अर्थराइटिस की समस्याओं को करना चाहते हैं दूर, डाइट में शामिल करें ये नट्स और बीज

अर्थराइटिस की परेशानियों को कम करने के लिए आप कई तरह के बीजों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ हेल्दी नट्स और बीज के बारे में-

 
Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Dec 30, 2022 17:00 IST
अर्थराइटिस की समस्याओं को करना चाहते हैं दूर, डाइट में शामिल करें ये नट्स और बीज

अधिकतर नट्स और बीजों में पॉलीअनसैचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। यह हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मददगार होता है। साथ ही नट्स और बीजों के सेवन से हार्ट डिजीज के जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा नट्स और बीज में प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर रूप से मौजूद होते हैं। वहीं, कुछ नट्स और बीजों में अल्फा लिनोलेइक एसिड (एएलए) की अधिकता होती है, जो एक तरह का एंटी-इंफ्लेमेटरी ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है। ऐसे में नट्स और बीजों के सेवन से अर्थराइटिस की समस्याओं को कम किया जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे हेल्दी नट्स और बीजों के बारे में बताएंगे, जो अर्थराइटिस की परेशानी को कम करने में असरदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ हेल्दी नट्स और बीजों के बारे में - 

अर्थराइटिस के लिए नट्स और बीज

अर्थराइटिस की समस्याओं को कम करने के लिए आप कुछ हेल्दी नट्स और बीजों का सेवन कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

अखरोट

अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का काफी अच्छा स्त्रोत होता है, जो गठिया के बढ़ते जोखिमों को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। दरअसल, अखरोट का सेवन करने से आपके शरीर में सी-रिएक्टिव प्रोटीन (सीआरपी) का स्तर कम होता है, जिससे हार्ट डिजीज और गठिया के बढ़ते जोखिमों को कम करने में मदद मिलती है। अर्थराइटिस की परेशानियों को कम करने के लिए आप इसे नींबू के रस के साथ खा सकते हैं। इसके अलावा सलाद के रूप में या फिर इवनिंग स्नैक्स के तौर पर अखरोट का सेवन किया जा सकता है। 

मूंगफली

मूंगफली में प्रोटीन (लगभग 7 ग्राम) की अधिकता होती है। यह अधिकांश नट्स से काफी सस्ता हैं, इसलिए अगर आप गठिया की परेशानियों को कम करना चाहते हैं तो मूंगफली का सेवन करें। यह आपके लिए बजट फ्रेंडली है। दरअसल, मूंगफली में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्त्रोत है, जो कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हार्ट डिजीज के खतरों को कम करने में असरदार है। नियमित रूप से मूंगफली का सेवन करने से आप गठिया के लक्षणों को कम कर सकते हैं। इसका सेवन आप कई तरह से कर सकते हैं। 

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बादाम

बादाम में अन्य नट्स की तुलना में फाइबर की अधिकता होती है, जो वजन को कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकता है। इसके अलावा बादाम में गुड फैट होता है, जो अर्थराइटिस रोगियों के लिए हेल्दी मानी जाती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स,  विटामिन ई जैसे तत्व भरपूर रूप से मौजूद होते हैं, जो अर्थराइडिट में होने वाली सूजन, दर्द को कम करने में असरदार है। 

पिस्ता

पिस्ता खाने से शरीर के बढ़ते वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। यह गठिया से पीड़ित रोगियों के लिए काफी अच्छा नट्स माना जाता है। इसके सेवन से जोड़ों से दबाव को कम किया जा सकता है। इसके अलावा पिस्ता एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी आपकी मदद करता है। यह पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स का उच्च स्त्रोत है। 

अलसी के बीज

अर्थराइटिस की परेशानियों को दूर करने के लिए अलसी के बीजों को सेवन किया जा सकता है। इसमें मौजूद गुण आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मददगार है। साथ ही यह डायबिटीज और हार्ट डिजीज के जोखिमों को कम कर सकता है। अगर आप अर्थराइटिस की समस्याओं को कम करना चाहते हैं तो अलसी का नियमित रूप से सेवन करें। 

चिया बीज

चिया सीड्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है। साथ ही यह फाइबर का भी काफी अच्छा स्त्रोत है, जो अर्थराइटिस की समस्याओं को कम करने में प्रभावी है। अगर आप अर्थराइटिस में होने वाली सूजन और दर्द को कम करना चाहते हैं तो चिया सीड्स का नियमित रूप से सेवन करें। 

अर्थराइटिस की परेशानियों को कम करने के लिए आप इन खास नट्स और बीजों का सेवन कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ रही है तो इस स्थिति में एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। 
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