डायबिटीज और हाई ब्‍लड शुगर में अंतर: जानें इन्‍हें कंट्रोल करने के आसान उपाय

डायबिटीज, जीवनशैली से जुड़ी एक गंभीर समस्‍या है। हालांकि, जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इस पर कंट्रोल किया जा सकता है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Jan 26, 2020Updated at: Jan 26, 2020
डायबिटीज और हाई ब्‍लड शुगर में अंतर: जानें इन्‍हें कंट्रोल करने के आसान उपाय

हम में से ज्यादातर लोग हाई ब्लड शुगर और डायबिटीज को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं। जबकि, यह दोनों ही समस्‍याएं एक दूसरे से काफी अलग है। लेकिन दोनों ही हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। यह हमारे शरीर में अनेक स्वास्थ संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। हालांकि इन बीमारियों को खत्म कर पाने कोई पक्का इलाज अभी तक नहीं मिल पाया है। लेकिन इन्हें आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। जानें हाई ब्लड शुगर और टाईप 2 डायबिटीज को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं?  

क्या है डायबिटीज

डायबिटीज ऐसी बीमारी है जो शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बहुत अधिक होने की वजह से होती है। ब्लड शुगर आपकी ऊर्जा का मुख्य स्रोत है यह उर्जा आपके द्वारा खाए गए भोजन से प्राप्त होती है। इंसुलिन हमारे हमारे अग्नाशय द्वारा बनाया गया एक हार्मोन है। यह भोजन से प्राप्त ग्लूकोज को आपकी कोशिकाओं में ऊर्जा के लिए उपयोग करने में मदद करता है। कभी-कभी यह  पर्याप्त मात्रा में आपके शरीर में नहीं बन पाता या हमारा शरीर इंसुलिन का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में ग्लूकोज आपके रक्त में रहता है लेकिन आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता। आपके रक्त में ब्लड शुगर की मात्रा अधिक होने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हालाँकि डायबिटीज का कोई इलाज तो नहीं है लेकिन आप डायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं। डायबिटीज को कभी-कभी "बॉर्डरलाइन डायबिटीज" भी कहते हैं। यह सुनने में ऐसा लगता है जैसे डायबिटीज नहीं है या ये कोई गंभीर समस्या नहीं है। लेकिन डायबिटीज से जुड़ा हर मामला बहुत ही गंभीर है।

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हाई ब्लड शुगर और टाइप 2 डायबिटीज

हाई ब्लड शुगर या हाइपरग्लेसेमिया वह लक्षण है जिससे डायबिटीज के बारे में पता चलता है। रक्त में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन पैदा नहीं होता। साथ ही इंसुलिन अपना काम करना बंद कर देता है। दोनो ही डायबिटीज के विकसित होने का महत्वपूर्ण कारण है। समय के साथ यह लोगों में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके लिए कई अन्य कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं जिनमें सामान्य से अधिक कार्बोहाइड्रेट का सेवन करना और शारीरिक रूप से कम सक्रिय होना शामिल है।

टाइप 2 डायबिटीज में आपके शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को प्रतिक्रिया नहीं दे पाती जबकि ऐसा होना जरूरी है। इस बीमारी के बाद के चरणों में आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर सकता। डायबिटीज कंट्रोल न होने की वजह से रक्त में शुगर का स्तर बढ़ता है। जिससे कई लक्षण देखने को मिलते हैं और गंभीर समस्या होने की संभावना होती है।

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कैसे कर सकते हैं रिवर्स?

आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके हाई ब्लड शुगर और डायबिटीज को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। ऐसा करना वास्तव में आपके स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है। आप इन टिप्स को भी फोलो कर सकते हैं-

  • अपने अतिरिक्त वजन को कम करें
  • नियमित व्यायाम करें
  • स्वस्थ भोजन खाएं
  • अपने भोजन में सोडियम की मात्रा कम करें
  • अल्कोहल का सेवन कम करें
  • धूम्रपान करना छोड़ दें
  • तनाव से बचें
  • कॉफी का सेवन कम करें
  • अपनी ब्लड शुगर और डायबिटीज की निगरानी करें और नियमित रूप से डॉक्टर को दिखाएं
  • कार्बोहाइड्रट का सेवन कम करें
  • फाइबर युक्त आहार का सेवन अधिक करें
  • ज्यादा पानी पियें और हाइड्रेट रहें
  • कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ चुनें
  • क्रोमियम और मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें

अपनी जीवनशैली में बदलाव करने से अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। खासतौर पर जब आप डॉक्टर द्वारा दी गई हाई ब्लड शुगर और डायबिटीज को कंट्रोल करने की दवाएं ले रहें हों।

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