अगर आपका कोई जानने वाला बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) का शिकार है, तो आप इन तरीकों से उसकी मदद कर सकते हैं।

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हफ्तों-महीनों तक उदास या खुश रहना बाइपोलर डिसऑर्डर के हैं संकेत, जानें ऐसी स्थिति में क्‍या करें

अगर आपका कोई जानने वाला बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) का शिकार है, तो आप इन तरीकों से उसकी मदद कर सकते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: Jun 02, 2021 11:06 IST
हफ्तों-महीनों तक उदास या खुश रहना बाइपोलर डिसऑर्डर के हैं संकेत, जानें ऐसी स्थिति में क्‍या करें

बाइपोलर डिसऑडर (Bipolar Disorder) एक प्रकार का मानसिक विकार है। इस बीमारी से ग्रस्‍त व्‍यक्ति बहु‍त गंभीर मिजाज का हो जाता है और वह समझ नहीं पाता क्‍या करें क्‍या न करे। यानी वह हमेशा एक प्रकार की दुविधा में रहता है और अक्‍सर उसके द्वारा किये गये काम पूरे नहीं हो पाते। कई बार लोगों को पहचानने में भी दिक्‍कत होती है। इस बीमारी से गस्‍त होने पर मरीज को दवाओं को साथ-साथ अपने नजदीकी दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों की बहुत जरूरत होती है। अगर आपका दोस्‍त या कोई जानने वाला भी बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित है तो आप उसके उपचार में उसकी मदद कर सकते हैं। आपके द्वारा दिये जाने वाले प्रोस्‍ताहन, मदद और देखभाल उसे वापस सामान्‍य स्थिति में आने में बहुत ज्‍यादा मदद करेगा। इस लेख में विस्‍तार से जानिए कि बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रस्‍त दोस्‍त की मदद कैसे करें।

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बाइपोलर डिसऑर्डर क्‍या है- What Is Bipolar Disorder 

बाइपोलर डिसऑर्डर यानी द्विध्रुवी विकार को मानसिक रोग के नाम से भी जाना जाता है। इससे ग्रस्‍त व्‍यक्ति बहुत ही गंभीर मिजाज का हो जाता है। इसका असर कई सप्ताह या महीनों या कई सालों तक रहता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रत्‍येक 100 में से 1 व्यक्ति इस मानसिक विकार से ग्रस्‍त होता है।

बाइपोलर शब्‍द दो शब्‍दों से मिलकर बना है जिसमें आदमी के मूड के दो रूपों को दिखाया गया है। पहला मूड का अचानक से अत्यधिक उच्च स्तर और दूसरा, अत्यधिक निम्न स्तर। व्‍यक्ति इन्‍हीं दोनों में उलझा रहता हैं। यानी, इस स्थिति में व्‍यक्ति कई हफ्तों या महीनों तक उदास या खुश रहता है। इस बीमारी के उच्‍च स्‍तर के होने पर दुखी रहना, ऊर्जा में कमी, इच्छा में कमी, आत्मविश्वास में कमी, आत्‍महत्‍या की इच्छा करना और चिड़चिड़ा होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं।

निम्‍न स्‍तर में होने पर बहुत अधिक खुशी, नींद की जरूरत घटना, बहुत अधिक बोलना, जोखिम लेना, अति आत्मविश्वास होना, बहुत अधिक जोश में रहना, आदि लक्षण दिखते हैं। यह महिलाओं और पुरुषों दोनों को किसी भी उम्र में हो सकता है।

कैसे करें दोस्‍त की मदद

इस बीमारी से ग्रस्‍त दोस्‍त की मदद करना बहुत मुश्किल होता है, क्‍योंकि अक्‍सर वह आपपर भी झुंझलाता है और गुस्‍सा करता है। लेकिन खुशी की बात यह है कि अगर इस बीमारी के उपचार के दौरान दवाओं के साथ-साथ आपका खुशनुमा साथ भी आपके दोस्‍त को मिल जाये तो उसे सामान्‍य होने में ज्‍यादा वक्‍त नहीं लगेगा और जल्‍द ही वह सामान्‍य स्थिति में आ जायेगा। 

बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में जानिए- Know About Bipolar Disorder 

इस बीमारी से ग्रस्‍त दोस्‍त की मदद करने से पहले इस बीमारी के लक्षणों और प्रकृति के बारे में जानकारी इकट्ठा कीजिए, जिससे कि आपको उसका व्‍यवहार अजीब न लगे और आसानी से आप उस माहौल को आसानी से संभाल लें।

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अपने दोस्‍त को सांत्‍वना दीजिए

इस मानसिक विकार से निपटने के लिए अपने दोस्‍त को हर कदम पर सांत्‍वना देते रहिये, अगर उसके द्वारा किया गया काम सही न हो तब भी उसकी तारीफ कीजिए। उसे हर समय प्रोत्‍साहित कीजिए। उसकी हर कदम और हर पल सहायता कीजिए, चाहे वह घर हो या कार्यालय। 

उसकी भावनाओं को समझिये

द्विध्रुवी विकार से ग्रस्‍त होने पर आदमी की मानसिक स्थिति भी बदल जाती है, ऐसे में उसकी भावनाओं को समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे वक्‍त पर अपने दोस्‍त की भावनाओं, उसकी अजीब हरकतों को समझकर आप अपने दोस्‍त की मदद कर सकते हैं। 

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धैर्य बहुत जरूरी है

बाइपोलर डिसऑर्डर के उपचार में बहुत अधिक समय लग सकता है, ऐसे में आपका धैर्य ही आपका साथी होता है। क्‍योंकि अक्‍सर आप अपने दोस्‍त के अटपटे व्‍यवहार से अपना धैर्य खो देते हैं और गुस्‍सा हो जाते हैं। ऐसे में खुद पर काबू रखकर उसके लिए पूरा वक्‍त निकालिए।

द्विध्रुवी विकार से ग्रस्‍त व्‍यक्ति को दवा से ज्‍यादा प्‍यार और मदद की जरूरत होती है। अगर इसमें आप अपने दोस्‍त की हर कदम पर मदद करते हैं तो उसे ठीक होने में ज्‍यादा समय नहीं लगेगा।

यह लेख गौतमबुद्ध युनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी के विभागाध्‍यक्ष डॉक्‍टर आनंद प्रताप सिंह से हुई बातचीत पर आधारित है।

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