डायबिटीज, दाद और एलर्जी से छुटकारा दिलाती हैं करेले की पत्तियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 29, 2017
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Quick Bites

  • डायबिटीज के लिए करेले की पत्तियां कारगर इलाज है।
  •  इसकी पत्तियां खाने से शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है।
  • इसमें विसिन और पॉलीपेप्टाइड पी जैसे गुण पाये जाते हैं

करेला खाने में तो कड़वा होता है लेकिन यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही हेल्‍दी होता है। यह एक औषधीय पौधा है। इसकी तासीर खुश्क होती है। करेला जितना गुणकारी होता है उससे कहीं ज्‍यादा उसकी पत्तियां फायदेमंद होती है। आज हम आपसे करेला नहीं बल्कि इसकी पत्तियों के बारे में बात करेंगे। इस लेख के माध्‍यम से हम आपको बता रहे हैं करेले की पत्तियों के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के बारे में

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करेला की पत्‍ती के फायदे

  • डायबिटीज के लिए करेले की पत्तियां कारगर इलाज है। इसकी पत्तियां खाने से शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। क्योंकि इसमें विसिन और पॉलीपेप्टाइड पी जैसे गुण पाये जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखता है।
  • ऐसी बहुत सारी छोटी छोटी बीमारियां हैं जो मूलतः बैक्टीरिया, फंगल या वायरस से होती हैं। करेले के पत्तिओं में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं जो किसी भी तरह के त्वचा और पेट सम्बन्धी बीमारी नहीं होने देती हैं।
  • करेले की पत्तियों में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स अच्छी मात्रा में पाया जाता है। जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत होती है। विटामिन ए और विटामिन सी अच्छे एंटी ऑक्सीडेंट्स हैं जबकि विटामिन बी आपके शरीर के चयापचय ठीक रखता है।
  • करेले की पत्तियों में प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ और निरोगी रखने के गुण होते हैं। इसीलिए यह एचआईवी के वायरस को खत्म करने में सहायक है। क्योंकि एचआईवी का वायरस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को खत्म कर देता है। जिससे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
  • रोजाना करेले की पत्तियां खाने से किसी भी तरह के कैंसर को ठीक किया जा सकता है। कैंसर से कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। करेले की पत्तियाँ में मौजूद एंटी- कैंसर कम्पोनेंट्स कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं में ग्लूकोस का पाचन रोक देते हैं जिससे इन कोशिकाओं की शक्ति ख़त्म हो जाती है और कैंसर की संभावना भी।
  • करेले की पत्तियों के सेवन से मलेरिया का उपचार करने में मदद मिलती है। क्योंकि जितने भी कड़वे पत्तों वाले साग होते हैं वे मलेरिया जैसे रोगों से बचते हैं। इसमें एंटी इन्फ्लैमटॉरी और अस्ट्रिन्जन्ट के गुण होते हैं जिससे मलेरिया के बुखार को कम किया जा सकता है।
  • करेले के पत्ते का रस और गुलाब जल मिलाकर लगाने से दाद तुरन्त ठीक हो जाता है। क्योंकि इसमें शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लमेशन गुण होते हैं जो दाद का संक्रमण बढ़ने नहीं देता है।

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