वायु प्रदूषण में कितना कारगर है 'एयर प्‍यूरीफायर', पढ़ें एक्‍सपर्ट की राय

दिल्ली एनसीआर समेत इन दिनों देश के कई राज्यों की हवा काफी प्रदूषित है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से हम प्रत्यक्ष तौर पर बीमारियों की चपेट में आते हैं।

Rashmi Upadhyay
तन मनWritten by: Rashmi UpadhyayPublished at: Nov 19, 2018
वायु प्रदूषण में कितना कारगर है 'एयर प्‍यूरीफायर', पढ़ें एक्‍सपर्ट की राय

दिल्ली एनसीआर समेत इन दिनों देश के कई राज्यों की हवा काफी प्रदूषित है। प्रदूषित हवा में सांस लेने से हम प्रत्यक्ष तौर पर बीमारियों की चपेट में आते हैं। अपने घर और कार्यालय में एयर प्‍यूरीफायर लगाने से कुछ हद तक वायु प्रदूषण से निपटने में मदद मिलती है लेकिन सवाल है कि ये कितने प्रभावी होते हैं। ज्यादातर एयर प्यूरिफायर प्रदूषक तत्वों को हटाने में सक्षम हैं, जिसमें स्पोर्स, पोलेन, धूल, बैक्टीरिया और पेट डेंडर शामिल हैं। लेकिन क्या वे एयर क्वालिटी इंडेक्स (एआईक्यू) के हिसाब से हवा साफ कर पाते हैं?

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के वरिष्ठ कंसलटेंट (क्रिटिकल केयर) राजेश चावला ने बताया कि एयर प्यूरिफायर प्रभावी होते हैं, लेकिन कुछ ही हद तक। क्योंकि लोगों को घर से बाहर भी जाना होता है, जहां उनका सामना प्रदूषित हवा से होता है। जेपी हॉस्पिटल नोएडा के वरिष्ठ कंसलटेंट (पलमोनोजी विभाग) ज्ञानेंद्र अग्रवाल ने कहा कि एयर प्‍यूरीफायर घर के अंदर की हवा का प्रदूषण कुछ हद तक घटा सकते हैं। उनका सकारात्मक असर देखने को मिला है। तो कहा जा सकता है कि कुछ नहीं से कुछ भला।

एयर प्‍यूरीफायर की क्षमता को पीएम 2.5 के फिल्टर करने की क्षमता से नापी जाती है। नई दिल्ली की कंपनी निर्वाणा बीइंग के जयधर गुप्ता का कहना है कि ऑनलाइन एयर प्‍यूरीफायर बेचनेवाली कंपनियां विदेशी शहरों को ध्यान में रखकर उत्पाद बनाती हैं। निर्वाणा बीइंग एयर प्यूरिफायर का निर्माण स्थानीय वातावरण को ध्यान में रख कर करती है। गुप्ता ने आईएएनएस को बताया कि लंदन और सिंगापुर जैसे शहरों में पीएम 2.5 का स्तर कभी कभार 150 से ऊपर होता है, जबकि दिल्ली में यह 1,500 से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है।

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वायु प्रदूषण से ऐसे बचें

वायु प्रदूषण से बचने के लिए आप अपने घर के अंदर एयर प्‍यूरीफायर का इस्‍तेमाल कर सकते हैं, हालांकि कोशिश यह भी करें कि अपने घर के आस-पास के वातावरण को शुद्ध बनाए रखें, अधिक से अधिक पौधे लगाएं। अगर आपके आस पास प्रदूषण के कारक मौजूद हैं तो मास्‍क का प्रयोग कर सकते हैं, जिससे आप काफी हद तक वायु प्रदूषण से बच सकते हैं।

ये पौधें करते हैं प्यूरिफायर का काम

  • ऑफिस के बंद कमरे में अगर आपको शुद्ध वायु और प्रकृति के स्पर्श की जरूरत महसूस होती है तो वहां रखने के लिए रबर प्लांट्स बेस्ट हैं। थोड़ी सी धूप भी उन्हें जीवित रखने के लिए पर्याप्त है। ये धीरे-धीरे बढ़ते हैं, लेकिन ऑफिस के वुडन फर्नीचर द्वारा रिलीज किए जाने वाले हानिकारक ऑर्गेनिक कंपाउंड फॉरमलडिहाइड से वातावरण को मुक्त करने की इनकी क्षमता लाजवाब है। यह जानना आवश्यक है कि आमतौर पर फर्नीचर्स के निर्माण में फॉरमलडिहाइड बेस्ड ग्लू का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए अगर आप कमरे में सोफे या बेड के नजदीक रबर प्लांट रखती हैं तो यह आपके स्वास्थ्य के लिहाज से भी अच्छा रहेगा।
  • सूरज की थोड़ी सी रोशनी में भी भली प्रकार पनपने वाला यह पौधा एक अच्छा एयर प्यूरीफायर होने के साथ ही अनेक औषधीय गुणों से भी परिपूर्ण है। यह न सिर्फ केमिकल बेस्ड क्लीनर्स पेंट्स इत्यादि में पाए जाने वाले हानिकारक फॉरमलडिहाइड और बेंजीन से वातावरण को मुक्त करता है, बल्कि इसकी पत्तियों से निकलने वाला जेल त्वचा में कांति लाने के साथ ही घावों को भरने व जली हुई त्वचा को ठीक करने में लाभकारी रहता है। इसे आप अपनी किचेन विंडो पर भी रख सकती हैं।
  • तुलसी एक नेचुरल एयर प्‍यूरीफायर है। यह पौधा 24 में से 20 घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है। तुलसी का पौधा कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाई ऑक्साइड व सल्फर डाईऑक्साइड सोखता है।
  • अगर आप पौधों की देखभाल के लिए समय निकालने में असमर्थ हैं तो भी इस पौधे को घर के भीतर रखने में कोई परेशानी नहींहै। छोटे-छोटे सफेद फूलों व घनी पत्तियों वाला यह खूबसूरत पौधा समुचित देखभाल के अभाव में भी जीवित रहता है और वायु को शुद्ध करता है। लेदर, रबर और प्रिटिंग मैटेरियल में इस्तेमाल किए जाने वाले तत्व जाइलीन, बेन्जीन, फॉरमलडिहाइड और कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसी विषैली गैसों से यह वातावरण को मुक्त करता है। अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं तो उनके लिहाज से भी यह पौधा सुरक्षित है।

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