दोस्तों के दबाव में कहीं गलत आदतें तो नहीं सीख रहा आपका बच्चा, ऐसे लगाएं पता

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 14, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • पीयर प्रेशर टीनएजर्स से जुड़ी एक प्रमुख समस्या है।
  • ज्यादा सख्ती से बच्चे हो जाते हैं खराब आदतों का शिकार।
  • दोस्तों के दबाव में बच्चे सीख जाते हैं गलत आदतें।

कहते हैं बच्चा जब पैदा होता है, तो उसका दिमाग बिल्कुल कोरा होता है। फिर वो अपने आस-पास की चीजों और लोगों को देखकर सीखता है और धीरे-धीरे अपने फैसले खुद करने लगता है। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे दोस्तों के दबाव में या दोस्तों को देखकर कुछ गलत आदतें सीख लेते हैं जैसे चोरी करना, झूठ बोलना, पॉर्न देखना, बहानेबाजी और गालियां। आइये आपको बताते हैं कि बच्चा अगर दोस्तों के दबाव में कुछ गलत आदतें सीखता है, तो किस तरह आप उसे समझा सकते हैं।

दोस्तों का दबाव या पीयर प्रेशर

पीयर प्रेशर टीनएजर्स से जुड़ी एक प्रमुख समस्या है। इस उम्र में बच्चों को दोस्तों की हर बात सही लगती है और वे बिना सोचे-समझे उनका अनुसरण करने लगते हैं। गलत संगति में पड़कर वे एल्कोहॉल, सिगरेट और ड्रग्स जैसी नुकसानदेह चीज़ों का सेवन शुरू कर देते हैं। इसके अलावा कई बच्चे गाली-गलौज, गंदी आदतें और बहानेबाजियां सीख जाते हैं। ज्यादातर बच्चे ये आदतें अपने परिवार और दोस्तों के बीच ही सीखते हैं क्योंकि बच्चे सबसे ज्यादा अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों से प्रभावित होते हैं इसलिए ऐसी कई तरह की आदतों का एक मात्र दोषी बच्चों को नहीं कहा जा सकता है। दोस्तों के दबाव को ही पीयर प्रेशर कहा जाता है।

इसे भी पढ़ें: टीनएज में क्यों बढ़ जाती हैं बच्चों की मनमानी? जानें कैसे करें कंट्रोल

क्यों अपनाते हैं बच्चे गलत आदतें

जब घर में पेरेंट्स बच्चे के साथ ज़्यादा सख्ती बरतते हैं तो उनके मन में माता-पिता के प्रति विद्रोह की भावना पनपने लगती है। इससे वे दोस्तों के बीच जाकर उनके साथ अपने दिल की हर बात शेयर करने लगते हैं। जो प्यार और अपनापन उन्हें अपने घर पर मिलना चाहिए था, उसे वे दोस्तों के बीच महसूस करते हैं। इसी वजह से वे उनकी हर बात मान लेते हैं। कई बार माता-पिता इतने बिजी होते हैं कि वो बच्चों पर ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में बच्चे अकेलेपन में दोस्तों से ज्यादा घनिष्ठ हो जाते हैं और गलत बातें सीखना शुरू कर देते हैं।

क्या कर सकते हैं माता-पिता

अपने बच्चे के साथ नियमित रूप से बातचीत की आदत विकसित करें। अगर आप उसके हर व्यवहार पर बारीकी से गौर करेंगे तो आपको आसानी से कई ऐसे संकेत दिखाई देंगे, जिससे आपको यह अंदाज़ा हो जाएगा कि वह पीयर प्रेशर का शिकार हो रहा है। मसलन, बातचीत के दौरान हमेशा किसी एक दोस्त का नाम लेना और उसकी हर चीज़ की तारीफ करना, उससे अकसर अपनी तुलना करना आदि। अगर आपको अपने बच्चे के व्यवहार में ऐसी बातें नज़र आती हैं तो उसे प्यार से समझाएं कि हमें दूसरों की नकल नहीं करनी चाहिए। उसके दोस्तों पर नज़र रखें और उनके पेरेंट्स से भी दोस्ती बढ़ाएं। अगर कोई समस्या हो, तब भी उसे शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश करें।

इसे भी पढ़ें:- बच्चों के असभ्य व्यवहार और गलत आदतों से हैं परेशान, तो ये हैं 5 टिप्स

बच्चों को अपने फैसले खुद लेना सिखाएं

बच्चे अक्सर दोस्तों के प्रेशर में कई ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिनकी वजह से उन्हें जीवन भर पछताना पड़ सकता है। आमतौर पर कैरियर के चुनाव में बच्चों में पियर प्रेशर बहुत देखने को मिलता है। दोस्तों के दबाव में वो अपनी पढ़ाई और कैरियर में ऐसी चीजें चुन लेते हैं जिनमें उनका दिल नहीं लगता मगर उनका दोस्त ऐसा कर रहा होता है इसलिए वो भी ऐसा ही करते हैं। लेकिन बच्चों में शुरुआत से ही अगर स्वतंत्र चुनाव करने की आदत विकसित करेंगे तो बच्चे बाद में इस तरह की गलतियां नहीं करेंगे।

बच्चों को कभी भी मारें नहीं

मां-बाप बचपन से ही छोटी-छोटी गलतियों पर उन्हें मारते-पीटते हैं जिनसे बच्चे बाद में अपनी गलतियों को आपसे बताने से डरते हैं और झूठ बोलना सीख जाते हैं। अगर बच्चा कोई गलती करता है तो उसे समझाएं और जरूरी हो तो थोड़ा सा डांटें मगर बच्चों को मारना-पीटना ठीक नहीं है। अगर बच्चा कोई बड़ी गलती भी करता है तो उसे अन्य प्रकार से सजा दी जा सकती है जैसे उसकी पॉकेट मनी में थोड़ी कमी करके या वीकेंड पर कहीं बाहर न जाने की सजा आदि।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Parenting Tips In Hindi

Loading...
Write Comment Read ReviewDisclaimer
Is it Helpful Article?YES131 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर