कुकिंग ऑयल को लेकर कंफ्यूज हैं? जानें कौन सा कुकिंग ऑयल है सेहत के लिए बेस्ट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 05, 2018
Quick Bites

  • ऑलिव ऑयल में होता है भरपूर फाइबर।
  • नारियल के तेल में 92 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट होता है।
  • तिल के तेल में होते हैं ढेर सारे मिनरल्स।

आजकल मार्केट में ढेर सारे कुकिंग ऑयल आ गए हैं। हर तेल के अलग-अलग फायदे बताए जाते हैं। किसी तेल के बारे में ये दावा किया जाता है कि यह दिल के लिए बेस्ट हैं, तो किसी तेल से मोटापा और कोलेस्ट्रॉल को कम करने का दावा किया जाता है।  ऐसे में ज्यादातर लोग कंफ्यूज हैं कि खाने में कौन सा तेल इस्तेमाल करें। आइये हम आपकी ये कंफ्यूजन दूर करने में थोड़ी मदद करते हैं। जानिए कौन से कुकिंग ऑयल से आपको मिलते हैं क्या लाभ और कौन सा तेल है बेस्ट।

राइस ब्रान ऑयल

राइस ब्रान ऑयल अभी मार्केट में नया है और अपनी जगह बना रहा है। ये तेल धान की बाहरी पर्त से बनाया जाता है। हेल्थ एक्सपर्स्ट मानते हैं कि ये तेल सभी तेलों में सबसे ज्यादा हेल्दी है। हालांकि भारतीय खानों के स्वाद के अनुसार कई बार ये तेल कुछ लोगों को अटपटा लग सकता है। इसमें 37 प्रतिशत पॉलिअनसैचुरेटिड फैट और 45 प्रतिशत मोनोअनसैचुरेटिड फैट होता है, जो 1:1 के  के बराबर है।

क्या हैं फायदे: इस तेल में विटामिन ई की काफी ज्यादा मात्रा होती है और विटामिन ई एक बेहतर एंटीऑक्सिडेंट है।
इसके अलावा राइस ब्रान ऑयल में ओरिजेनॉल नाम का एक केमिकल होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के लिए बहुत फायदेमंद है। राइस ब्रान ऑयल में फैटी एसिड की मात्रा एक बराबर है। साथ ही इसमें ट्रांस फैट भी मौजूद नहीं है इसलिए ये दिल के लिए फायदेमंद है।

ऑलिव ऑयल

जैतून के तेल का एक कप आपके दैनिक आवश्‍यकता के फाइबर की 17 प्रतिशत जरूरत को पूरा करता है। अन्य तेलों के मुकाबले इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट्स ज्यादा होता है। इसमें कई एंटीऑक्सिडेंट्स खासतौर से विटामिन ई पाया जाता है। इसके अलावा इसमें फाइटोन्यूट्रिएटंस ओलेकैंथेल और ओलेइक एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है।

क्या हैं फायदे: जैतून और जैतून के तेल के  सेवन से शरीर में फैट का वितरण नियंत्रित रहता है और अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती। यह दिल की बीमारियों और हाई ब्लडप्रेशर से बचाव करता है। इससे शरीर ग्लूकोज को आसानी से पचाता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। जैतून के तेल में एंटी माइक्रोबियल गुण होते है जो अल्‍सर के लिए जिम्‍मेदार बैक्‍टीरिया से निपटने में मदद करता है। अध्‍ययन के अनुसार, उच्‍च स्‍तर में पोलीफेनोल्स अल्‍सर पैदा करने वाले बैक्‍टीरिया के खिलाफ रक्षा प्रदान करता है। ये कैंसर से लड़ने में सक्षम बनाता है।

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नारियल का तेल

नारियल तेल में बना खाना न सिर्फ अधिक पौष्टिक होता है बल्कि अधिक समय तक फ्रेश भी रहता है। नारियल तेल में बना खाना स्वादिष्ट तो होता ही है साथ ही इसमें कई तरह के पोषक तत्वों का अवशोषण करने का गुण भी पाया जाता है। नारियल के तेल में 92 फीसदी सैचुरेटेड फैट पाया जाता है। इसमें सैचुरेटेड फैट होता है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। यह तेल सेहत के लिहाज से ठीक है, डीप फ्राई के लिए उपयुक्त नहीं। इसमें वही वसा होती है, जो मां के दूध में होती है। इसे 'सुपरफूड' की उपाधि ठीक ही दी गई है।

क्या हैं फायदे: नारियल तेल के  मीडियम सैचुरेटेड फैटी एसिड से युक्त है जो लंबे समय तक भूख शांत रखता है।  नारियल का तेल मस्तिष्क संबंधी विकारों में भी मदद कर सकता है। यह तेल बहुत जल्दी से पचता है। नारियल तेल में बने या तले भोजन के सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती हैं।नारियल का तेल वायरस, फंगस और बैक्टीरिया से हमारे शरीर की रक्षा करता है। कॉर्डियोलॉजिस्ट की राय में दिल के मरीजों को नारियल के तेल से परहेज करना चाहिए।

तिल का तेल

तिल के तेल को काले और सफेद तिल के बीज से निकाला जाता है। यह तेल मैग्नीशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस और लेसिथिन का बहुत अच्छा स्रोत है। तिल का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। यह आपके दिल पर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को संतुलित बनाये रखने में मदद करता है इसलिए तिल के तेल को हृदय रोगियों को लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।

क्या हैं फायदे: तेल के तिल में अनसैचुरेटेड फैट बहुत अधिक होने के बावजूद इसमें ओमेगा-6 भरपूर मात्रा में होता है। तिल का तेल विटामिन ई का एक स्रोत है। विटामिन ई एक ऑक्सीकरण-रोधी है और यह कोलेस्ट्रॉल स्तर कम करने में मददगार होता है। इसके साथ ही तिल के तेल में मैग्नीशियम, तांबा, कैल्शियम, आयरन, जिंक और विटामिन बी 6 भी मौजूद होता हैं। कॉपर गठिया में होने वाले दर्द से राहत प्रदान करता है। मैग्नीशियम नाड़ी और श्वसन स्वास्थ्य के लिए अच्‍छा होता है। कैल्शियम, कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस, माइग्रेन और पीएमएस सिंड्रोम जैसी बीमारी को रोकने में मदद करता है। और जिंक हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

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सनफ्लावर ऑयल

सुरजमुखी देखने में जितना खूबसूरत होता है स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उससे कहीं ज्‍यादा फायेदमंद भी होता है। इसके फूलों व बीजों में कई औषधीय गुण छिपे होते हैं। दिल को स्‍वस्‍थ रखने से लेकर यह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव करता है। इसके अलावा सूरजमुखी के तेल का सेवन करने से लीवर सही तरीके से काम करता है और ऑस्टियोपरोसिस जैसी हड्डियों की बीमारी भी नहीं होती है।

क्या हैं फायदे: सूरजमुखी के तेल का सेवन करने से दिल स्‍वस्‍थ रहता है और दिल की बीमारियां नहीं होती हैं। इसमें मौजूद लिनोलेइक एसिड रक्त धमनियों में खून का थक्का बनने से रोकता है। समें फाइटोकेमिकल के साथ विटामिन ई पाया जाता है जो कैंसर की संभावना को न केवल कम करता है बल्कि कैंसर के उपचार में भी सहयोग देता है। इसके अलावा यह इंजाइम और हार्मोन के स्राव को बढ़ाता है, जिसके कारण शरीर में हार्मोंस की अनियमितता नहीं होती है।

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