होली के रंगों के बीच स्वास्थ्य को न करें नजरअंदाज, फॉलो करें ये टिप्स

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 27, 2018

रंगों के खूबसूरत त्योहार होली की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो गई हैं। इको-फ्रेंडली (पर्यावरण-अनुकूल) जश्न के इस माहौल में क्या आप सुरक्षित और सेहतमंद होली की तैयारी में जुटे हैं? अगर हां, तो बहुत बढ़िया! होली का मजा तब दुगना हो जाता है जब आपको किसी हानिकारक केमिकल से जुड़ी या स्वास्थ्य संबंधी चिंता नहीं सताती। जी हां, होली के जश्न के साथ कुछ स्वास्थ संबंधी जोखिम भी जुड़े हो सकते हैं। लेकिन सावधानी और बचाव के तरीकों से आप पूरे मन से इस त्योहार का आनंद उठा सकते हैं। हेल्थियंस की वरिष्ठ लाइफस्टाइल मैनेजमेंट कन्सल्टेंट डॉ. स्नेहल सिंह ने होली के जश्न से जुड़े कुछ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और उनसे बचने के सुरक्षात्मक तरीके बताए हैं।

एलर्जी की समस्या

होली के रंग अक्सर केमिकल से बनाए जाते हैं और इनसे कुछ लोगों को ऐलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। एलर्जी से त्वचा, आंखों, नाक और गले में जलन हो सकती है। इनसे संवेदनशील लोगों में सर्दी, खांसी और सांस की तकलीफें भी हो सकती हैं। इनसे दमा और अन्य जटिल समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं।

त्वचा की समस्याएं

होली के रंगों में संभावित हानिकारक केमिकल्स से त्वचा की समस्याएं होने से स्वास्थ्य को बहुत बड़ा खतरा होता है। इनसे खुजली, लालिमा, सूखापन, स्केलिंग, जलन का एहसास और फुंसियां हो सकती हैं। होली के रंगों का प्रभाव बालों पर भी पड़ सकता है। कई लोगों को होली के बाद बालों का झड़ना, सिर की त्वचा पर खुजली, गंजापन, बालों का बेजान और रूखा होने जैसी समस्याओं का सामान करना पड़ता है।

इसे भी पढ़ें : फॉइल पेपर में खाना लपेटकर खाते हैं, तो मोटापे के लिए रहें तैयार

आंखों की समस्याएं

होली के जश्न के बाद लोगों में पाई जाने वाली आम समस्याएं आंखों से जुड़ी होती हैं, जिनमें जलन, खुजली, आंखों में अधिक पानी आना, रोशनी के प्रति अधिक संवेदनशीलता, आंखों में दर्द या लाल होने के लक्षण शामिल होते हैं।

पाचन संबंधी समस्याएं

होली के उल्लास में रंग लगे हाथों से पकवान खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। रंग म्यूकस मेम्ब्रेन (श्लेष्म झिल्ली) में जलन पैदा कर सकते हैं, जिस कारण आपको मिचली, उल्टी या पेट की तकलीफ हो सकती है, साथ ही इंफेक्शन होने की संभावना भी बनी रहती है।

केमिकल का उपयोग

होली के रंगों में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायनों से आपके स्वास्थ्य के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इससे पक्षाघात (पैरालिसिस), गुर्दे की खराबी और त्वचा के कैंसर जैसी समस्याएं जुड़ी हैं इसलिए सावधान रहें। आजकल हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) रंग बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं, लेकिन इन पर भी कोई नियमन नहीं है, इसलिए आपको भ्रामक लेबल से सावधान रहने की जरूरत है। नकली ऑर्गेनिक या झूठा दावा करने वाले उत्पादों से सावधान रहें, सुरक्षित रंगों को पहचानने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं—

  • रंगों से यदि केमिकल या पेट्रोल की गंध आए तो उन्हें न खरीदें। यदि रंग पानी में घुलता नहीं है तो उनमें केमिकल हो सकता है, बेहतर होगा उन्हें न खरीदें।
  • ऑर्गेनिक रंगों में चमकदार कण नहीं होते हैं और वे गहरे रंगों (डार्क शेड) में उपलब्ध नहीं होते हैं। इसलिए सिल्वर, गहरा पर्पल या काला रंग न खरीदें, हो सकता है कि वे प्राकृतिक रंग न हों।
  • बेसन में हल्दी मिलाएं और चमकदार पीला रंग पाएं। आप पानी में गेंदे के फूलों के पत्तों को उबालकर पीले रंग का पानी बना सकते हैं। लाल रंग बनाने के लिए गुड़हल के फूलों के सूखे पत्तों के पाउडर को आटे के साथ मिला लें। बीटरूट के टुकड़े काटकर या अनार के दाने पानी में मिलाकर मनमोहक गुलाबी रंग का पानी बना सकते हैं। पानी में केसर भिगोकर या अच्छी क्वालिटी की प्राकृतिक हिना या मेहंदी मिलाकर नारंगी रंग का पानी बना सकते हैं।

सुरक्षित होली के लिए अपनाएं ये टिप्स

  • होली में रंगों से खेलने से पहले मॉइचराइजिंग लोशन, जैतून (ऑलिव) या नारियल का तेल त्वचा पर लगा लें। इससे आपकी त्वचा सुरक्षित भी रहती है और बाद में रंग छुड़ाना भी आसान हो जाता है। आप एक वॉटरप्रूफ सनस्क्रीन लोशन का भी प्रयोग कर सकते हैं। यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं तो होली खेलने से पहले उन्हें निकालकर कर रख दें।
  • होली के रंगों से आपके बाल और सिर की त्वचा खराब हो सकती है, इसलिए रंगों से खेलने से पहले आप सिर और बालों में तेल लगा सकते हैं या कैप (टोपी) पहनकर उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं। केवल जैविक (ऑर्गेनिक) तरीके से बनाए रंगों का ही प्रयोग करें, सबसे अच्छे हैं प्राकृतिक सामग्रियों से बने रंग।
  • होली मनाने के बाद अपने आपको साधारण पानी और साबुन से साफ करें। कठोर साबुन, डिटर्जेंट या अन्य केमिकल का उपयोग करने से बचें, इनसे भी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। चेहरे की चमक दोबारा पाने के लिए शहद के साथ नींबू का रस मिलाकर प्रयोग करें या बेसन, हल्दी और दही का एक प्राकृतिक फेस पैक बनाकर लगाएं।
  • आंखों में रंग चले गए हों तो उन्हें ठंडे पानी से धो लें। चमकदार, स्वस्थ बालों को दोबारा पाने के लिए सिर पर अंडे की जर्दी या दही मलकर धो सकते हैं।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Health News In Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES201 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK