जानिए क्यों जरूरी है कान की मैल साफ करना, ये हैं 4 सुरक्षित तरीके

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 22, 2017
Quick Bites

  • कान में बनने वाले मैल मृत चमड़ियों और रोंये से बनते हैं।
  • निश्चित अंतराल पर कान के मैल की सफाई करना जरूरी है।
  • कान के बाहरी हिस्से में हजारों ग्रंथियां होती हैं।

शरीर में कई ऐसे संवेदनशील अंग होते हैं जिनमें हल्की सी चोट या खरोंच गंभीर परिणाम ला सकती है। कान को भी शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में गिना जाता है। कान में नली के बाहरी हिस्से में हजारों ग्रंथियां होती हैं। इसी के पास कान का वैक्स बनता है, जिसे समय-समय पर निकालने की हिदायत आपको भी बड़े बुजुर्गों से मिली होगी। कुछ लोग मानते हैं कि ये वैक्स या मैल कान में कीड़ों को घुसने से रोकती है और कुछ लोगों का मानना है कि ये कान के अंदरूनी हिस्से को नरम रखती है। असल में कान में बनने वाला ये मैल मृत चमड़ियों, कान के अंदर टूटे रोंये और कई अन्य चीजों से मिलकर बनता है। 

कान की सुरक्षा की दृष्टि से मैल बनना अच्छा है क्योंकि ये कान को कई जीवाणुओं के इंफेक्शन से बचाता है। लेकिन इस वैक्स की अधिकता भी ठीक नहीं है क्योंकि ये कान के छेद को बन्द कर देते हैं और ज्यादा समय हो जाने पर ये कान में कई अन्य तरह की बीमारियां उत्पन्न करने लगते हैं। इसलिए एक निश्चित अंतराल पर कान के मैल की सफाई करना जरूरी है। कान को साफ करने के लिए बाजार में प्लास्टिक की तीलियों पर रूई लगे इयर बड्स मिलते हैं मगर इनसे सिर्फ कान के दीवारों की सफाई आसान रहती है। कान के मैल इन बड्स से कई बार और गहरे चले जाते हैं। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से मैल साफ करने के लिए कई और अच्छे तरीके हैं।

गुनगुना पानी

कान की सफाई के लिए सबसे पहले थोड़ा सा पानी गुनगुना कर लें। ध्यान दें पानी ज्यादा गरम न हो नहीं तो ये कान की त्वचा को नुक्सान पहुंचा सकता है। इस गुनगुने पानी में रूई का फाहा डुबाकर इसके सहारे पानी कान में डालें। पानी को कुछ समय तक कान में रहने दें और फिर कान को उलटकर पानी कान से बाहर निकाल दें। इस तरीके से कान के अंदर की वैक्स फूल जाती है और बाहर निकल आती है। इसके बाद इयर बड्स की सहायता से कान की दीवारों को हल्के हाथ से साफ कर सकते हैं।

हाइड्रोजन परऑक्साइड

हाइड्रोजन परऑक्साइड कान की सफाई के लिए जाना जाता है। कान पर इसका सीधा प्रयोग करने से बचना चाहिए। सफाई के लिए कान में डालने से पहले इसे पानी में डाइल्यूट कर लेना चाहिए। ये कान के मैल को फुलाकर बाहर कर देता है और कान को पूरी तरह साफ कर देता है। अगर काम में किसी तरह का जख्म या संक्रमण है तो आपको हाइड्रोजन परऑक्साइड का प्रयोग नहीं करना चाहिए। तब आपके लिए गुनगुने पानी का विकल्प ज्यादा अच्छा है।

तेल

वैक्स अगर बहुत सूख गया हो तो सफाई से पहले तेल डालकर इसे फुला लेना चाहिए। फूला हुआ वैक्स आसानी से बाहर निकल आता है जबकि सूखा वैक्स दीवारों पर चिपका रहता है। इसके लिए  गुनगुने तेल को कान में डाल कर थोड़ी देर इंतजार करें फिर तेल को बाहर पलट दें। इससे कान का मैल निकल जाएगा। बाद में बड्स की सहायता से दीवारों पर चिपकी मैल को भी साफ कर लें। इसके लिए आप सरसों का तेल, मूंगफली का तेल या जैतून का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्याज का रस

प्याज का रस कान के लिए फायदेमंद होता है और ये वैक्स भी आसानी से साफ कर देता है। इसके लिए सबसे पहले प्याज को भून लें या भाप में पका लें जिससे इसका रस आसानी से निकल जाए। अब इस रस को कान में डालकर थोड़ी देर रुकें फिर पलट दें। बड्स से हल्के से सफाई कर लें। आपका कान साफ भी हो जाएगा और ये सुरक्षित भी है।

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