कहीं आप भी तो नहीं हो रहे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के शिकार, जानें इसके लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 28, 2018
Quick Bites

  • कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से सबसे ज्यादा युवा और बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।
  • कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के कई लक्षण हो सकते हैं।
  • कंप्यूटर पर काम करते समय बीच में ब्रेक लेना बहु जरूरी है।

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से सबसे ज्यादा युवा और बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। आंखों की इस बीमारी की सबसे बड़ा कारण मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी आदि हैं। इन डिवाइसेज के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से आजकल कम उम्र में ही बच्चों और युवाओं के आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है। स्क्रीन को लगातार घूरते रहने से आंखों की ये बीमारी हो जाती है। नेत्र चिकित्सकों के मुताबिक जो लोग रोज 3 घंटे से ज्यादा समय तक रोज कंप्यूटर, मोबाइल, लैपटॉप या टीवी के सामने गुजारते हैं, उन्हें कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

क्यों होता है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम

जब हम स्‍क्रीन को लगातार देखते हैं तो आंखों को झपकाना भूल जाते हैं। जिसके चलते आंखों में पानी आने लगता है, आंखों में जलन और आंखें लाल भी हो जाती है। साथ ही अगर लैपटॉप का इस्‍तेमाल करते समय हम सही पॉश्‍चर में नहीं बैठते हैं तो भी कमर और गर्दन में दर्द होने लगता है। और अगर आपको चश्‍मा पहनने की जरूरत हैं और आप इसे नहीं पहनते हैं तो भी आंखों पर असर पड़ता है। कंप्यूटर पर काम करते समय बीच में ब्रेक लेना बहु जरूरी है। इससे आंखों को आराम मिलता है। इसके अलावा कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार देखने की बजाय अपनी पलकों को झपकाते रहें।

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कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षण

कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के कई लक्षण हो सकते हैं। अगर आप कंप्यूटर या लैपटॉप पर ज्यादा देर तक काम करते हैं या आप जरूरत से ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, तो इन लक्षणों के दिखने पर सावधान हो जाएं।

  • आंखों का सूखापन
  • आखें लाल हो जाना
  • आंखों में जलन की समस्या
  • धुंधला दिखाई देना
  • एक से ज्यादा दिखाई देना
  • सिर दर्द की समस्या
  • काम खत्म करने के बाद भी धुंधला दिखाई देना
  • आंखों से पानी निकलना
  • आंखों में दर्द के साथ सूजन

कैसे करें कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से बचाव

  • अगर आपको चश्‍मा लगाने की जरूरत हो तो इसे जरूर लगाएं।
  • अच्‍छी रोशनी में कंप्‍यूटर का इस्‍तेमाल करें।
  • साथ ही कंप्‍यूटर को सही दूर पर रखना चाहिए।
  • ड्राइनेस ज्‍यादा होने पर ल्‍यूब्रिकेशन वाले आई-ड्रॉप्‍स को इस्‍तेमाल करें।
  • कंप्यूटर स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं, तो हर 1 घंटे के बाद उठकर थोड़ी दूर टहल लेना चाहिए।
  • कंप्यूटर पर काम करने के समय बैठने की स्थिति ठीक होनी चाहिए।
  • एक ही मुद्रा में लगातार न बैठैं। बीच-बीच में मुद्रा को बदलते रहें।
  • आंखों को आराम देने के लिए एक घंटे बाद अपनी आंखों को कंप्यूटर से हटा लेनी चाहिए। साथ ही दो मिनट के लिए अपनी आंखें बंद करके बैठना चाहिए।

खतरनाक है ड्राई आई की समस्या

ड्राई आई का मतलब वैसी आंख से है, जिसमें आंसू ग्रंथियां पर्याप्त आंसू का निर्माण नहीं कर पातीं। यह समस्या सर्दी के मौसम में ज्यादा होती है। यह बीमारी कनेक्टिव टिशू के डिसऑर्डर होने से होती है। समस्या अधिक होने की स्थिति में आंख की सतह को नुकसान पहुंच सकता है और इसके परिणामस्वरूप अंधेपन की समस्या भी हो सकती है।

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