को ही क्यों प्रभावित कर रहा है। साथ ही इससे निपटने के लिए किस तरह से कारगर उपाय किए जा सकते हैं।'

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि अमेरिका में लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में बहरेपन की समस्या ज्यादा है। 2005-06 में करीब 22 फीसदी लड़कों और 17 फीसदी लड़कियों ने कम सुनाई देने की समस्या जाहिर की थी।

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कैसे करें कान की देखभाल

  • कान को स्‍वस्‍थ रखने के लिए शरीर के अन्‍य अंगों की तरह ही देखभाल की जरूरत है। 
  • कान को स्‍वस्‍थ रखना है तो कभी भी उसमें चाभी या कोई नुकीली चीज न डालें। 
  • कान में कलबलाहट ज्‍यादा हो तो तुरंत डॉक्‍टर की सलाह लें। 
  • कान में किसी प्रकार का इंफेक्‍शन हो तो बिना देरी के डॉक्‍टर को दिखाएं। 
  • तेज ध्वनि में संगीत न बजाएं और न सुनें। 
  • ज्‍यादा देर तक कान में ईयरफोन लगाकर गाना न सुनें। थोड़ी-थोड़ी देर का ब्रेक लें। 

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