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पैर का पंजा न ह‍िलने (फुट ड्रॉप) से चलने में होती है कठ‍िनाई? जानें बचाव के तरीके

Foot Drop: पैर का पंजा न ह‍िला पाना या सुन्न हो जाने का लक्षण फुट ड्रॉप के नाम से जाना जाता है। इससे बचने के उपाय जान लें।

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Oct 21, 2022 10:20 IST
पैर का पंजा न ह‍िलने (फुट ड्रॉप) से चलने में होती है कठ‍िनाई? जानें बचाव के तरीके

Foot Drop in Hindi: पैर का पंजा उठा न पाने की स्‍थि‍त‍ि को ही फुट ड्रॉप के नाम से जाना जाता है। ये समस्‍या होने पर व्‍यक्‍त‍ि को चलने में कठ‍िनाई होती है। उसे पैर की उंगली या अंगूठे को घ‍िसटकर चलना पड़ता है। फुट ड्रॉप को रोग समझने की गलती न करें। मांसपेश‍ियां या नस में होने वाली समस्‍या के कारण फुट ड्रॉप के लक्षण नजर आते हैं। सही इलाज करने पर ये समस्‍या ठीक भी हो जाती है। आपको भी नसों से जुड़ी समस्‍या है, तो फुट ड्रॉप के लक्षण परेशान कर सकते हैं। फुट ड्रॉप होने पर पैर के पंजे सुन्न हो सकते हैं। एक तरफ ज्‍यादा झुकाव, चलने में झटका लगना, पैर घुमाकर रखना, चलने में दर्द और ब‍िना सहारे खड़े न होने पाना आद‍ि लक्षण भी नजर आते हैं। इन लक्षणों से बचने के ल‍िए न‍िम्‍न उपायों को आजमां सकते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

foot drop treatment

1. लंबे समय तक खड़े न रहें

जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं, उन्‍हें फुट ड्रॉप की समस्‍या हो सकती है। ज्‍यादा देर खड़े रहने के कारण पैरोन‍ियल नस पर दबाव पड़ता है। इन नसों पर दबाव के कारण फुट ड्रॉप के लक्षण नजर आने लगते हैं। इसके साथ ही आपको फ‍िसलने या ग‍िरने से भी बचना चाह‍िए। ग‍िरने की स्‍थि‍त‍ि में भी नस पर दबाव के कारण ये समस्‍या हो सकती है।

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2. कसरत और स्‍ट्रेच‍िंग

पैरों की मसल्‍स मजबूत होंगी, तो फुट ड्रॉप की समस्‍या से बचा जा सकता है। पैरों की मांसपेश‍ियों को मजबूत बनाने के ल‍िए रोजाना कसरत करना चाह‍िए। इससे पैर की मांसपेश‍ियों को ताकत म‍िलेगी, वजन न‍ियंत्रण में रहेगा। कसरत करने से पैरों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा और नसों की समस्‍या से बच पाएंगे।   

3. एरोबिक एक्सरसाइज

फुट ड्रॉप से बचने के ल‍िए आपको एरोब‍िक कसरत करना चाह‍िए। नसों की मजबूती के ल‍िए एरोब‍िक कसरत फायदेमंद मानी जाती है। इससे नसों में ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा एरोब‍िक की मदद से शरीर में एंडोर्फ‍िन हार्मोन र‍िल‍ीज होते हैं। ये हार्मोन, शरीर में पेन क‍िलर का काम करते हैं। अगर रोजाना 20 से 30 म‍िनट एरोब‍िक कसरत करें, तो पैरों की मसल्‍स को मजबूत बना सकते हैं।    

4. बादाम और लहसुन का सेवन

फुट ड्रॉप की समस्‍या से बचने के ल‍िए नसों की मजबूती जरूरी होती है। बादाम की तासीर गरम होती है। नसों की ब्‍लॉकेज दूर करने के ल‍िए बादाम, अखरोट, क‍िशम‍िश का सेवन फायदेमंद होता है। इसका सेवन दूध के साथ कर सकते हैं। दूध के साथ लहसुन का सेवन करने से भी शरीर की बंद नसें खुल जाती हैं। इन सेहतमंद चीजों को अपनी डाइट में शाम‍िल करके पैरों की मजबूती को बढ़ाकर फुट ड्रॉप से बच सकते हैं। अगर पैर का पंजा कमजोर हो रहा है या पैर की उंगल‍ियों को ह‍िलाने में परेशानी आ रही है, तो आपको डॉक्‍टर से तुरंत संपर्क करना चाह‍िए।  

How to prevent Foot Drop: फुट ड्रॉप की समस्‍या से बचने के ल‍िए लंबे समय तक खड़े रहने से बचें। ऐसी कोई ग‍त‍िव‍िध‍ि न करें ज‍िससे पैरों की नसों पर दबाव पड़े। वजन न‍ियंत्रण में रखें और लहसुन, क‍िशम‍िश, बादाम आद‍ि चीजों का सेवन दूध के साथ करें। इससे पैरों की नसों को मजबूती म‍िलेगी। 

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