इस तरह तकिया लगाकर सोते हैं तो हो जाएं सावधान, तेजी से बढ़ेगा मोटापा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 21, 2018
Quick Bites

  • तकिया बहुत पतला होने पर सांस की नली थोड़ी बंद हो जाती है।
  • हार्ड तकिया लगाकर सोने पर बॉडी को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता।
  • ज्यादा ऊंचा तकिया इस्तेमाल करने से ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता है।

सोते समय तकिया तो अधिकतर लोग लगाते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो तकिया लगाना पसंद नही करते। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे स्वास्थ्य के लिये तकिया लगाना फायदेमंद हैं या नुकसानदेह। आइये आपको बताते हैं कि क्या है इसकी सच्चाई। विशेषज्ञों के अनुसार मोटा या पतला तकिया आपको कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स दे सकता है। आइये बताते हैं कि तकिया लगाते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना होगा।

तकिये से होने वाली समस्याएं

  • बहुत हार्ड तकिया लगाकर सोने पर बॉडी को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता। सिर पर दबाव भी पड़ता है। इससे सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या हो सकती है।
  • ज्यादा सॉफ्ट तकिए का यूज करने पर बॉडी पॉश्चर बिगड़ता है। ऐसे में गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक लाइन में नहीं रहते, जिसके कारण गर्दन में दर्द की प्रॉब्लम हो सकती है।
  • अगर तकिया बहुत मोटा हो तो गर्दन चिन की तरफ झुक जाती है। इससे खर्राटे आने की प्रॉब्लम हो सकती है। ऐसे ही तकिया बहुत पतला होने पर सांस की नली थोड़ी बंद हो जाती है, जिससे खर्राटे आते हैं।
  • कई लोग तकिए के कवर काफी समय तक बिना धोए इस्तेमाल करने से उसमें बैक्टीरिया हो जाते हैं। इससे चेहरे पर पिंपल्स हो सकते हैं। इसके अलावा ये कई और भी बीमारियां दे सकता है।
  • ज्यादा ऊंचा तकिया इस्तेमाल करने से ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से नहीं हो पाता है। ऐसे में स्किन और पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। डॉक्टरो का कहना है कि ज्यादा ऊंचा तकिया इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

जानें, क्‍यों जरूरी है तकिया

इस भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान के बाद रात को चैन की नींद बहुत जरूरी है। चैन की नींद के लिए एक आरामदायक और मुलायम तकिया होना भी बहुत जरूरी है। कुछ लोगों को तो तकिये के बिना नींद ही नहीं आती है और कुछ ऐसे भी हैं जो सोते वक्‍त एक से अधिक तकिये का प्रयोग करते हैं। यानी तकिया आपके बिस्‍तर का ऐसा हिस्‍सा है जिससे चैन और सुकून की नींद आती है। लेकिन लोग तकिये के रखरखाव पर बिलकुल भी ध्‍यान नहीं देते हैं। इसलिए तकिया बीमारी का कारण भी बनने लगता है। इस लेख में विस्‍तार से जानते हैं कि तकिया समय पर न बदलने से कौन सी बीमारी हो सकती है।

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कैसे करें तकिये की जांच?

अगर आपका तकिया पुराना हो चुका है और उसका प्रयोग अब नहीं हो सकता है तो पहले उसकी जांच कर लें। पहले यह देख लें कि पहले जिस स्थिति में आपने उसे खरीदा था क्‍या अब भी वह वैसा है या नहीं। यह भी देखिये कि तकिये में कितनी गंदगी जम चुकी है। इसके अलावा आपको सोते वक्त परेशानी तो नहीं होती, यानी आपकी रात करवट बदलते हुए तो नहीं बीत रही। सुबह उठने पर अगर आपको गर्दन में अकड़न, पीठ, टखनों या घुटनों में दर्द महसूस हो तो समझ जाइये कि अब तकिये को बदलने की जरूरत है।

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