ज्यादा चॉकलेट खाने से हड्डियां होती हैं कमजोर, डायबिटीज और एलर्जी का भी खतरा

बच्चे जब रोते हैं, तो आप अक्सर उन्हें चॉकलेट देकर शांत कर देते हैं। खुशी के मौके पर ढेर सारी चॉकलेट्स, चॉकलेट केक, चॉकलेट ड्रिंक्स आदि का सेवन करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि बहुत ज्यादा चॉकलेट खाने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। जी हां, ज्

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jan 10, 2019
ज्यादा चॉकलेट खाने से हड्डियां होती हैं कमजोर, डायबिटीज और एलर्जी का भी खतरा

बच्चे जब रोते हैं, तो आप अक्सर उन्हें चॉकलेट देकर शांत कर देते हैं। खुशी के मौके पर ढेर सारी चॉकलेट्स, चॉकलेट केक, चॉकलेट ड्रिंक्स आदि का सेवन करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि बहुत ज्यादा चॉकलेट खाने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। जी हां, ज्यादा चॉकलेट का सेवन हड्डियों के लिए नुकसानदायक है। इसके अलावा ये कई तरह की बीमारियां भी दे सकता है। आइए आपको बताते हैं क्या हैं चॉकलेट खाने के बड़े नुकसान।

चॉकलेट हड्डियों को कमजोर करता है

लगातार चाकलेट खाने से हड्डियां कमजोर होती हैं। इससे आस्टियोपोरोसिस (ऐसी बीमारी जिसमें हड्डियों में मौजूद पोषक तत्व व खनिज की मात्रा कम हो जाती है और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं) और हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। वैसे देखें तो चाकलेट में मौजूद फ्लैवोनॉल और कैल्शियम हड्डियों के लिए फायदेमंद होते हैं मगर इसमें ऑक्सलेट भी होता है। यह ऑक्सलेट कैल्शियम और शुगर को सोखता है। इस तरह शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होती है और हड्डियां कमजोर होती हैं।

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ज्यादा चॉकलेट खाने से बच्चों को हो सकता है डायबिटीज

चॉकलेट खाने से शरीर में ग्लूकोज की मात्रा भी बढ़ जाती है, जो एक तरह से कम उम्र में मधुमेह को न्यौता देने जैसा है। इके अलावा इसके सेवन से मस्तिष्क की कार्यक्षमता धीमी हो सकती है। टाइप 2 डायबटीज सिर्फ बड़े लोगों को ही नहीं होती बल्कि छोटे बच्‍चों को भी होती है। जो बच्‍चे ज्‍यादा चॉकलेट खाते है उन्‍हे टाइप 2 डायबटीज होने का खतरा काफी ज्‍यादा रहता है क्‍योंकि चॉकलेट खाने से उनके शरीर की इंसुलिन पर प्रभाव पड़ता है।

मोटापे का कारण बन सकती है चॉकलेट

चॉकलेट खाने से आपका मोटापा भी बढ़ सकता है। चॉकलेट और जंक फूड्स के कारण आजकल छोटे-छोटे बच्चे कम उम्र में ही मोटापे का शिकार हो रहे हैं। चॉकलेट को एक लिमिट से ज्‍यादा खाने पर मोटापा बढ़ता है और शरीर फूल जाता है। चॉकलेट को अपनी पसंद बनाइये न कि उससे पेट भरिये, अगर चॉकलेट का सेवन कम मात्रा में किया जाये यानी सप्‍ताह में एकाध बार तो इस तरह की समस्‍याओं से बचा जा सकता है।

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ज्यादा पेशाब की समस्या

एक मिल्‍क चॉकलेट में 5 मिग्रा. कैफीन होती है जिसके शरीर में पहुंचने पर बच्‍चे को पेशाब ज्‍यादा लगती है। कई बार तो बच्‍चों को हर दस मिनट में पेशाब जाना पड़ता है। अगर ऐसा है तो बच्‍चे को मिल्‍क चॉकलेट कतई न दें।

चॉकलेट बन सकती है 'आदत'

अगर आपका बच्‍चा नियमित रूप से चॉकलेट का सेवन करता है तो उसे इसकी लत लग सकती है और न मिलने पर उसे बैचेनी के साथ - साथ कई अन्‍य दिक्‍कतें हो सकती है। इसलिए, जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे पर निगाह रखें कि वह एक हद से ज्‍यादा चॉकलेट आदि का सेवन न करें। जब बच्‍चे चॉकलेट खाने के आदी हो जाते है तो उन्‍हे हेल्‍दी फूड अच्‍छा नहीं लगता है और वह हर बार भूख लगने पर चॉकलेट खाने की ही मांग करते हैं। इससे उनके स्‍वास्‍थ्‍य में लगातार गिरावट आती है और उनके शरीर का विकास रूक जाता है।

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