Hartalika Teej Fast In Hindi: हरतालिका तीज भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। हरतालिका तीज को बूढ़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर सास अपनी बहुओं को सुहाग का सिंधौरा देती हैं। ऐसी मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं यदि यह व्रत करती हैं तो उन्हें मनचाहा वर प्राप्त होता है, वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। कहा जाता है कि माता पार्वती और भगवान शिव की कृपा से महिलाओं का सौभाग्य और भी बढ़ता है। यह व्रत निर्जला माना जाता है और काफी कठिन भी होता है। इसलिए इसे सही विधि और नियमों के साथ करना जरूरी है। अक्सर पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं इस बात को लेकर उलझन में रहती हैं कि व्रत कैसे करना है और इसका सही तरीका क्या है। इस लेख में हम आपको हरतालिका तीज व्रत रखने और इसे पूर्ण करने की संपूर्ण जानकारी दे रहे हैं।
हरतालिका तीज व्रत कैसे रखते हैं- Hartalika Teej ka Vrat Kaise Rakhte Hain
1. सबसे पहले आपको 'उमामहेश्वरसायुज्य सिद्धये हरितालिका व्रतमहं करिष्ये' मंत्र का जाप करना है। मंत्र का संकल्प करते हुए मकान को मंडल आदि से सुशोभित करके आपको पूजा की सामग्री एकत्र कर लेनी है।
2. ध्यान रखें कि हरतालिका पूजन प्रदोष काल के दौरान किया जाता है। यह दिन और रात के मिलने का समय होता है। शाम के समय नहा धोकर साफ-सुथरे कपड़े पहनें। उसके बाद पार्वती माता और भगवान शिव की स्वर्णयुक्त प्रतिमा बनाकर विधि-विधान के साथ पूजा करें। कोशिश करें कि बालू रेत और काली मिट्टी की मदद से शिव-पार्वती और गणेश भगवान की प्रतिमा खुद बनाएं।
3. उसके बाद सुहाग की पिटारी में सुहाग की सामग्रियों से अच्छी तरह सजाएं। सुहाग की सामग्रियों से पार्वती माता को अर्पित करें।
4. भगवान शिव को आपको धोती और अंगोछा अर्पित करना है। उसके बाद धोती अंगोछा और सुहाग की सामग्री किसी ब्राह्मण को दे दें।
5. अब पार्वती-शिव की पूजा आराधना करें और हरतालिका व्रत की कथा सुनें। उसके बाद सबसे पहले गणेश जी की आरती करनी है। उसके बाद भगवान शिव और फिर माता पार्वती की आरती करें। उसके तुरंत बाद आपको भगवान की परिक्रमा लगानी है। पूरी रात जगराता करके सुबह के समय पूजा करें। उसके बाद माइसे भी पढ़ें: व्रत की सरगी में खाएं ये 5 चीजें, दिन भर भूख और प्यास से नहीं होगी परेशानी
6. भोग लगाने के लिए आपको ककड़ी-हलवा का प्रयोग करना है। आपको उपवास भी ककड़ी खाकर ही तोड़ना है।
7. अंत में आपको सारी सामग्री और इकट्ठा करके किसी पवित्र नदी या किसी कुंड में विसर्जित कर देना है।
हरतालिका तीज के व्रत की पूजा की सामग्री में क्या सामग्री में क्या-क्या शामिल करें?
पूजन के लिए आपको गीली काली मिट्टी या बालू रेत की आवश्यकता होती है। इसके अलावा हरतालिका पूजन के लिए बेलपत्र, शमी पत्र, अकाव का फूल, धतूरे का फल और फूल, केले का पत्ता, तुलसी, मंजरी, नाडा, वस्त्र, जनैव, सभी प्रकार के फल और फूल पत्ते।
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पार्वती माता के सुहाग की सामग्री में क्या-क्या शामिल करें?
बिंदी, काजल, कुमकुम, मेंहदी, चूड़ी, कंघी, माहौर, बिछिया और बाजार से मिलने वाला सुहाग का पुड़ा। आपको पूजा के लिए कलश, दीपक, घी-तेल, कपूर, कुमकुम और श्री फल भी शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, आपको पंचामृत के लिए शहद, घी, दही, शक्कर, दूध लेना चाहिए।
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