एरोमाथेरेपी क्‍या है? जानें इसके स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 09, 2018
Quick Bites

  • तनाव और थकान को दूर कीजिए एरोमाथेरेपी से।
  • एरोमाथेरेपी में कई प्रकार के तेलों का प्रयोग होता है।
  • जैस्‍मीन, लेवेंडर, गुलाब का तेल प्रयोग किया जाता है।

तनाव और थकान को दूर करने के लिए एरोमाथेरेपी बहुत ही कारगर उपचार है। एरोमाथेरेपी दिमाग की कार्यविधि को बढ़ाता है, और इम्‍यून सिस्‍टम को भी मजबूत करता है। उपचार का यह तरीका बहुत पहले से प्रयोग में होता आया है।

दरअसल एरोमाथेरेपी प्राकृतिक तेलों के उपयोग से विभिन्‍न बीमारियों के उपचार की एक प्रभावकारी चिकित्सा पद्धति है। इसमें विभिन्न रोगों के इलाज के लिए औषधीय पौधों से निकाले गए सुगंधित तेल और अन्य पदार्थों का प्रयोग किया जाता है। यह विभिन्न रोगों से बचाव करता है शरीर को स्‍वस्‍थ बनाता है।

 

एरोमाथेरेपी क्‍या है?

एरोमाथेरेपी यानी सुगंध की चिकित्‍सा, इसमें सुगंध के माध्‍यम से रोगों का उपचार किया जाता है। इसके प्रयोग से शरीर को किसी प्रकार की एलर्जी नहीं होती है, यानी यह शरीर को नुकसान पहुंचाये बिना बीमारियों से बचाता है। इसमें खुश्‍बू के द्वारा हमारे मस्तिष्क, स्नायुतंत्र, आदि को फायदा पहुंचाता है। इसमें खुशबू वाली वस्तुएं शामिल की जाती हैं, जैस - पेड़-पौधे, पत्तियां, जड़, तना, फल-फूल, कुछ सब्जियां, कुछ मसाले आदि।

इसमें डिस्टीलेशन पद्धति द्वारा फल, फूलों का अर्क निकाला जाता है, इसी अर्क को 'एसेन्शियल ऑयल' कहते हैं और हर अर्क की अपनी अलग खुशबू और पहचान होती है। इन्हीं अर्क से दिए जाने वाले उपचार को एरोमाथेरेपी कहते हैं। एरोमा थेरेपी में प्रयोग होने वाले मुख्य ऑयल में बेंजाइन, यूकेलिप्टस, जिरेनियम, लेवेंडर, गुलाब, वर्गमोट, जैस्‍मीन आदि प्रमुख हैं।

एरोमाथेरेपी के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

तनाव से बचाये

फूलों की खुश्‍बू अपने से तनाव अपने आप दूर हो जाता है। तनाव से बचने के लिए यह बहुत ही अच्‍छा उपचार है। यदि आप अक्‍सर तनाव और अवसाद से ग्रस्‍त रहते हैं तो अरोमा थेरेपी आपके लिए बहुत ही लाभदायक उपचार हो सकता है। इस उपचार के दौरान आपको कुछ पल के लिए सुकून और शांति मिलेगी ही साथ ही सुगंधित फूलों के साथ तेल की मालिश से आपका तनाव पलभर में छूमंतर हो जायेगा। इसलिए तनाव से ग्रस्‍त होने पर इस प्रक्रिया को आजमायें। 

शरीर में ऊर्जा का संचार

एरोमाथेरेपी से पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और शरीर एक्टिव हो जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के एक रिपोर्ट के मु‍ता‍बिक एरोमाथेरेपी मानव मस्तिष्क में तत्काल बदलाव ले आती है। इसके अनुसार खुश्‍बू न केवल मन की स्थिति को बदलता है साथ में सुकून देता है और शरीर को ऊर्जावान बनाता है। हमारे मस्तिष्क में इस गंध को पहचानने वाले न्यूरोन्स होते हैं, ये न्‍यूरोन्‍स जब सुगंध के कारण मस्ति‍ष्‍क को एनर्जेटिक बनाते हैं।

त्‍वचा में निखार

एरोमाथेरेपी कई प्रकार की त्‍वचा की समस्‍याओं का उपचार कर चेहरे पर निखार लाता है। झाइयों और आंखों के नीचे काले घेरे होने पर एरोमाथेरेपी प्रयोग कीजिए। यह चेहरे से कील मुहांसों को भी दूर करता है। त्‍वचा पर होने वाली खुजी और घमौरियों से भी एरोमाथेरेपी बचाता है।

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अन्‍य फायदे

एरोमाथेरेपी एक प्रकार का प्राकृतिक उपचार है जिसके कई फायदे हैं। खासी होने पर, कब्‍ज की शिकायत होने पर, पाचन क्रिया सुधारने के लिए, इम्‍यून सिस्‍टम को सुचारु करने के लिए एरोमाथेरेपी बहुत ही फायदेमंद है। इसमें प्रयोग किये जाने वाले तेल और फूल शरीर को निरोगी बनाते हैं।

एरोमाथेरेपी की जानकारी इकट्ठा कर आप इसे आसानी से घर पर आजमा सकते हैं। लेकिन इसे आजमाने से पहले एक बार इसके बारे में जानकारी अवश्‍य कर लें। 

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