Fat to Fit: भारी-भरकम शरीर से मस्कुलर बॉडी बनाने तक जानें इंडिया के सबसे फिट डॉक्टर की फिटनेस जर्नी

128 किलो की भारी-भरकम शरीर से परेशान होकर इस डॉक्टर ने लिया फिट होने का संकल्प और बनाई बेहतरीन मस्कुलर बॉडी। जानें डॉ. आशीष जैन की फिटनेस जर्नी।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Oct 07, 2020Updated at: Oct 07, 2020
Fat to Fit: भारी-भरकम शरीर से मस्कुलर बॉडी बनाने तक जानें इंडिया के सबसे फिट डॉक्टर की फिटनेस जर्नी

मोटे लोगों को सबसे भारी काम लगता है वजन घटाना। ज्यादातर लोगों की शिकायत ये रहती है कि उनके पास अपनी फिटनेस और सेहत का ख्याल रखने के लिए समय नहीं है। लेकिन क्या आप एक मशहूर ऑर्थोपीडिक सर्जन से भी ज्यादा बिजी रहते हैं? अगर जवाब है नहीं, तो समझ लें कि फिटनेस के लिए टाइम न निकाल पाना आपके दिमाग का खोजा हुआ एक बहाना है। आमतौर पर डॉक्टर्स दिन के 12 से 15 घंटे  साल के 365 दिन काम करते हैं इसलिए उनके पास कई बार ठीक से खाना खाने और सोने का समय भी नहीं बचता है। ऐसे में डॉ. आशीष जैन की फिटनेस जर्नी आपके लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है। डॉ. आशीष जैन एक मशहूर आर्थोपीडिक सर्जन हैं और मुंबई में रहते हैं। आज से कुछ सालों पहले तक उनका वजन 128 किलो था और उनका भारी-भरकम शरीर उनके लिए बोझ जैसा था। लेकिन डॉ. आशीष ने न सिर्फ अपना वजन घटाने का बल्कि अपनी बॉडी को मस्कुलर बनाने का फैसला लिया और आज वो इंडिया के सबसे फिट और मस्कुलर बॉडी वाले डॉक्टर्स में गिने जाते हैं। वो फिट इंडिया मूवमेंट के ब्रांड एंबेसडर भी हैं। आइए आपको बताते हैं डॉ. आशीष की फिटनेस जर्नी के बारे में।

40 साल की उम्र में हुआ फिट होने का जुनून

डॉक्टर्स की जिंदगी में अपने लिए सोचने के लिए बहुत समय नहीं होता है। यही कारण है कि 40 साल की उम्र तक डॉ. आशीष का ख्याल कभी इस तरफ नहीं गया कि उन्हें अपना वजन घटाना चाहिए। डॉ. आशीष बताते हैं कि वो बचपन से ही ओवर-वेट हैं। भारी शरीर के कारण उन्हें कई तरह की असुविधाएं होती थीं। एक दिन उन्हें इसका एहसास हुआ और उन्होंने सोचा कि फिट होना कितना सुखद हो सकता है। इसके बाद उन्होंने 40 की उम्र में फिट होने का संकल्प लिया और उसके लिए न सिर्फ समय निकाला बल्कि पूरे मन से मेहनत की। इसी का नतीजा है कि डॉ. आशीष की बॉडी आज किसी एक्टर या बॉडी बिल्डर के जैसी फिट और मस्कुल है। ऑर्थोपीडिक सर्जन और कंसल्टैंट होने के नाते डॉ. आशीष को इस बात की जानकारी तो थी ही कि मसल्स कैसे काम करती हैं, कैसे खुद को रिपेयर करती हैं, अच्छी मसल्स के लिए क्या खाना चाहिए आदि। लेकिन सही वर्कआउट और उसके लिए समय निकालना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

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शुरुआती दिनों में बहुत संघर्ष करना पड़ा

डॉ. आशीष की पुरानी फोटोज देखकर आप इस बात का अंदाजा सहज ही लगा सकते हैं कि उनके लिए शुरुआती दिनों में ये फिटनेस जर्नी कितनी मुश्किल रही होगी। डॉ. आशीष बताते हैं कि शुरुआती दिनों में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें मजा आने लगा। बिजी होने के बावजूद डॉ. आशीष वर्कआउट के लिए समय निकालते थे और धीरे-धीरे ये उनकी आदत में शामिल हो गया। इसके बाद वर्कआउट उनकी लाइफस्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया।

सुबह निकालते हैं वर्कआउट के लिए समय

डॉ. आशीष शाम की बजाय सुबह के समय वर्कआउट करना पसंद करते हैं, ताकि शाम का समय वो अपनी फैमिली को दे सकें। बचपन से वो फूडी रहे हैं, इसकी गवाह उनकी जवानी के दिनों की तस्वीरें हैं। लेकिन बाद में डॉ. आशीष ने डाइट के महत्व को समझा। वो कहते हैं कि फिटनेस प्लान में 80% डाइट और 20% एक्सरसाइज का महत्व होता है। इसलिए फिट रहने के लिए हेल्दी फूड्स खाना भी बहुत जरूरी है। वो फिटनेस के लिए 4 महत्वपूर्ण सूत्र बताते हैं-

  • संगत या स्थिरता (फिट रहने का जुनून)
  • स्मार्ट वर्कआउट
  • अनुशासनात्मक डाइट
  • और बेहतर होने की चाहत

फिट रहने का अर्थ क्या है?

डॉ. आशीष के अनुसार फिट रहने के मायने सभी के लिए अलग होते हैं। उनके अनुसार फिटनेस का अर्थ ये 5 बातें हैं।

  • जब भी मैं शीशे के सामने जाउं तो मैं खुद को प्रसन्न महसूस कर सकूं।
  • दिनभर शरीर में असीमित एनर्जी लेवल बना रहे।
  • शरीर में बिना किसी दर्द के अपना काम आसानी से कर सकूं
  • किसी तरह की कोई बीमारी या समस्या न हो।
  • मुझसे मिलने वाले लोगों को पॉजिटिव एनर्जी महसूस हो।

लोगों के टोकने से परेशान न हों

डॉ. आशीष कहते हैं कि फिटनेस के लिए हेल्दी डाइट के साथ-साथ रेगुलर एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। आपको ये सुनने के लिए भी तैयार रहना चाहिए कि आप स्वार्थी और अपने आप में खोए रहने वाले व्यक्ति हैं। लोग आपसे बार-बार कहेंगे कि "ऐसा क्यों कर रहे हो?", "इसकी क्या जरूरत है?" लेकिन जब रिजल्ट दिखने लगेगा तो यही लोग पूछेंगे कि, "ये आपने कैसे किया?" इसलिए अपना फोकस बनाए रखें और फिटनेस की अपनी भूख को जगाए रखें। लाइफ एंजॉय करने के लिए है लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि फिट रहने से ज्यादा बेहतर कोई दूसरी फीलिंग नहीं है।

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