एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं की एक्सपायरी डेट से जुड़ी जरूरी बातें, जो आपको जाननी चाहिए

दवा खरीदने से पहले एक्सपायरी डेट जरूर चेक कर लें। वरना इससे आपके सेहत को कई गंभीर नुकसान हो सकते हैं।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: May 18, 2021
एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं की एक्सपायरी डेट से जुड़ी जरूरी बातें, जो आपको जाननी चाहिए

क्या आप दवा लेने से पहले चेक करते हैं एक्सपायरी डेट (expired medicine)? क्या आपने कभी एक्सपायरी डेट वाली दवा खाई है? अगर बिना डेट चेक किए आपने दवा खरीदी हो, तो हो सकता है आपने एक्सपायरी डेट की दवा खा ली है। इसलिए दुकानों पर दवा या फिर अन्य कोई वस्तु खरीदने से पहले एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। हम में से बहुत से लोग एक्सपायरी डेट को लेकर ज्यादा सतर्क नहीं होते हैं। कुछ लोग तो यह कहकर भी दवा खा लेते हैं कि "अरे इससे कुछ नहीं होता है" क्या सच में एक्सपायरी डेट की दवा खाने से कुछ नहीं होता है? वहीं, बहुत से ऐसे लोग हैं, जो एक्सपायरी डेट देखकर दवा खरीदते हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो एक्सपायरी डेट नजदीक होने पर उस दवा का इस्तेमाल करना छोड़ देते हैं। क्या आप भी ऐसा करते हैं? क्या आपको लगता है कि एक्सपायरी डेट की दवा जहर के समान होती है? अगर आपके मन में इस तरह के सवाल उठ रहे हैं, तो चलिए विस्तार से जानते हैं दवाओं की एक्सपायरी डेट क्या है और कैसे सूझबूझ से खरीदें दवा? 

एक्सपायरी डेट की दवा का क्या है अर्थ?

आगे बढ़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर दवा के एक्सपायर होने का अर्थ क्या है? जब आप दुकान या फिर किसी मेडिकल स्टोर पर जाते हैं और वहां खाद्य पदार्थ से जुड़ी चीजें खरीदते हैं, तो उसके पैकेट पर 2 तारीखें अंकित होती हैं। पहली डेट मैन्युफैक्चारिंग यानी दवा किस तारीख को तैयार की गई है। दूसरी तारीख दवा की एक्सपायरी डेट यानी इस दवा का प्रभाव खत्म होने की गारंटी कब तक है। बहुत से ऐसी दवाइयां है, जिसका समय के साथ-साथ शरीर पर असर भी बदलता रहता है। इसलिए दवाओं के पैकेट पर एक्सपायटी डेट अंकित होता है।

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क्या एक्सपायरी डेट की दवा है नुकसानदेय?

FDA (US Food and Drug Administration) के मुताबिक, रासायनिक संचरना में बदलाव होने की वजह से एक्सपायर हो चुकी दवाओं का इस्तेमाल करना हमारे लिए जोखिम भरा हो सकता है। कुछ एक्सपायर हुई दवाओं के इस्तेमाल से बैक्टीरिया विकसित होने का खतरा रहता है। साथ ही ये दवाइयां सब-प्रोटेंट एंटीबायोटिक्स संक्रमण को रोकने में विफल हो सकती हैं, जिसकी वजह से कई गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। समाप्ति तिथि बीत जाने के बाद दवा सुरक्षित और प्रभावी साबित नहीं हो सकता है। इसलिए एक्यपायर हुई दवाइयों का सेवन न करें। 

इतना ही नहीं सीडीसी की रिपोर्ट है एक्सपायरी डेट की दवाओं की वजह से हर साल करीब 50,000 से अधिक छोटे बच्चे गंभीर हालात में अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। दरअसल, कई घरों में एक्सपायरी डेट की दवा रखी रहती है। इन दवाइयों तक अगर बच्चे पहुंच जाए, तो उसे अपने मुंह में ले सकते है, जिसकी वजह से बच्चों की हालत गंभीर हो सकती है। इसलिए एक्सपायरी डेट की दवाओं को घर में रखने से न सिर्फ आपको नुकसान हो सकता है, बल्कि इससे आपके घर में मौजूद बच्चे, जानवर भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। 

क्या कहते हैं एलोपैथी डॉक्टर

नोएडा के एलोपैथी डॉक्टर अंकुर गुप्ता का कहना है कि दवाइयों का इस्तेमाल एक्सपायरी डेट के अंदर ही करना चाहिए। अगर हम एक्सपायरी डेट बीत जाने के बाद दवाई का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। एक्सपायर हुई दवा का केमिकल कम्पोजिशन कम हो जाता है। मान लीजिए आपको इंफेक्शन है और आपने एंटीबायोटिक दवाई ली जो एक्सपायर है, तो हो सकता है दवाई प्रभावी न हो। ऊपर से आपका इंफेक्शन धीरे-धीरे बढ़ता चला जाए। ऐसे मामलों में कभी-कभी स्थिति काफी गंभीर हो जाती है। इसके अलावा एक्सपायर हुई दवाइयों के सेवन से सबसे ज्यादा किडनी और लिवर प्रभावित होता है। क्योंकि जब हम दवाई खाते हैं, तो यह दवाई लिवर और किडनी के द्वारा ही बाहर निकलती हैं। ऐसे में एक्सपायर हुई दवाइयों को खाने से किडनी और लिवर डैमेज हो सकता है। डॉक्टर अंकुर गुप्ता बताते हैं कि एक्सपायरी डेट की दवाई लेने से कुछ लोगों को स्किन एलर्जी भी हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि एक्सपायर होने के बाद दवाइयों का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दें। 

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दवा एक्सपायर होने पर क्या करें? 

दवा एक्सपायर होने पर उसे सबसे पहले फेंके। एक्सपायर हुई दवाइयों को डिस्पोज किस तरह से करना है, वह दवाइयों के पैकेट पर अच्छे से लिखा गया होता है। इसलिए पैकेट पर लिखे दिशा-निर्देशों को अच्छे से पढ़ें। क्योंकि कुछ दवाइयों को कूड़ेदान में फेंकने से उसका इस्तेमाल अगर जानवरों द्वारा किया जाए, तो वह उनके लिए घातक हो सकता है। इसलिए ऐसी दवाइयों को फ्लश में बहाने के लिए कहा जाता है। वहीं, कुछ दवाइयों को अच्छे से पैक करके कूड़ेदान में फेंकना आपके लिए बेहतर होता है।

एक्सपायर होने से कितने दिन पहले या बाद नहीं खा सकते हैं दवा?

इस बारे में डॉक्टर अंकुर गुप्ता का कहना है कि एक्सपायरी डेट के खत्म होते ही दवाई का इस्तेमाल करना बंद कर देना चाहिए। अगर आप ये सोचते हैं कि यह दवाई इस महीने एक्सपायर हुई है, तो इस्तेमाल करने से कुछ नहीं होगा, तो यह आपके लिए रिस्की हो सकता है। इसलिए कोशिश करें कि एक्सपायरी मंथ में ही दवाई को फेंक दें। मान लीजिए दवाई के पैकेट पर एक्सपायरी डेट मई लिखा हुआ है, तो आप इस दवाई का इस्तेमाल 31 मई तक कर सकते हैं। इसके बाद इसे फेकना ही आपके लिए बेहतर होगा।

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एक्सपायर होते ही कौन सी दवाएं जहर हो जाती हैं?

मेडिकल एसोसिएशन द्वारा कुछ ऐसी दवाइयों का सुझाव दिया गया है, जिसे एक्सपायर होने के बाद बिल्कुल भी इस्तेमाल में नहीं लेना चाहिए। इसमें इंसुलिन, नाइट्रोग्लिसरीन, आंखों में डालने वाले ड्रॉप्स का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अगर आपको दवा की बोतल में सफेद रुई जैसा कुछ तत्व नजर आए, तो बेहतर है उस दवा की बोतल को फेंक दें। 

क्या आयुर्वेदिक दवाइयों की होती है एक्सपायरी डेट?

हम में से कई लोगों को लगता है कि आयुर्वेदिक दवाओं की एक्सपायटी डेट नहीं होती है। लेकिन ऐसा नहीं है आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार कई ऐसी दवाइयां होती हैं, जिसकी एक्सपायरी डेट होती है। इसलिए अगर आप कोई आयुर्वेदिक दवा खरीद रहे हैं, तो एक बार एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक दवाओं के साइड-इफेक्ट्स को देखते हुए दवाओं पर एक्सपायरी डेट की लिस्ट जारी की थी, जिसमें दवाओं के नाम के साथ-साथ एक्सपायरी डेट थी। इन दवाओं में से कुछ दवाएं निम्न हैं। पूरी लिस्ट देखने के लिए आप आयुष मंत्रालय साइट पर देख सकते हैं।

  • आईड्रॉप और अर्क का इस्तेमाल 1 साल से अधिक न करें।
  • आयुर्वेदिक दंतमंजन, लेप, कान-नाक का ड्रॉप, क्वाथ जैसी आयुर्वेदिक दवाईयों का इस्तेमाल 2 साल से ज्यादा न करें।
  • तेल शर्करा, शर्बत, प्रवाही क्वाथ, खांड, पाक, गुड़ और काष्ठ औषधि गुटिका जैसी दवाइयों का इस्तेमाल 3 साल से ज्यादा न करें।
  • गुग्गुल, गुटिका, भस्म जैसी आयुर्वेद दवाओं का इस्तेमाल 5 सालों से ज्यादा न करें।
  • मंडूर लौहा, रस योग, पिष्टी, रस्म भष्म का इस्तेमाल 10 साल से अधिक न करेँ।

क्या होम्योपैथी दवाइयों की होती है एक्सपायरी डेट?

नोएडा के होम्योपैथिक डॉक्टर अभितीज का कहना है कि होम्योमैथिक दवाइयों का एक्सपायरी डेट नहीं होता है, क्योंकि ये दवाइयों एल्कोहल से तैयार की जाती हैं। एल्कोहल कभी एक्सपायर नहीं होता है। लेकिन एक्सजाइज डिपार्टमेंट का इस बारे में कहना है कि एल्कोहल बेस्ड दवाइयों का भी एक्सपायरी डेट होना चाहिए। इस वजह से अब कई होम्योपैथिक दवाइयों का इस्तेमाल 5 साल से अधिक समय तक नहीं किया जाता है। इसके अलावा कुछ दवाइयों के ज्यादा लंबे समय तक रखने से फंगस हो सकता है। इन फंगस युक्त दवाइयों के इस्तेमाल से आपको पेट से जुड़ी समस्या हो सकती हैं।

एक्सपायरी डेट की दवाई खाने से होने वाली समस्याएं?

  • डायरिया और पेट से जुड़ी समस्या होने का खतरा
  • किडनी और लिवर को कर सकता है डैमेज
  • एलर्जी की हो सकती है शिकायत। जैसे- रैशेज, खुजली इत्यादि
  • बच्चों को पहुंचा सकता है नुकसान
  • बीमारियों पर कर सकता है बुरा असर

ध्यान रखें कि दवाई को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट चेक करना आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है। अगर दवाई एक्सपायर हो जाए, तो उसे सही तरीके से डिस्पोज करें। घर में एक्सपायरी डेट की दवा न करें। ऐसा करके आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

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