गर्भपात (मिसकैरेज) के बाद होने वाली परेशानियों को कम करने में मददगार हो सकते हैं ये 6 घरेलू उपाय

गर्भपात के बाद ब्लीडिंग की समस्या होती है, जिसकी वजह से शरीर में कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। आइए जानते हैं इन परेशानियों से बचाव के टिप्स -

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Apr 16, 2022Updated at: Apr 18, 2022
गर्भपात (मिसकैरेज) के बाद होने वाली परेशानियों को कम करने में मददगार हो सकते हैं ये 6 घरेलू उपाय

अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए कुछ महिलाएं गर्भपात करवाती हैं। वहीं, कुछ शारीरिक स्थितियों के कारण भी महिलाओं को गर्भपात यानी मिसकैरेज का सामना करना पड़ता है। गर्भपात होने के बाद महिलाओं को कई तरह की छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भपात के दौरान होने वाली परेशानियों में ब्लीडिंग. पेट दर्द, पेट में ऐंठन इत्यादि शामिल हैं। अगर गर्भपात के बाद आपको ब्लीडिंग की परेशानी काफी ज्यादा हो रही है, तो इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता होती है। साथ ही इस परेशानी को कम करने के लिए आप घर पर भी कुछ घरेलू नुस्खों को आजमा सकते हैं। आज हम इस लेख में गर्भपात के बाद ब्लीडिंग की परेशानी को कम करने के घरेलू उपायों के बारे में जानेंगे। इस विषय पर हमने राम हंस चेरीटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा से बातचीत की है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट -

1. गर्म सिंकाई

आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि गर्भपात के बाद ब्लीडिंग की परेशानी काफी ज्यादा होने पर पेट में ऐंठन, सिरदर्द इत्यादि की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से बचने के लिए पेट के आसपास गर्म पानी से सिंकाई करें। इससे आपको काफी आराम महसूस हो सकता है।

2. रास्पबेरी के पत्तियों की चाय

गर्भपात के बाद रास्पबेरी के पत्तियों की चाय का सेवन करें। इस चाय के सेवन से शरीर को भरपूर रूप से कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, सेलेनियम और विटामिन ए और विटामिन सी  प्राप्त होता है। यह गर्भाशय सहित पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत और टोन करने में आपकी मदद कर सकता है। लाल रास्पबेरी की पत्तियां गर्भावस्था के बाद या फिर गर्भपात के बाद होने वाली हैवी ब्लीडिंग की परेशानी को रोकने में असरदार हो सकती हैं। ऐसे में आप मिसकैरिज के बाद इससे तैयार चाय का सेवन कर

3. माका रूट

गर्भपात के दौरान शरीर में हार्मोन को शांत करने के लिए माका रूट का सेवन लाभकारी हो सकता है। यह पिट्यूटरी ग्रंथि को पोषण और उत्तेजित करने में मदद हो सकता है। इससे गर्भपात के दौरान होने वाली परेशानी कम हो सकती है।

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4. हर्ब्स बाथ है फायदेमंद

श्रेय शर्मा बताते हैं कि गर्भपात के बाद ब्लीडिंग और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए आप घर पर हर्ब्स बाथ ले सकते हैं। हर्ब्स बाथ के लिए 1 टब में हल्का सा गुनगुना पानी भर लें। अब इसमें लैवेंडर ऑयल, मेहंदी की कुछ पत्तियां, नीम की पत्तियां डाल लें। इसके साथ ही इसमें 1 चम्मच सेंधा नमक मिक्स करें। अब इस टब में कुछ समय के लिए बैठें। इन सभी जड़ी-बूटियों का मिश्रण यौनि में संक्रमण फैलने से रोकने में आपकी मदद कर सकता है। साथ ही ब्लीडिंग की परेशानी को भी कम कर सकता है।  

5. आयरन युक्त डाइट करें शामिल 

एक्सपर्ट का कहना है कि गर्भपात के कुछ सप्ताह ब्लीडिंग की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति में महिलाओं को काफी ज्यादा कमजोरी, शरीर में आयरन की कमी, चक्कर आना जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस अवस्था में महिलाओं को आयरन से भरपूर आहार लेने की आवश्यकता होती है। ऐसे में कोशिश करें कि गर्भपात के बाद आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ साबुत अनाज, पत्तेदार सब्जियां, व्हीटग्रास ड्रिंक, इत्यादि दें। इस तरह के आहार का सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है।

6. एक्सरसाइज न करें

कुछ महिलाएं अपनी फिटनेस को लेकर काफी चिंतित रहती हैं। ऐसे में वह गर्भपात के बाद भी एक्सरसाइज करना शुरू कर देते हैं। ऐसा करने से ब्लीडिंग की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं, शरीर में कई अन्य तरह की समस्याएं भी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि गर्भपात के करीब 2 सप्ताह तक एक्सरसाइज न करें। अगर आप एक्सरसाइज करना चाहते हैं, तो वॉकिंग करें। लेकिन ध्यान रखें कि इस दौरान हैवी एक्सरसाइज करना आपको परेशानी में डाल सकता है। 

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गर्भपात के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव और परेशानियां देखने के मिल सकती हैं। ऐसे में महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर आपको हैवी ब्लीडिंग की परेशानी हो रही है, तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वहीं, डॉक्टर द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों को फॉलो करें। ताकि गंभीर अवस्था से बचाव हो सके।

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