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Childhood Cancer Day 2023: इन वजहों से बच्चों में बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, इन लक्षणों से करें पहचान

International Childhood Cancer Day 2023  : चाइल्डहुड कैंसर को पीडिएट्रिक कैंसर भी कहा जाता है। ये कैंसर 0 से 14 साल के बच्चों में देखा जाता है। 

Ashu Kumar Das
Written by: Ashu Kumar DasUpdated at: Feb 15, 2023 11:54 IST
Childhood Cancer Day 2023: इन वजहों से बच्चों में बढ़ रहा है कैंसर का खतरा, इन लक्षणों से करें पहचान

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International Childhood Cancer Day 2023  : आजकल की लाइफस्टाइल में वयस्कों के साथ-साथ छोटे बच्चे भी कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वयस्कों के मुकाबले बच्चों में कैंसर के मामले कम देखें जाते हैं इसलिए पेरेंट्स इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक हर साल 0 से 19 साल की उम्र के 4 लाख बच्चे कैंसर से पीड़ित पाए जाते हैं। भारत की बात करें तो यहां हर साल  50000 नए चाइल्डहुड कैंसर केस दर्ज किए जाते हैं।

बच्चों में बढ़ते कैंसर के मामलों को देखते हुए हर साल 15 फरवरी को इंटरनेशनल चाइल्डहुड कैंसर डे (International Childhood Cancer Day 2023 ) मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य माता-पिता को चाइल्डहुड कैंसर के प्रति जागरूक करना है। चाइल्डहुड कैंसर क्या है और बच्चों में इसके लक्षणों को जानने के लिए हमने गुरुग्राम के सीके बिरला अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी की कंसल्टेंट डॉक्टर पूजा बब्बर से बातचीत की। आइए जानते हैं चाइल्डहुड कैंसर से जुड़ी सभी जानकारी।

क्यों बढ़ रहे हैं चाइल्डहुड कैंसर के मामले?

डॉक्टर पूजा बब्बर का कहना है कि पूरी दुनिया में चाइल्डहुड कैंसर के मामले बच्चों की लाइफस्टाइल में हो रहे बदलाव की वजह से बढ़ रहे हैं। आजकल के बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी काफी कम हो रही है, इसके अलावा वो कई तरह के जंक फूड्स का सेवन करते हैं। यही कारण है कि उनमें कैंसर के सेल्स ज्यादा तेजी से डेवलप होते हैं। डॉक्टर का कहना है कि वयस्कों की तरह कैंसर की कोशिकाएं बच्चों के शरीर के किसी भी हिस्से में पनप सकती हैं और फिर बाकी हिस्सों में फैल सकती हैं। 

किस उम्र में है चाइल्डहुड कैंसर का खतरा?

चाइल्डहुड कैंसर को पीडिएट्रिक कैंसर भी कहा जाता है। ये वो कैंसर होता है जो बच्चे के पैदा होने से 14 साल की उम्र तक शरीर के किसी भी हिस्से में पनप सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 0 से 14 साल की उम्र के बच्चों में कैंसर के लक्षण इतने आम हैं कि पेरेंट्स उसे पहचान नहीं पाते या नजरअंदाज कर देते हैं।

बच्चों को कैसे होता है कैंसर?

बच्चों में कैंसर के ज्यादातर मामले जीन में असामान्यता के कारण सामने आते हैं। इससे कैंसर कोशिकाएं अनियंत्रित होकर पनपने लगती हैं और अंततः: वो कैंसर का रूप ले लेती हैं। वयस्कों में ये जीन परिवर्तन कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों के लिए उम्र बढ़ने और लंबे समय तक संपर्क का परिणाम हैं, लेकिन ऐसे पर्यावरणीय कारणों को पहचानना मुश्किल है जो बच्चों में कैंसर बढ़ाते हों। इसकी बड़ी वजह ये भी है कि क्योंकि कैंसर बच्चों में रेयर होता है, और इसमें ये भी पता लगाना मुश्किल है कि छोटे बच्चे किस प्रकार की चीजों के संपर्क में आए हैं या आ सकते हैं।

चाइल्डहुड कैंसर के प्रकार क्या हैं? - Types of childhood cancer in Hindi

डॉ. पूजा बब्बर का कहना है कि वयस्कों की तरह बच्चों में भी कैंसर के कई प्रकार हैं: 

  • ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया, लिम्फोमास)
  • बोन कैंसर (ऑस्टियो सार्कोमा, इविंग सार्कोमा)
  • ब्रेन ट्यूमर
  • न्यूरोब्लास्टोमा
  • रेटिनोब्लास्टोमा
  • रैबो मायोसर्कोमा
  • विल्म्स ट्यूमर

चाइल्डहुड कैंसर के लक्षण क्या हैं? - Childhood Cancer Symptoms in Hindi

  • भूख कम लगना या वजन घटना
  • जोड़ों में सूजन, पैरों और हड्डियों में सूजन
  • सिरदर्द
  • देखने की क्षमता में बदलाव होना
  • जख्म होना या खून बहना
  • चेहरा पीला पड़ना
  • बहुत ज्यादा थकान होना

क्या चाइल्डहुड कैंसर से बचा जा सकता है?

डॉ. पूजा बब्बर का कहना है कि कैंसर का खतरा समय के साथ-साथ अलग-अलग कारणों से होता है। इनमें से कुछ चीजें ऐसी हैं जिनके जरिए चाइल्डहुड कैंसर को रोका जा सकता है। 

अगर कोई महिला गर्भवती है उन्हें शराब से दूर रहना चाहिए, धूम्रपान और और वायु प्रदूषण जैसे हानिकारक कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों के लंबे समय तक संपर्क को कम करना चाहिए, ये बच्चों के कैंसर को रोकने में अहम भूमिका निभा सकता है।

कभी-कभी बच्चे रेडिएशन के संपर्क में आ जाते हैं जिस कारण भी उन्हें कैंसर का खतरा रहता है, ऐसे में बच्चों को ऐसे रेडिएशन से दूर रखकर कैंसर से उनका बचाव किया जा सकता है।

With Inputs: Pooja Babbar, Consultant Medical Oncology at CK Birla Hospital, Gurugram

 

 

 

 

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