पोस्टपार्टम डिप्रेशन से कैसे निपटें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 15, 2014
Quick Bites

  • बच्चे का खयाल रखने में खुद ना भूलें।
  • पर्याप्त नींद व स्वस्थ आहार है जरूरी।
  • पार्टनर से खुलकर इस समस्या पर बात करें।
  • परिवार के अन्य सदस्यों की मदद लें।

पोस्टपार्टम डिप्रशेन आमतौर पर महिलाओं में बच्चे के जन्म के बाद होता है। यह एक प्रकार का मनोरोग है जिसमें महिलाएं बच्चें को जन्म देने के बाद उदास या तनाव में रहने लगती हैं। यह जरूरी नहीं कि ऐसा सभी महिलाओं के साथ हो कुछ महिलाएं इस स्थिति से बड़ी आसानी से बाहर निकल आती है।

postpartam dipressionयह डिप्रेशन महिलाओं के शरीर में हुए शारीरिक व हार्मोनल परिवर्तन के कारण होता है। इस स्थिति को 'पोस्टपार्टम ब्लूज' भी कहा जाता है। आमतौर पर यह स्थिति 3-4 दिनों तक की होती है लेकिन कई बार यह बढ़कर कई हफ्ते या महीनों तक पहुंच जाती है तो इसे पोस्टपार्टम डिप्रेशन कहा जाता है। इस स्थिति में बच्चे को जन्म देने वाली मां खुद के साथ ही अपने शिशु से भी घृणा होने लगती है, जिसके फलस्वरूप आत्महत्या व बच्चे की हत्या जैसा कदम उठा लेती है। 60 प्रतिशत महिलाओं को पोस्टपार्टम ब्लूज से गुजरना पड़ता है, वहीं 15-20 फीसदी महिलाएं ही पोस्टपार्टम डिप्रेशन की शिकार होती हैं। आइए जानें पोस्टपार्टम डिप्रेशन से निपटने के आसान उपायों के बारे में।


स्वस्थ आहार  

बच्चे के जन्म के बाद आपके शरीर को स्वस्थ आहार की बहुत जरूरत होती है। अक्सर महिलाएं बच्चे में इतना उलझ जाती हैं कि वे खाने का ध्यान हीं नहीं रख पातीं हैं जो कि आपके और बच्चे दोनों के लिए ठीक नहीं हैं। ध्यान रहे, इस अवस्था में स्वस्थ और पौष्टिक आहार लेना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। इससे आपको डिलीवरी के बाद के तनाव से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।


खुद पर ध्यान दें

बच्चे के जन्म के बाद उसके कामों में उलझे रहने की जगह खुद को थोड़ा समय दें। गर्भावस्था के कारण आप में कई सारे शारीरिक बदलाव आते हैं। ऐसे में आपको खुद पर ध्यान देने की जरूरत है। नया हेयर कट लें, कुछ ट्रेंडी और फैशनबल कपड़े और एसेसरीज पहनें। इससे निश्चित रूप से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। अगर आप ऐसे करेंगी तो डिलीवरी के बाद होने वाले तनाव से निजात पाना काफी आसान हो जाएगा।

 

पार्टनर की मदद लें

अकेले ही बच्चे की देखभाल में परेशान होने की बजाय आप अपने पार्टनर की मदद लें। उन्हें अपने अंदर होने वाले बदलावों व तनाव के बारे में खुलकर बताएं तभी वे आपकी समस्या को समझेंगे और आपकी मदद कर पाएंगे। निश्चित ही वो आपकी समस्या को समझेगें और खुशी से आपकी मदद करेंगे। पार्टनर के प्यार और सहयोग की मदद से भी डिलीवरी के बाद होने वाले तनाव से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है।


योग व व्यायाम

गर्भावस्था के कारण शरीर में होने वाले बदलाव को दूर करने के लिए योग औप व्यायाम करने की आदत डालें। आप चाहें तो मानसिक शांति के लिए मेडीटेशन भी कर सकती हैं। पोस्टपार्टम डिप्रेशन को कम करने का यह सबसे अच्छा तरीका है। साथ ही योगा से आपका स्वास्थ भी ठीक रहेगा।

पर्याप्त नींद लें

बच्चे के आने के बाद उसकी देखभाल के चक्कर में आपकी नींद गायब हो जाती है। ऐसे में आप अपने पार्टनर और परिवार के अन्य सदस्य को बच्चे की देखभाल का जिम्मा सौंप सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं कर सकती हैं तो बच्चे के सोने के समय ही आप अपनी नींद पूरी करें। इससे आप आराम से सो सकेंगी।

 

पोस्टपार्टम डिप्रशेन से बचने के लिए महिलाओं को बच्चे के खयाल के साथ खुद का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। ऊपर दिए गये उपायों की मदद से आप निश्चित ही इस समस्या से निजात पा सकती हैं।

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